अनवांटेड प्रेगनेंसी से ही नहीं बचाती हैं गर्भनिरोधक गोलियां, बढ़ाती हैं लव हार्मोन भी

अनवांटेड प्रेगनेंसी से ही नहीं बचाती हैं गर्भनिरोधक गोलियां, बढ़ाती हैं लव हार्मोन भी
गर्भनिरोधक गोलियां

गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills)यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने वाली महिलाओं के रक्त में हार्मोन ऑक्सीटोसिन का स्तर बहुत अधिक होता है.

  • Last Updated: June 25, 2020, 6:19 AM IST
  • Share this:
गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills)यानी बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth Control Pills) लेने वाली महिलाओं के रक्त में हार्मोन ऑक्सीटोसिन का स्तर बहुत अधिक होता है. शोधकर्ताओं का कहना है कि गर्भनिरोधक गोलियां लेना मूड में बदलाव सहित कई दुष्प्रभावों से जुड़ा हुआ है. जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित हालिया अध्ययन बताता है कि बर्थ कंट्रोल पिल्स भावनात्मक जीवन को क्यों प्रभावित करती हैं. myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि हार्मोन शरीर में बनने वाले एक तरह के केमिकल होते हैं जो रक्त के माध्यम से अंगों और ऊतकों तक पहुंचते हैं. यह शरीर में धीरे-धीरे काम करते हैं और कई प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं. शरीर के बढ़ने, मेटाबॉलिज्म, यौन गतिविधियां, प्रजनन और मूड आदि क्रियाओं में हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं.

ऑक्सीटोसिन मानव व्यवहार को प्रभावित करने और सहानुभूति, प्रेम, उदारता, यौन आकर्षण को प्रेरित करता है. इसकी विशेषता के कारण इसे लव हार्मोन भी कहते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि महिलाओं में गर्भधारण को रोकने के लिए कई अलग-अलग तरीके मौजूद हैं, जिनमें से एक गर्भनिरोधक गोलियां भी हैं. ऑक्सीटोक्सीन केमिकल की मदद से बनता है. यानी दवा कंपनियां इसे बनाती हैं और प्रसव के दौरान इस्तेमाल के लिए बेचती हैं. इसे इंजेक्शन के तौर पर दिया जाता है. इससे प्रसव के दौरान आसानी रहती है. यह प्रसव के दौरान होने वाली ब्लीडिंग को कंट्रोल करता है. यही वजह है कि इसे लाइफ सेविंग ड्रग भी कहते हैं.

डेनमार्क के आरहस यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया कि 'ऑक्सीटोसिन शरीर में प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला हार्मोन है और इन्सान के सामाजिक व्यवहार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाता है. ऑक्सीटोसिन का लगातार उच्च होने का मतलब यह हो सकता है कि इसका स्त्राव सामान्य परिस्थितियों में नहीं हो रहा है.'



यह अध्ययन बताता है कि कुछ महिलाओं में बर्थ कंट्रोल पिल्स का इस्तेमाल करने पर घनिष्ठता, लगाव और प्यार जैसी भावनाएं क्यों बदल जाती हैं. निष्कर्षों के लिए, शोधकर्ताओं की टीम ने अमेरिका में 185 युवा महिलाओं के रक्त के नमूनों को इकट्ठा किया और उनका विश्लेषण किया. प्रतिभागियों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य के बारे में कई सवालों के जवाब दिए. कई महिलाओं ने अपने जीवन में किसी समय गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल किया है. इस अध्ययन में ऑक्सीटोसिन के स्तर में बदलाव के साक्ष्य सामने आए, जिसमें महिलाओं को एक बदले हुए मूड का अनुभव हुआ.
शोधकर्ताओं ने कहा कि चूंकि ऑक्सीटोसिन एक साथी के साथ लगाव के लिए महत्वपूर्ण है. इसलिए इसका लगातार उच्च स्तर महत्वपूर्ण है. न केवल महिला के लिए बल्कि रिश्ते के प्रति भावना के लिए भी.

अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार, 'मानव एक दूसरे के प्रति सहानुभूति दिखाते हैं, अकेलेपन से डरते हैं और समुदाय की तलाश करते हैं. ये सभी मस्तिष्क के ऑक्सीटोसिन के स्राव से प्रेरित हैं. ऑक्सीटोसिन के स्तर में बहुत छोटा बदलाव भी इन्सान की भावनाओं और दूसरों के प्रति उसके बर्ताव जैसे बातचीत के तरीकों को भी प्रभावित करेगा.'

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गर्भनिरोधक इंजेक्शन क्या है, प्रकार, लाभ और नुकसान पढ़ें।

न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज