होम /न्यूज /जीवन शैली /क्या आपके बच्चे को भी है मैथ से परेशानी ? कहीं डिसकैलकुलिया तो नहीं, जानें लक्षण और उपचार

क्या आपके बच्चे को भी है मैथ से परेशानी ? कहीं डिसकैलकुलिया तो नहीं, जानें लक्षण और उपचार

डिसकैलकुलिया से पीड़ित  बच्चों के मैथ्स को लेकर डर होने लगता है.  (Image Canva)

डिसकैलकुलिया से पीड़ित बच्चों के मैथ्स को लेकर डर होने लगता है. (Image Canva)

Children with dyscalculia: कुछ बच्चों को गणित से बहुत परेशानी होती है. उसे गणित का सामान्य जोड़-घटाव करने में भी दिक्कत ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

जब गणित में साधारण जोड़ घटाव करने से बच्चा घबराने लगे तो यह डिसकैलकुलिया के लक्षण हो सकते हैं
डिसकैलकुलिया वाले बच्चे यह भी बता नहीं पाता कि 6 बड़ा है या 8

Weak in Mathematics: अधिकांश लोग गणित का नाम सुनते ही हार मान लेते हैं और पहले ही जवाब दे देते हैं कि मेरा गणित बहुत कमजोर है. हालांकि कुछ लोगों में समस्या गंभीर होती है और सामान्य जोड़-घटाव में भी परेशानी होने लगती है. अगर यह परेशानी बच्चे में है तो वह उस बच्चे की कमजोरी नहीं है बल्कि यह एक बीमारी है जिसे डिसकैलकुलिया कहते हैं. इस बीमारी के कारण बच्चे साधारण जोड़-घटाव करने से भी डरने लगते हैं. इसके कारण वह अपने साथियों में अहसज होने लगते हैं और उन्हें एंग्जाइटी, डिप्रेशन जैसी समस्या भी हो जाती है. डिसकैलकुलिया एक लर्निग डिसेबिलिटी है, जिसके कारण तीन से चार फीसद बच्चों को मैथ के सवालों में बहुत अधिक परेशानी होती.

इसे भी पढ़ें- शुगर कंट्रोल करने के साथ कई अन्य बीमारियों का भी उपचार करता है कटहल, जानिए फायदे

डिसकैलकुलिया के कारण
मेडिकल न्यूज टूडे के मुताबिक डिसकैलकुलिया ब्रेन से संबंधित एक दशा है. यह पारिवारिक जीन के कारण भी हो सकता है लेकिन इसका कोई पक्का सबूत नहीं है. रिसर्च के मुताबिक यह पढ़ने-लिखने की बीमारी डिसलेक्सिया जैसी ही होती है, इसलिए इसे मैथ डिस्लेक्सिया भी कहते हैं. दरअसल, दिमाग के सरेब्रल कॉर्टेक्स की संचरना में बदलाव के कारण यह बीमारी होती है. कभी-कभी प्रिमैच्योर डिलीवरी, बचपन में दौरे पड़ना, जन्म के समय वजन में कमी भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं. डिसकैलकुलिया में दिमाग के एक हिस्से में जानकारी का संप्रेषण धीमा हो जाता है, जिससे बच्चा कैलकुलेट नहीं कर पाता. अमूमन इस डिसऑर्डर के साथ अन्य डिसऑर्डर भी होते हैं. इसके साथ अटेंशन डिफीसीट हाइपरएक्टिविटी डिसॉर्डर (एडीएचडी) हो सकता है.

डिसकैलकुलिया के लक्षण
इस बीमारी में बच्चा अंको को जोड़ने के दौरान लगातार भटक जाता है. अन्य बच्चों की तुलना में डिसकैलकुलिया से पीड़ित बच्चा ऊंगली पर भी बहुत धीमा जोड़ता है. वह सामान्य अंकों को भी सही से नहीं जोड़ पाता है. वह यह भी बता नहीं पाता कि 6 बड़ा है या 8. जब भी अंकों को जोड़ने-घटाने की बात आती है बच्चा बहुत घबरा जाता है और उसे एंग्जाइटी होने लगती है. सामान्य जोड़, घटाव, गुणा भाग उसे समझ में नहीं आता. यहां तक कि ग्राफ के माध्यम से भी समझाया जाता तो भी वह नहीं समझ पाता.

उपचार क्या है
जब भी बच्चे को सामान्य अंक से भी परेशानी हो तो उसके मैथ टीचर से बात करें और जानकारी लेकर यह समझने की कोशिश करें कि कहीं बच्चे को डिसकैलकुलिया तो नहीं. यदि लगने लगे कि बच्चे में डिसकैलकुलिया के लक्षण हैं तो देर न करें. तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं, डॉक्टर बच्चे का साइकोएजुकेशनल टेस्टिंग करेंगे. इसमें बच्चे से सामान्य गणित से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे. इसके अलावा मानसिक परीक्षण भी किया जाएगा. जब डॉक्टर यह तय कर लेगा कि बच्चे को डिसकैलकुलिया है तो वह आगे का इलाज करेगा. इस तरह के बच्चे को ठीक करने के लिए लर्निंग स्पेशलिस्ट, एजुकेशनल साइकोलॉजिस्ट या न्यूरोसाइकोलॉजिस्ट के पास ले जाया जा सकता है.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें