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Dengue Platelet Transfusion: डेंगू के मरीजों को कब पड़ती है प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत? यहां समझें पूरा गणित

डेंगू से संक्रमित होने पर व्यक्ति के ब्लड का प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है.

डेंगू से संक्रमित होने पर व्यक्ति के ब्लड का प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है.

Dengue Platelet Transfusion Update: डेंगू के मरीजों का प्लेटलेट काउंट तेजी से कम हो जाता है, जिसकी वजह से कई बार उन्हें ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

डेंगू फीवर संक्रमित मच्छर के काटने से इंसानों में फैलता है.
डायबिटीज के मरीजों के लिए डेंगू जानलेवा हो सकता है.

Dengue Causes, Symptoms, Treatment: पिछले करीब एक महीने से देश के कई राज्यों में डेंगू (Dengue) का कहर चल रहा है. बड़ी संख्या में लोग डेंगू फीवर की चपेट में आ रहे हैं. डेंगू एक वायरल इंफेक्शन है, जो डेंगू वायरस से संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है. डेंगू के शुरुआती लक्षण वायरल फीवर जैसे होते हैं और इसकी वजह से कन्फ्यूजन की स्थिति भी हो जाती है. डेंगू फीवर में मरीज का प्लेटलेट काउंट तेजी से गिरता है और कई बार यह महज कुछ हजार रह जाता है. ऐसी कंडीशन में ब्लीडिंग का खतरा बढ़ता है और सही इलाज न होने पर व्यक्ति की मौत भी हो सकती है. जब डेंगू के मरीज का प्लेटलेट काउंट बेहद कम हो जाता है तब उसे प्लेटलेट चढ़ाए जाते हैं. क्या प्लेटलेट कम होने पर सभी को प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है? इस बारे में डॉक्टर से महत्वपूर्ण बातें जान लेते हैं.

कब होती है प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत?
दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष और जनरल फिजीशियन डॉ. अनिल बंसल
कहते हैं कि डेंगू फीवर में सभी मरीजों का प्लेटलेट काउंट कम हो जाता है. कुछ मामलों में प्लेटलेट काउंट कुछ हजार रह जाता है. एक स्वस्थ व्यक्ति के खून में 1.50 से 4.50 लाख प्लेटलेट काउंट होता है. डेंगू के मरीजों का प्लेटलेट काउंट अगर 20 हजार से कम हो जाए तो ऐसी कंडीशन में प्लेटलेट चढ़ाने की जरूरत पड़ती है. ऐसा डेंगू के कुछ प्रतिशत मामलों में ही होता है. अधिकतर मरीज सही इलाज से बिना प्लेटलेट चढ़ाए रिकवर कर लेते हैं. हालांकि डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत ब्लड टेस्ट कराना चाहिए और डॉक्टर से इलाज करवाना चाहिए. इलाज में देरी करने से कंडीशन सीरियस हो सकती है.

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आपके शहर से (लखनऊ)

ऐसे लोगों के लिए जानलेवा हो सकता है Dengue
डॉ. अनिल बंसल के मुताबिक डेंगू फीवर का सही इलाज किया जाए तो करीब एक सप्ताह में इससे रिकवर हो सकते हैं. हालांकि डायबिटीज, टीबी, एड्स और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है. ऐसे लोगों को डेंगू को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए. डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर लेवल डेंगू की वजह से अत्यधिक बढ़ सकता है, जिससे मल्टी ऑर्गन फेलियर हो सकता है. ब्लड प्रेशर भी डेंगू की वजह से फ्लक्चुएट हो सकता है. बुजुर्ग और छोटे बच्चों के लिए भी डेंगू जानलेवा साबित हो सकता है.

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जानें डेंगू फीवर के लक्षण
– तेज बुखार आना
– तेज सिर दर्द होना
– स्किन पर रैशेज होना
– आंखों के नीचे दर्द
– जॉइंट और मसल्स में दर्द
– अत्यधिक थकान होना
– उल्टी और मतली
– पेट में दर्द होना

डेंगू फीवर से कैसे करें बचाव?
डॉक्टर कहते हैं कि डेंगू फीवर से बचने के लिए आपको मच्छरों से बचाव करना होगा. मच्छरों से बचने के लिए मॉस्किटो रेपेलेंट क्रीम या लोशन लगाएं. रात के समय मच्छरदानी लगाकर सोना चाहिए. बुखार आने पर डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट कराना चाहिए. अगर आप शुरुआती स्टेज पर इसका इलाज शुरू कर देंगे, तो आप करीब एक सप्ताह में डेंगू से रिकवर कर सकते हैं.

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