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पढ़ें: जब सर्दी जुकाम सताए, तो ये करें उपाय

तपती गर्मी में बारिश राहत तो लेकर आती है, लेकिन अपने साथ ही लेकर आती है कई बीमारियां भी।

तपती गर्मी में बारिश राहत तो लेकर आती है, लेकिन अपने साथ ही लेकर आती है कई बीमारियां भी।

तपती गर्मी में बारिश राहत तो लेकर आती है, लेकिन अपने साथ ही लेकर आती है कई बीमारियां भी।

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    नई दिल्ली। तपती गर्मी में बारिश राहत तो लेकर आती है, लेकिन अपने साथ ही लेकर आती है कई बीमारियां भी। थोड़ी सी भी लापरवाही से सर्दी-जुकाम, वायरल और बुखार जैसी बीमारियां घेर सकती हैं। ऐसे में अगर थोड़ी सी सावधानी बरती जाएं तो आप इन बीमारियों से बच सकते हैं।

    सर्दी-जुकाम में क्या करें

    बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा खतरा सर्दी जुकाम का होता है। वैसे तो ये आम सी बात है, लेकिन इसकी अनदेखी करना ठीक नहीं है, अगर बीमारी बढ़ गयी तो गंभीर ब्रोंकाइटिस एवं निमोनिया हो सकती है। सर्दी होने पर रोजाना दिन में 2 से 3 बार पानी का भाप लें। इस दौरान पानी, सूप एवं अन्य तरल पेय पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए। नमक मिले पानी का गार्गल करने और इकलिप्टस ऑयल से युक्त पानी का भाप लेने से काफी राहत मिलती है। सर्दी-जुकाम संक्रामक रोग है इसलिए पूरा ध्यान रखें कि घर के दूसरे लोग इसकी चपेट में ना आएं।

    कैसे बचें वायरल से

    बारिश के दिनों वायरल बुखार होना आम बात है। वायरल का लक्षण भी अन्य बुखार की तरह ही होता है। अचानक तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, सूखी तेज खांसी, जुकाम, गले में खराश, वायरल के सामान्य लक्ष्ण हैं। इस बुखार में कई बार कमर में भी दर्द होता है,  इसमें शरीर का तापमान 101 से 103 डिग्री या और ज्यादा हो जाता है। दवाईयां लेने पर ही बुखार कुछ समय के लिए उतरता है। कुछ वायरल बुखार तीन दिन में, कुछ पांच दिन में और कुछ सात दिन में उतरते हैं। वैसे सात दिन से अधिक दिनों तक बहुत कम वायरल बुखार रहते हैं।
    वायरल के इलाज के तौर पर सबसे जरूरी बुखार को कम रखना है। इसके लिए ठंडे पानी की पट्टी का इस्तेमाल करना चाहिए और डॉक्टर की सलाह पर दवाईयां लेनी चाहिए। इस बुखार में रोगी के शरीर में पानी की कमी हो जाती है इसलिए रोगी को पानी, गर्म सूप, गर्म दूध, जूस आदि का अधिक सेवन करना चाहिए और आराम करना चाहिए।

    कैसे बचें डेंगू के डंक से

    बारिश होते ही डेंगू मच्छर भी पनपते लगते हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा जरुरी है मच्छरों से बचना। अपने घरों के आसपास या घर में पानी बिल्कुल रुकने न दें। टूटे बर्तन या पुराने टायर वगैरह नष्ट कर देने चाहिएं, ताकि उनमें पानी ना रुक सके। हफ्ते में एक दिन कूलरों का पानी बदलकर सुखाना चाहिए। डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन के समय काटते हैं और रुके साफ पानी पर पैदा होते हैं। इसलिए मच्छर भगाने के उपाय दिन में भी करें।

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