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बार-बार चक्कर और पसीना आना भी हो सकता है प्री-डायबिटीज के संकेत, ऐसे बचाएं खुद को

प्री-डायबिटीज को कंट्रोल करके डायबिटीज से बचाव संभव है.

प्री-डायबिटीज को कंट्रोल करके डायबिटीज से बचाव संभव है.

Pre-diabetes symptoms: गतिहीन दिनचर्या और गलत खान-पान की वजह से डायबिटीज की बीमारी होती है. आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

प्री-डायबेटिक स्टेज में बार-बार चक्कर आता है और पैरों में सुन्नापन महसूस होने लगता है.
यदि इसी समय सही से ध्यान दिया जाए तो डायबिटीज से बचा जा सकता है.

Pre-diabetes symptoms: डायबिटीज बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिसमें पीड़ित व्यक्ति के शरीर में बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है. इससे शरीर में कुदरती तापमान को बनाए रखने की क्षमता भी प्रभावित होती है. एक नई रिसर्च में कहा गया है कि अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा पसीना आता है या पसीना बिल्कुल नहीं आता है तो यह प्री-डायबेटिक संकेत हो सकते हैं. इस स्थिति में व्यक्ति को बार-बार चक्कर आता है और पैरों में सुन्नापन महसूस होने लगता है. डायबिटीज से पहले आने वाले इन संकेतों से बहुत ज्यादा परेशानी नहीं होती है, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. यह सब प्री-डायबेटिक के संकेत हैं. यानी डायबिटीज आने से पहले के संकेत. यदि इसी समय सही से ध्यान दिया जाए तो डायबिटीज से बचा जा सकता है.

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>क्या होता है प्री-डायबेटिक सिंड्रोम
प्री-डायबेटिक मेटाबोलिक सिंड्रोम है जो बाद में टाइप 2 डायबिटीज में परिवर्तित हो जाता है. इस दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं लेकिन इसका असर बहुत मामूली होता है. इस दौरान मोटापा हो सकता है, ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, चक्कर, उल्टी, ज्यादा पसीना, पैरों में सुन्नापन, झुनझुनी जैसे लक्षण दिख सकते हैं. जिन पुरुषों की कमर का साइज 35 इंच से ज्यादा और महिलाओं की कमर का साइज 30 इंच से ज्यादा होता है, उनमें प्री-डायबेटिक होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है.

डायबिटीज से कैसे बचें
प्री-डायबेटिक स्टेज में मामूली संकेत दिखते हैं जिनके घातक परिणाम नहीं है. अगर इसी समय लाइफस्टाइल और खान-पान को सही कर लिया जाए तो भविष्य में डायबिटीज की बहुत कम आशंका रहती है. इसलिए अगर प्री-डायबेटिक के लक्षण दिखें तो सबसे पहले वजन को नियंत्रित करना चाहिए. डाइट में परिवर्तन लाकर ऐसा आसानी से किया जा सकता है. वॉकिंग ऐसी गतिविधि है जिससे न केवल डायबिटीज बल्कि हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और कैंसर तक के जोखिम को कम किया जा सकता है. जितना ज्यादा हो सके फाइबरयुक्त भोजन का सेवन करें. साग, हरी पत्तीदार सब्जियों को नियमित रूप से डाइट में शामिल करें. स्ट्रॉबेरी, जामुन, सलाद, पत्ता गोभी, गाजर, अजवाइन आदि का सेवन डायबिटीज के जोखिम को कम कर सकता है. कम भोजन करें लेकिन पौष्टिक भोजन करें.

Tags: Blood Sugar, Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle

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