• Home
  • »
  • News
  • »
  • lifestyle
  • »
  • HEALTH CLEAN THE KIDNEYS WITH THESE FIVE NATURAL METHODS STAY HEALTHY LIKE THIS MYUPCHAR PUR

इन 5 प्राकृतिक तरीकों से करें किडनी को साफ, ऐसे रहें हेल्दी

कुछ चीजों के ज्यादा सेवन से किडनी के खराब होने का डर होता है.

किडनी (Kidney) को स्वस्थ रखने के लिए विशेष प्रकार के आहार खाने और साथ ही हाइड्रेटेड रहने की जरूरत होती है.

  • Myupchar
  • Last Updated :
  • Share this:


    किडनी (Kidney)बहुत सारे महत्वपूर्ण काम करती है और यदि हम उन्हें स्वस्थ नहीं रखते हैं तो किडनी के फेल होने या किडनी के कैंसर (Cancer) का जोखिम हो सकता है. किडनी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कार्य है रक्त (Blood) को फिल्टर यानी साफ करना और गंदगी को बाहर निकालना है. myUpchar के अनुसार जब किडनी की बीमारी हो जाती है तो यह प्रभावी रूप से अवशिष्ट द्रव को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती जिससे शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बिगड़ जाता है. किडनी इसके अलावा भी कई महत्वपूर्ण कार्य करती है. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं क्योंकि उन्हें अपना काम करने के लिए एक निश्चित दबाव की आवश्यकता होती है. किडनी रेनिन नामक हार्मोन के जरिए आवश्यकतानुसार ब्लड प्रेशर को कम या बढ़ा सकती है. किडनी को स्वस्थ रखने के लिए विशेष प्रकार के आहार खाने और साथ ही हाइड्रेटेड रहने की जरूरत होती है. इन 7 चीजों का इस्तेमाल कर किडनी को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है.

    लहसुन : लहसुन का किडनी और अन्य अंगों पर सुरक्षात्मक प्रभाव पड़ता है. लहसुन के नियमित सेवन से किडनी, लिवर, हृदय और रक्त प्रवाह में लेड व कैडमियम को कम किया जा सकता है. लहसुन शरीर से अतिरिक्त सोडियम को खत्म करती है. साथ ही इसमें सक्रिय घटक एलिसिन में एंटी-इन्फ्लेमेटरी, एंटीबैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं.

    हल्दी : हल्दी में करक्यूमिन होता है जो कि क्रोनिक किडनी रोग का कारण बनने वाले अणुओं और एंजाइमों के प्रभाव को कम करता है. करक्यूमिन वास्तव में सभी प्रकार के रोगाणुओं के विकास और प्रसार को रोक देता है. जिन्हें पहले से ही किडनी की बीमारी है, उनके लिए यहां एक बात ध्यान देने योग्य है. हल्दी में उचित मात्रा में पोटैशियम होता है, जो आम तौर पर सोडियम के साथ मिलकर शरीर के द्रव स्तर को बनाए रखता है. किडनी की बीमारी से किडनी के लिए पोटैशियम को संतुलित रखना मुश्किल हो जाता है, इसलिए पीड़ितों को अक्सर इसके सेवन को सीमित करने के लिए कहा जाता है.

    अदरक : अदरक में जिंजरॉल नामक एक यौगिक होता है जो बैक्टीरिया के प्रसार को रोकता है. यह किडनी और लिवर को ज्यादा काम करने में मददगार होता है. अदरक स्वस्थ पाचन के लिए जाना जाता है और यह पूरे शरीर में सूजन और दर्द को कम करता है. क्रोनिक हाई ब्लड शुगर का किडनी पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है और अदरक का पाउडर इसे नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. इस कारण से नियमित रूप से अदरक का सेवन डायबिटीज वाले लोगों में किडनी की जटिलता को कम करने के लिए प्रभावी माना जाता है.

    सिंहपर्णी : myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला का कहना है कि सिंहपर्णी कई सौ सालों से शुगर, लिवर, किडनी और पेट के विकारों के उपचार के लिए एक औषधि के रूप में इस्तेमाल होता आ रहा है. इसकी जड़ें, पत्तियां और फूल सभी खाद्य हैं और अत्यधिक पौष्टिक गुणों से युक्त हैं. यह जड़ी-बूटी विटामिन ए, सी, डी और बी कॉम्प्लेक्स का एक समृद्ध स्रोत है. डंडेलियन रूट यानी सिंहपर्णी किडनी और लिवर दोनों को शुद्ध करने में मदद कर सकता है. इसका इस्तेमाल पीलिया, मुंहासे और एनीमिया के साथ-साथ किडनी और लिवर के विकारों के इलाज के लिए किया गया है.

    करौंदा : करौंदा यानी क्रैनबेरी का फल गुलाबी रंग का आकार में बहुत छोटा फल होता है और मीठा होता है. इसके सेवन की सलाह यूरिनरी ट्रैक्ट के संक्रमण वाले लोगों को दी जाती है, क्योंकि इसमें एक प्रकार का फाइटोन्यूट्रिएंट होता है, जिसे ए-टाइप प्रोएंथोसाइनिडिन कहा जाता है. यह बैक्टीरिया को यूरिनरी ट्रैक्ट और किडनी से चिपके रहने से रोकता है. करौंदा उनके रोजाना आहार के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें सोडियम, फास्फोरस और पोटेशियम भी कम हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, जोड़ों में दर्द की आयुर्वेदिक दवा और इलाज पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

    First published: