क्या पुरुष मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां छिपाते हैं? जानें डॉक्टर का क्या कहना है

क्या पुरुष मेंटल हेल्थ से जुड़ी परेशानियां छिपाते हैं? जानें डॉक्टर का क्या कहना है
पुरुष अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में छिपाते हैं जानें

पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य (Male Mental Health Solution): अगर आप किसी मानसिक समस्या से घिरा महसूस करते हैं तो इस बारे में लोगों से बात करने और मदद मांगने का सही समय क्या है...

  • Last Updated: June 2, 2020, 7:11 PM IST
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पुरुषों का मानसिक स्वास्थ्य (Male Mental Health Solution): हम सभी अपने जीवन में ऐसे क्षणों का अनुभव करते हैं जहां हमारी सोच, व्यवहार और भावनाएं प्रभावित होती हैं. ये उन चीजों की प्रतिक्रियाओं में हो सकती हैं, जिसकी कभी हमने उम्मीद न की हो. ऐसी स्थिति में हम अक्सर चिंता, अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं का अनुभव करते हैं, जो एक हद तक सामान्य भी है. यहां ध्यान देने की जरूरत है कि अगर यह दिक्कत आपको लगातार हो रही है तो कहीं आप किसी गंभीर मानसिक रोग की ओर तो नहीं बढ़ रहे हैं? आपकी इस समस्या का असर कामकाज और रिश्तों पर भी पड़ सकता है.

मानसिक रोग पुरुषों और महिलाओं दोनों को प्रभावित कर सकता है. अक्सर सुनने को मिलता है कि पुरुष अपनी मानसिक समस्याओं को लोगों से साझा नहीं करना चाहते हैं? क्या वास्तव में ऐसा है? इसी विषय को लेकर myUpchar ने फोर्टिस हेल्थकेयर में मानसिक स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ समीर पारिख से बातचीत की.

डॉ पारिख ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बातों को लोगों से शेयर करना, संबंधित व्यक्ति के साथ रहने वाले लोगों और माहौल पर निर्भर करता है. अगर आसपास का माहौल रूढ़िवादी, नकारात्मक, भेदभावपूर्ण है तो वह व्यक्ति लोगों से मदद मांगने और अपनी बातों को साझा करने से हिचकता है. ऐसे माहौल का व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. क्या महिलाओं और पुरुषों के मानसिक रोग और उनकी प्रतिक्रियाओं में भिन्नता होती है. इस सवाल के जवाब में डॉ पारिख कहते हैं कि लिंग के आधार पर मानसिक स्वास्थ्य का वर्गीकरण नहीं किया जा सकता है। यह संबंधित व्यक्ति की स्थिति और कारण पर निर्भर करता है.



मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद की आवश्यकता कब होती है?



अगर आप किसी मानसिक समस्या से घिरा महसूस करते हैं तो इस बारे में लोगों से बात करने और मदद मांगने का सही समय क्या है? इस सवाल के जवाब में डॉ पारिख बताते हैं कि यह उस व्यक्ति की स्थिति और विभिन्न परिस्थितियों जैसे व्यक्तिगत, सामाजिक, व्यावसायिक आदि पर निर्भर करता है. उस व्यक्ति को लगता है कि वह पारस्परिक संबंधों, घर या ऑफिस के काम, अपने विचारों या भावनाओं आदि के चलते मानसिक रोग का शिकार हो रहा है. इतना ही नहीं परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है तो उसे निश्चित ही इस बारे में मदद की आवश्यकता होती है.

सामान्य रूप से ऐसी परेशानियों का हल व्यक्ति स्वयं या दोस्तों और परिजनों की मदद से निकाल लेता है. अगर आपको इन प्रयासों के बाद भी कोई फर्क महसूस नहीं होता है और समस्या बढ़ती जाती है तो शीघ्र ही मनोरोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञ आपकी स्थिति को देखते हुए दवाईयों और मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग की मदद से आपका इलाज करते हैं. वह आपका सही मार्गदर्शन कर सकते हैं, जिससे आप इस समस्या से जल्द से जल्द बाहर आ सकते हैं.

मानसिक रोग के लक्षण क्या होते हैं ?

मानसिक रोग के लक्षण संबंधित व्याक्ति की परिस्थितियों और अन्य कारकों के आधार पर भिन्न हो सकते हैं. इसके निम्नलिखित लक्षण होते हैं -

  • उदास महसूस करना

  • ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में कमी

  • अत्यधिक भय, चिंता या अपराध की भावना महसूस करना

  • दोस्तों और अन्य गतिविधियों से अलग होना

  • वास्तविकता से अलग हटना (भ्रम) या पागलपन

  • दैनिक समस्याओं या तनाव से निपटने में असमर्थता

  • कामेच्छा सम्बन्धी बदलाव

  • अत्यधिक क्रोध या हिंसक व्यवहार


मानसिक रोग के कारक क्या हैं ?

कुछ कारक मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकते हैं, जिनमें निम्नलिखित कारक शामिल हैं -

  • परिवार में पहले से किसी व्यक्ति का मानसिक रोग से पीड़ित होना

  • तनावपूर्ण स्थिति, जैसे वित्तीय समस्याएं और भावनात्मक क्षति

  • कोई पुरानी चिकित्सा समस्या

  • गंभीर चोट (मस्तिष्क की चोट) के परिणामस्वरूप

  • शराब या ड्रग्स का अधिक सेवन

  • बचपन में दुर्व्यवहार का अनुभव


मानसिक रोग से बचाव कैसे होता है ?

मानसिक बीमारी को रोकने का कोई निश्चित तरीका नहीं है. हालांकि, यदि आप तनाव को नियंत्रित करें तो काफी फायदा हो सकता है. इसके लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें -

  • अगर आपको स्वयं में कोई अप्रत्याशित बदलाव महसूस होता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें.

  • अपने परिवार और दोस्तों की मदद लें, जिससे वह आपकी परेशानियों को आसानी से समझ सकें.

  • पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम महत्वपूर्ण है.

  • आपको अगर कुछ अजीब लक्षणों का अनुभव हो रहा हो तो शुरू में ही डॉक्टर से सलाह ले लें। बीमारी के बढ़ने का इंतजार करना घातक हो सकता है.


अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मानसिक रोग के लक्षण, कारण, इलाज और दवा पढ़ें.

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अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

First published: June 2, 2020, 7:11 PM IST
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