होम /न्यूज /जीवन शैली /Diabetes in morning : आखिर क्यों सुबह-सुबह ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जानें एक्सपर्ट की राय

Diabetes in morning : आखिर क्यों सुबह-सुबह ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है, जानें एक्सपर्ट की राय

टाइप 2 डायबिटीज में इंसुलिन का उत्पादन कम होने लगता है जिसके कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है.

टाइप 2 डायबिटीज में इंसुलिन का उत्पादन कम होने लगता है जिसके कारण ब्लड शुगर का लेवल बढ़ जाता है.

Diabetes in morning: डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल सुबह-सुबह बढ़ जाता है. अगर सुबह में ब्लड शुगर लेवल 100 से ज्यादा है तो ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच में कार्डिएक अरेस्ट, हार्ट अटैक और ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का जोखिम ज्यादा रहता है.
सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच कॉर्टिसोल हार्मोन की सक्रियता बहुत ज्यादा होती है.

Why blood sugar increased in morning: खराब लाइफस्टाइल और गलत खान पान की वजह से टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी होती है. यह अपने साथ कई बीमारियों को लाती है. टाइप 2 डायबिटीज के कारण आंख, किडनी, हार्ट और कार्डियोवैस्कुलर डिजीज होते हैं. यानी डायबिटीज कई अन्य बीमारियों को पनपने का मौका देती है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक विश्व में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. इसके साथ ही करीब 15 लाख लोगों की मौत हर साल प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डायबिटीज के कारण होती है. दरअसल, डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल बहुत बढ़ जाता है. इसका कारण है कि शरीर में इंसुलिन कम बनता है. इंसुलिन खून में शुगर को अवशोषित कर इसे एनर्जी में बदल देता है लेकिन क्या कारण है कि ब्लड शुगर का लेवल सुबह-सुबह बहुत ज्यादा हो जाता है. इतना ही नहीं सर्दी के मौसम में सुबह-सुबह ही कार्डिएक अरेस्ट और हार्ट अटैक के मामले भी ज्यादा देखे गए हैं.

इसे भी पढ़ें- White Hair treatment: क्या कम उम्र में बाल सफेद होने से रोका जा सकता है? अगर करें ये काम तो मुमकिन है

सुबह में कॉर्टिसोल हार्मोन बनता है विलेन
इंडियन एक्सप्रेस  की खबर के मुताबिक स्पर्श अस्पताल के कंसल्टेंट इंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ श्याम सुंदर सी एम ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों में सुबह-सुबह ब्लड शुगर को बढ़ाने के लिए हार्मोन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. दरअसल, सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच कॉर्टिसोल हार्मोन की सक्रियता बहुत ज्यादा होती है. इसका सीधा संबंध ब्लड शुगर के लेवल से है. डॉ श्याम सुंदर ने बताया कि कॉर्टिसोल हार्मोन का संबंध तनाव से है. यानी जब हम तनाव में रहते हैं तो कॉर्टिसोल हार्मोन ज्यादा रिलीज होने लगता है. यह 6 बजे से 10 बजे तक पीक पर रहता है और इसके बाद धीरे-धीरे घटने लगता है. रात में कॉर्टिसोल बहुत कम रहता है. यही कारण है कि सुबह 6 बजे से 10 बजे के बीच में कार्डिएक अरेस्ट, हार्ट अटैक और ब्लड शुगर लेवल के बढ़ने का जोखिम ज्यादा रहता है.

इंसुलिन को बनने से रोकता है
डॉ श्याम सुंदर कहते हैं कि रातभर भूखा रहने के कारण सुबह में ग्लूकोज लेवल बहुत कम हो जाता है. इसे मैंटेन करने के लिए तीन हार्मोन ग्लूकागोन, इपीनिफ्रीन और कॉर्टिसोल काउंटर रेग्यूलेटर का काम करते हैं. लेकिन कॉर्टिसोल स्ट्रेस हार्मोन है, इसलिए यह ब्लड शुगर को कम रखने के लिए ज्यादा मात्रा में रिलीज होता है. इतना ही नहीं, तनावपूर्ण जीवन के कारण भी सुबह कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है. कई वजहों से सुबह में तनाव भी ज्यादा रहता है. लोन, ईएमआई, वर्कलाइफ, रिलेशनशिप, डेडलाइन आदि कॉर्टिसोल लेवल को बढ़ा देती है. इसलिए सुबह में कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ा हुआ रहता है. कॉर्टिसोल का बढ़ा हुआ स्तर पैन्क्रियाज के सेल्स को इंसुलिन उत्पादन से रोकता है. इसलिए इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है. जैसे ही इंसुलिन की मात्रा कम होती है, खून में मौजूद ग्लूकोज का अवशोषण हो नहीं पाता है और खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है.

Tags: Diabetes, Health tips, Lifestyle, Trending news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें