क्या सुबह होने से पहले अचानक टूट जाती है आपकी नींद? जानें इसके पीछे का कारण

कई लोग सुबह अलार्म बजने से पहले ही उठ जाते हैं. दरअसल उनकी नींद काफी हल्की होती है.

विशेषज्ञों के मुताबिक अव्यवस्थित रूटीन, नींद (Sleep) के चक्र में गड़बड़ी, रोजाना की जिंदगी में स्क्रीन टाइम से मिलने वाला तनाव (Stress), व्यक्ति को अलार्म (Alarm) बजने से पहले ही जगा देता है.

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    कई बार ऐसा होता है कि अच्छी-भली नींद से एकदम जाग जाते हैं और पाते हैं कि अभी तो सुबह नहीं हुई है. यह वाकई चिड़चिड़ाहट पैदा करने वाला हो सकता है, लेकिन इससे भी खराब बात है कि फिर से नींद आने में परेशानी होती है. कुछ लोग जहां सुबह उठने में संघर्ष करते हैं, वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो कि आधी रात में नींद से जागने की समस्या से गुजरते हैं. सोने के इस शेड्यूल में गड़बड़ी को लेकर जैसा आप सोचते हैं, यह उतना सामान्य नहीं है. हो सकता है कि शरीर कुछ बताने की कोशिश कर रहा हो.

    विशेषज्ञों के मुताबिक अव्यवस्थित रूटीन, नींद के चक्र में गड़बड़ी, रोजाना की जिंदगी में स्क्रीन टाइम से मिलने वाला तनाव, व्यक्ति को अलार्म बजने से पहले ही जगा देता है. वित्तीय समस्या के डर से लेकर निजी जिंदगी के तनाव तक कुछ भी नींद की इस गड़बड़ी का कारण बन सकता है.

    एक अध्ययन से पता चलता है कि नींद में गड़बड़ी उम्र के साथ ज्यादा बार होती है और पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक प्रभावित करती है. मस्तिष्क के रसायन जो नींद को नियंत्रित करते हैं, सुबह 1 बजे से 4 बजे तक धीमी गति से परफॉर्म करने लगते हैं, जिससे शरीर बिना किसी स्पष्ट कारण के जल्दी जाग जाता है.

    सर्केडियन रिदम यानी बॉडी क्लॉक या नींद के हार्मोन शरीर को यह बताने के लिए जिम्मेदार हैं कि कब जागना या सो जाना है. कुछ भी जो सर्केडियन रिदम में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकता है, रोजमर्रा के नींद के चक्र को गड़बड़ा सकता है, जैसे कि प्रकाश का निम्न स्तर. यदि कोई ऐसा व्यक्ति हैं, जो ज्यादातर समय कम रोशनी या अंधेरे वातावरण में रहता है और अचानक ज्यादा प्रकाश के संपर्क में आता है, तो सर्केडियन रिदम प्रकाश की प्रतिक्रिया में जागने का कारण बनेगी. myUpchar से जुड़ीं डॉ. मेधावी अग्रवाल का कहना है कि दिन के प्राकृतिक उजाले का एक्सपोजर सोने और उठने के चक्र को बनाए रखने में मदद करता है.

    सूरज की रोशनी के संपर्क में ऑप्टिक तंत्रिका मस्तिष्क में ग्रंथि को एक संदेश भेजती है जो कि मेलाटोनिन पैदा करता है. मेलाटोनिन नींद की शुरुआत से जुड़ा एक हार्मोन है. इसके अलावा सूर्य की रोशनी रात की बेहतर नींद के लिए सर्केडियन रिदम को नियमित करने में मदद करती है. सर्केडियन रिदम 24 घंटे का एक चक्र है जो कि जैव रसायनिक, शारीरिक, व्यवहारिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करके नींद के चक्र को नियंत्रित करता है.

    चिंता, अवसाद, बायपोलर डिसऑर्डर और इसी तरह की मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति वाले लोग भी शुरुआती घंटों में जागने के लिए प्रेरित हो सकते हैं. इस मामले में, बिहेवियरल थेरेपी अनिद्रा को रोकने के लिए सबसे अच्छा काम कर सकती है.

    यदि कोई व्यक्ति है, जो नींद में गड़बड़ी के साथ-साथ नियमित रूप से थकान का अनुभव करता है, तो यह स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी दरया वली का कहना है कि स्लीप एपनिया एक शारीरिक विकार है जो सोते समय सांस रुकने और बार-बार करवटें बदलने जैसी समस्याएं पैदा कर देता है. इसके लिए इलाज की जरूरत होती है.

    सूर्योदय से पहले जागना भी कुछ दवाओं की वजह से हो सकता है. यदि व्यक्ति किसी चिकित्सा उपचार के अंतर्गत हैं तो उसे अपने डॉक्टर से सही तरीके से सलाह लेनी चाहिए.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, अनिद्रा क्या है, इसके प्रकार, कारण, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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