गठिया की वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन की हो रही शिकायत, जानें आयुर्वेदिक उपाय

गठिया की वजह से जोड़ों में दर्द और सूजन की हो रही शिकायत, जानें आयुर्वेदिक उपाय
जब हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो गठिया का रूप ले लेता है. गठिया को रोकने या इसके दर्द से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं.

कार्टिलेज (Cartilage) जोड़ों (Joints) का एक नरम और लचीला उत्तक है. जब व्यक्ति चलता है तो जोड़ों पर दबाव पड़ता है. कार्टिलेज प्रेशर और शॉक को अवशोषित कर जोड़ों को बचाता है.

  • Last Updated: August 4, 2020, 4:23 PM IST
  • Share this:


हड्डियों (Bones) और जोड़ों (Joints) में होने वाला रोग आर्थराइटिस यानी गठिया (Arthritis) व्यक्ति को रोजमर्रा के कामों को करने में चुनौती पैदा कर सकता है. इस रोग में जोड़ों में दर्द, जकड़न और सूजन रहती है, जिससे चलने-फिरने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. यही नहीं ये सूजन गांठ का रूप भी ले सकती है जो ज्यादा तकलीफदायक साबित होती है. इन लक्षणों के अलावा गठिया होने पर प्रभावित अंग लाल पड़ सकते हैं. व्यक्ति घुटने, कूल्हे, कंधे, हाथ या पूरे शरीर के किसी भी जोड़ में गठिये का दर्द महसूस कर सकता है.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधिर के अनुसार, कार्टिलेज उत्तकों की मात्रा की कमी से कई प्रकार के गठिये होते हैं. कार्टिलेज जोड़ों का एक नरम और लचीला उत्तक है. जब व्यक्ति चलता है तो जोड़ों पर दबाव पड़ता है. कार्टिलेज प्रेशर और शॉक को अवशोषित कर जोड़ों को बचाता है. ऑस्टियो आर्थराइटिस और रुमेटी आर्थराइटिस, इन दोनों गठिया के प्रकारों में डॉक्टरों की सलाह से दवा लेना जरूरी है, लेकिन घरेलू उपचार और जीवनशैली में बदलाव भी इसके उपचार में महत्वपूर्ण हो सकते हैं. जहां पारंपरिक उपचार सूजन और बीमारी को नियंत्रित करने के लिए काम करते हैं, उसी बीच ऐसे प्राकृतिक उपचार हैं जो इसके इलाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.



myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि आधुनिक चिकित्सा के मुताबिक रक्त में यूरिक एसिड की ज्यादा मात्रा होने से यह रोग होता है. जब हड्डियों के जोड़ों में यूरिक एसिड जमा हो जाता है तो गठिया का रूप ले लेता है. गठिया को रोकने या इसके दर्द से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं.
तुलसी में गठिया को दूर करने वाले गुण

रोजाना कम से कम 3 से 4 तुलसी के पत्ते खाएं या इसकी चाय का सेवन करें, चौबीस घंटे के अंदर प्रभावित जोड़ों की सूजन कम हो जाती है. गठिया को दूर करने वाले गुण होने के कारण तुलसी का इसके उपचार में दुनियाभर में इस्तेमाल किया जाता है.

दर्द और सूजन से राहत देगी हल्दी

हल्दी में करक्यूमिन नाम का तत्व मौजूद होता है जो कि सूजन को कम करता है. यह तत्व ऐसे रसायनों के स्तर को कम करने में मदद करता है जो सूजन के लिए जिम्मेदार हैं. साथ ही यह हीलर (घावों का भरना) और एंटी-सेप्टिक भी है जो दर्द और सूजन से राहत देता है. पानी में 2-3 ग्राम हल्दी मिलाकर उबालें और ठंडा होने पर इसका सेवन करें.

सरसों के तेल से मालिश

सरसों का तेल लेकर अगर मालिश की जाए तो गठिया के दर्द और सूजन की तकलीफ दूर होगी. यह रक्त प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है. तेल मालिश अगर सोने जाने से पहले करेंगे तो अच्छे परिणाम मिलेंगे.

प्रभावी जड़ी-बूटी है लहसुन

लहसुन का सेवन गठिया के कारण हड्डियों में होने वाले बदलाव को रोकता है. रोजाना सुबह 3-4 लहसुन की कलियां खाने से सूजन और दर्द में राहत मिलेगी.

विषाक्त पदार्थों को हटाता है सेब का सिरका

एक कप गर्म पानी में एक चम्मच सेब का सिरका और शहद मिलाकर इस घोल को रोज सुबह पिएं. सेब का सिरका दर्द में तो राहत दिलाएगा ही, साथ ही जोड़ों और संयोजी उतकों में से विषाक्त पदार्थों को हटाने में भी मदद करता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, आर्थराइटिस की आयुर्वेदिक दवा और इलाज पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज