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गर्दन और कमर दर्द को न करें नजरअंदाज, आपकी इन 5 गलतियों की वजह से बढ़ सकता है पेन

गर्दन और कमर का दर्द पूरी जीवनशैली पर असर डालता है.

गर्दन और कमर का दर्द पूरी जीवनशैली पर असर डालता है.

Causes of Neck and Back Pain: गर्दन और कमर का दर्द भले ही देखने में सामान्य हो लेकिन यह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी ह ...अधिक पढ़ें

Causes of Neck and Back Pain: बदलती जीवनशैली के बीच कई बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं. उनमें से ही है बैक और नेक पेन की समस्या. पिछले कुछ समय में कमर दर्द और गर्दन दर्द की शिकायतों के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं. सर्दियों में कमर और गर्दन की समस्या काफी बढ़ जाती है. अक्सर लोग मानते हैं यह दर्द सर्दी की वजह से हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं है. कमर और गर्दन दर्द के पीछे मौसम ही नहीं बल्की आपका गलत पोस्चर भी होता है. नेक और बैक पेन को सर्वाइकल पैन कहा जाता है जो आमतौर पर गलत तरह से बैठने की वजह से होता है.

ओनली माय हेल्थ के अनुसार गर्दन और कमर का दर्द भले ही देखने में सामान्य हो लेकिन यह शारीरिक स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है. कोरोना महामारी के बाद से वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन की वजह से लोग घंटो एक ही पोजिशन में बैठ कर काम करते हैं. आइए जानते हैं कि हमारी डेली रूटीन के वे कौन कौन से काम हे जिनकी वजह से बैक और नेक पेन की समस्या कई गुन बढ़ सकती है…

एक ही पोजीशन में काफी देर तक बैठना
गर्दन और कमर के दर्द से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि कभी भी एक ही पोजिशन पर या फिर एक ही जगह पर काफी देर तक बैठने से बचना चाहिए. एक ही तरह बैठने से रीढ़ पर जोर पड़ता है और दर्द शुरू हो जाती है. इसके साथ ही जब आप कुर्सी या सोफे पर बैठे हो तो पीठ पर सहारा के लिए जरूर रखें.

नींद की खराब मुद्रा
ठीक से नींद न आने का भी शरीर पर गहरा असर पड़ता है. नींद न आने से तनाव, चिंता जैसी समस्याएं बढ़ने लगती है. सोने के गलत तरीके से भी गर्दन और कमर दर्द बढ़ जाता है. सोने के गलत तरीके से गर्दन के आसपास मांसपेशियों में अकड़न पैदा हो जाती है. इससे कई बार गर्दन मोड़ने में भी तेज दर्द होने लगता है. बैक पेन से बचने के लिए ज्यादा मुलायम बिस्तर का इस्तेमाल न करें और पैरों को सीधा रखने की कोशिश करें.

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स्पाइनल ऑस्टियोआर्थराइटिस
आस्टियोआर्थराइटिस को हम स्पाइनल आर्थराइटिस के नाम से भी जानते हैं. यह रोग सीधे तौर पर रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करता है. इसलिए जरूरी है कि आप अपनी रीढ़ की हड्डी का विशेष ध्यान रखें. उम्र बढ़ने के साथ साथ रीढ़ की हड्डी पर नैरो होने लगती है जिससे जोड़ों के बीच में दवाब पड़ने लगता है. इन्ही दबाव की वजह से सूजन आ जाती है और पीठ में दर्द होने लगता है. यदि आप ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो आपको नियमित रूप से व्यायाम करना जरूरी है.
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वेट लिफ्टिंग
सिर्फ गलत तरीके से बैठने और सोने से ही पीठ या कमर में दर्द नहीं होता. यदि आप ज्यादा भार उठाते हैं तो इससे भी नेक और बैक पेन की समस्या कई गुना बढ़ जाती है. अपनी पीठ और गर्दन को सहारा देने के लिए हमेशा कुर्सी, स्टूल या कंबल का प्रयोग करें. यदि आपको भारी सामान उठाने से गर्दन या पीठ में दर्द हो रहा है, तो आप किसी आर्थोपेडिक एक्सपर्ट से सलाह ले सकते हैं. एक्सपर्ट की सलाह से आप रीढ़ की हड्डी के दर्द को दूर करने के लिए किसी तरह के जेल का इस्तेमाल कर सकते हैं.

खिचाव या मोच
यदि आपको पहले कभी पीठ दर्द या गर्दन दर्द नहीं हुआ और अब अचानक शुरू हुआ है तो बहुत अधिक संभावना है कि यह किसी तरह का खिचाव हो या फिर मोच हो. कुछ मामलों में गलत तरीके से एक्सरसाइज या फिर व्यायाम करने से पीठ या गर्दन में खिचाव का कारण हो सकता है. कभी भी एकदम से भारी सामान या शरीर को झटका देने से बचना चाहिए. यदि आप अपनी गतिविधियों को सीमित करते हैं और बैक और नेक पेन की समस्या से बचा जा सकता है.

Tags: Health, Lifestyle

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