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अस्थमा रोगी और बच्चों के लिए हानिकारक है पटाखों का धुंआ, इन पॉइंट्स में जानें बचाव के तरीके

पटाखे के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण से हमारे स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान होता है.

पटाखे के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण से हमारे स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान होता है.

Firecrackers smoke impact: अगर आप के घर में कोई बच्चा अस्थमा से पीड़ित है तो आप भलीभांति ट्रिगर्स को समझते होंगे. वे ची ...अधिक पढ़ें

Firecrackers smoke impact: दिवाली का त्योहार आने वाला है. अगर दिवाली में पटाखे न छुटाए जाए तो कुछ अधूरा सा लगता है. हालांकि पटाखों के धुए की वजह से प्रदूषण को भारी नुकसान पहुचंता है और वायु प्रदूषण भी जमकर बढ़ जाता है. पटाखे के धुएं से होने वाले वायु प्रदूषण से हमारे स्वास्थ्य को भी भारी नुकसान होता है. वायु प्रदूषण अस्थमा के मरीजों और बच्चों के स्वास्थ्य को बहुत अधिक नुकसान पहुंचता है.

पटाखों का धुंआ वैसे तो सभी के लिए हानिकारक होता है लेकिन यह अस्थमा रोगी, पांच साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए कई तरह की गंभीर बीमारियां उत्पन्न कर सकता है. इसके साथ ही अगर घर में गर्भवती महिलाएं हैं तो उन्हें पटाखों के धुएं से बचने की सख्त जरूरत है.

अस्थमा मरीजों और हमारे स्वास्थ्य पर पटाखों का असर
किड्स हेल्थ के अनुसार अगर आप के घर में कोई बच्चा अस्थमा से पीड़ित है तो आप भलीभांति ट्रिगर्स को समझते होंगे. वे चीजें जो अस्थमा के लक्षणों को और बदतर बना देती हैं, जैसे-ठंड का मौसम, वायु प्रदूषण, पालतू जानवरों की रूसी, या किसी प्रकार का धुंआ. दिवाली के समय वायु प्रदूषण काफी ज्यादा बढ़ जाता है इससे अस्थमा मरीजों को दिक्कत हो सकती है. जानते हैं कि पटाखों का धुंआ अस्थमा मरीजों और बच्चों के लिए किस तरह से नुकसान दायक है

  • पटाखें जलाने से हवा में बारूद के छोटे छोट कण फैल जाते हैं और इससे सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, घबराहट और आखों में जलन होने लगती है.

  • पटाखों के महीने कण शरीर के वायु मार्ग में जलन पैदा करते हैं, जिससे सूजन आ जाती है सांस लेने में समस्या होती है.

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  • पटाखों के धुएं की वजह से अस्थमा या दमा का अटैक आने का भी खतरा बढ़ जाता है. हानिकारक धुंए से इससे फेफड़ों को भी काफी नुकसान पहुंचता है.

  • पटाखों में लैड होता है और यह सेहत के लिए काफी हानिकारक होता है. इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है क्योंकि यह खून के प्रवाह को भी बाधित करता है.

दिवाली के समय पटाखों के धुए से अस्थमा मरीज और बच्चों को ऐसे रखें सुरक्षित

  • पटाखों के धुएं से अस्थमा मरीजों और बच्चों को बचा कर रखना जरूरी होता है, इसलिए अगर आप ऐसी जगह पर रहते हैं जहां प्रदूषण अधिक है तो आप अपने क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को हर दिन जरूर चेक करें.
  • खराब वायु गुणवत्ता के समय घर पर एसी चलाएं और साथ ही बच्चों के घर से बाहर जानें का समय भी सीमित करें.

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  • दिन की शुरुआत के समय सुबह बाहर बच्चों के साथ घूमने जा सकते हैं. सुबह आपको फ्रेश एयर मिल सकती है, लेकिन ध्यान रहे कि दिवाली के अगले दिन से लेकर 3 दिन तक सुबह न निकलें.
  • उन क्षेत्रों में जानें से बचें जहां भीड़ भाड़ और यातायात अधिक हो.
  • बच्चे या फिर अस्थमा मरीजों को दिक्कत न हो इसके लिए आपका अपने घर में हवा की गुणवत्ता को सुधार करना भी एक बुद्धमानी भरा कदम हो सकता है. इसके लिए आप घर में एयर क्लीनर का उपयोग कर सकते हैं.
  • अगर अधिक वायु प्रदूषण है तो आप अपने डॉक्टर्स से कंसल्ट कर सकते हैं.

AQI में सुधार के उठाये ये महत्वपूर्ण कदम
वायु गुणवत्ता को आप अकेले नहीं सुधार सकते. इसके लिए सभी को सामूहिक प्रयास करने की जरूरत होगी. इसके लिए आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं

  • दिवाली के अगले कुछ दिन तक चार पहिया गाड़ी न चलाएं, बल्कि इसकी जगह सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करें.
  • बाइक की सवारी करें या फिर पैदल चलने को प्राथमिकता दें.
  • शाम 7 बजे के बाद अपनी कार में गैस न डलवाएं.
  • आउटबोर्ड मोटर्स, ऑफ-रोड वाहन, या अन्य गैसोलीन से चलने वाली गाड़ियों का उपयोग करने से बचें.
  • अगर हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं होता तो घास काटने वाली मशीन या फिर गैसोलीन से चलने वाले बागवानी उपकरणों का प्रयोग न करें.

Tags: Air Quality, Firecrackers, Health, Lifestyle

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