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टीनएज में हो सकती है बच्‍चों की भूख कम, जानें क्‍या है कारण

टीनएज में भूख न लगने के पीछे हो सकती हैं कई समस्‍याएं, image-canva

टीनएज में भूख न लगने के पीछे हो सकती हैं कई समस्‍याएं, image-canva

बच्चों के लिए टीनएज बेहद महत्वपूर्ण होती है. इस उम्र में बच्चे कई तरह के बदलाव से गुजरते हैं जिसका असर शारीरिक और मानसि ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

टीनएज में बच्‍चों में होता है हार्मोनल चेंज.
किशोरावस्था में बच्‍चे खाने से कतराते हैं.
खाना कम खाने के पीछे हो सकता है मनोवैज्ञानिक कारण.

Why Children’s Appetite Less In Teenage – टीनएज में बच्‍चों में कई तरह के मानसिक और शारीरिक बदलाव होते हैं जैसे- मूड स्‍विंग्‍स,  हेयर ग्रोथ, अकेले रहना या कम बात करना आदि. ऐसा ही एक लक्षण है जो अक्‍सर टीनएजर्स को परेशान करता है वे है लॉस ऑफ एपेटाइट यानी भूख की कमी. इस अवस्‍था के दौरान बच्‍चा कई तरह के दबाव से गुजरता है जिसके कारण उसकी खाने-पीने में रुचि कम हो सकती है. कई बार बच्‍चे दूसरों को देखकर वेट मेंटेन करने के चक्‍कर में भी कम खाना खाने लगते हैं. कई मामलों में शरीर को प्रॉपर न्‍यूट्रीशियन न मिलने के कारण बच्‍चों को कई क्रोनिक हेल्‍थ इशूज का सामना भी करना पड़ जाता है. टीनएज में बच्‍चों की डाइट क्‍यों कम हो जाती है चलिए जानते हैं इसके कारणों के बारे में.

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अधिक स्‍ट्रेस होना
आठ से नौ साल की उम्र में बच्‍चा अधिक तनाव से गुजरता है. मॉमजंक्‍शन डॉट कॉम के अनुसार इस उम्र में बच्‍चों पर पढ़ाई, सीखने की अक्षमता, स्‍कूल की समस्‍याएं, घर का अस्‍वस्‍थ माहौल और माता-पिता के बीच झगड़े तनाव पैदा कर सकते हैं.

एंग्‍जाइटी और डिप्रेशन
कुछ टीनएजर्स एंग्‍जाइटी और डिप्रेशन का अनुभव भी कर सकते हैं. डिप्रेशन की वजह से भूख के पैटर्न में बदलाव हो सकता है. इस स्थिति में बच्‍चों के सोने के पैटर्न में बदलाव, स्‍कूल जाने में अरुचि, एक्टिविटीज में भाग न लेना या दोस्‍तों के साथ बात न करने की आशंका अधिक होती है.

ईटिंग डिसऑर्डर
अमेरिकन एकेडमी ऑफ चाइल्‍ड एंड अडोलसेंट साइकियाट्री के अनुसार टीनएज में एनोरेक्सिया नर्वोसा और बुलिमिया नामक दो खाने के विकार शरीर में बढ़ जाते हैं. जो बच्‍चे दुबला दिखने और स्लिम होने जैसी मनोवैज्ञानिक सोच रखते हैं उनमें ये विकार विकसित हो सकते हैं. ये समस्‍या लड़कों की अपेक्षा लड़कियों में अधिक देखी जा सकती है.


क्रोनिक हेल्‍थ इशूज
पुरानी हेल्‍थ कंडीशंस इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, अस्‍थमा या एडिसन रोग जैसी हार्मोनल स्थितियां टीनएजर्स में भूख की कमी का कारण बन सकती हैं. इसके अलावा किसी विशेष फूड आइटम से एलर्जी भी इस समस्‍या को बढ़ावा दे सकता है.

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गलत चीजों का सेवन
वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार टीनएज में कई बच्‍चे हानिकारक और खतरनाक मादक पदा‍र्थों का सेवन करने लगते हैं जिसके कारण भी बच्‍चों की भूख कम हो सकती है.
टीनएज में बच्‍चों में कई शारीरिक, मानसिक और सामाजिक बदलाव आते हैं. शरीर में होने वाले इन परिवर्तनों की वजह से बच्‍चों की भूख पहले की अपेक्षा कम हो सकती है. बच्‍चों में इस प्रकार की समस्‍या दिखाई देने पर चिकित्सक से संपर्क करें.

Tags: Health, Kids, Lifestyle, Parenting

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