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हम कब तनाव में रहते हैं, कुत्ता यह आसानी से पहचान लेता है-रिसर्च

कुत्तों में सूंघने की गजब की शक्ति होती है. Image : Canva

कुत्तों में सूंघने की गजब की शक्ति होती है. Image : Canva

Dog detect stress: कुत्ता कई चीजों को इंसान से पहले भांप लेता है. जैसे अगर भूकंप आने वाला हो तो उसे पहले पता चल जाता है ...अधिक पढ़ें

Dog detect humen stress: जानवरों में कुत्ता से बड़ा वफादार कुछ नहीं हो सकता. इंसान के लिए कुत्ता बहुत बड़ा साथी है. अक्सर वह अपनी जान पर खेलकर अपने मालिक को बचा लेता है. अब एक नई स्टडी में पता चला है कि अगर मालिक तनाव में हो या अवसाद, एंग्जाइटी से जूझ रहा हो तो कुत्ते को इस बात की पता पहले चल जाती है. स्टडी में पाया गया है कि जब इंसान के शरीर में फिजियोलॉजिकल स्ट्रेस हरकत में आता है तो दिमाग में एक मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इस कारण हमारी सांसें और पसीना में बदलाव आने लगता है. स्टडी के मुताबिक कुत्ता इस बदलाव की पहचान सटीकता से कर लेता है. अध्ययन में दावा किया गया है जब इंसान स्ट्रेस में होता है तो कुत्ता 93.75 प्रतिशत सटीकता के साथ इस स्ट्रेस को पहचान लेता है. यह अध्ययन पीएलओएस वन में प्रकाशित हुआ है.

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कुत्ता पैनिक अटैक को भी भांप लेता है
साइंसडेली के मुताबिक स्टडी में कहा गया है कि शरीर से जब गंध निकलती है तो यह रासायनिक संकेतों का निर्माण करती है जो इंसान के अंदर संचार में विकसित हो जाता है. चूंकि कुत्ता में स्मेल को सूंघने की गजब की शक्ति होती है और मानव के साथ हमेशा से ऐतिहासिक संबंध रहा है, इसलिए वह इस गंध को सूंघकर पहचान लेता है कि कोई इंसान अवसाद या एंग्जाइटी में है. इतना ही नहीं, कुत्ता पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर, पैनिक अटैक आदि को भी पहचान लेता है. अध्ययन में तब शोधकर्ता हैरान रह गए जब कुत्तों ने इस केमिकल सिग्नल को पहचान लिया.

सटीकता का स्तर 93 प्रतिशत
एक नए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने कुछ नॉन-स्मोकर से सांसें और पसीना के सैंपल लिए. इन लोगों ने हाल में शराब का सेवन नहीं किया था. सैंपल को कुछ पहले भी लिया गया था और अब भी लिया गया. यानी एक ही व्यक्ति से दो बार सैंपल लिए गए. अब इन्हें स्ट्रेस लेवल के बारे में पूछा गया. इसके अलावा हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर की भी माप ली गई. इन लोगों को कुछ टास्क दिए गए. इनमें से 36 लोगों ने कहा कि उन्हें काम की वजह से स्ट्रेस हो गया. जिन्हें स्ट्रेस था, उनका हार्ट बीट और बीपी बढ़ा हुआ था. इसके बाद चार ब्रीड के कुत्ते को इस काम के लिए प्रशिक्षित किया गया. प्रशिक्षित कुत्तों को सभी इंसान के सैंपल दिए गए और उन्हें स्ट्रेस वाले सैंपल को पहचानने के लिए कहा गया. कुत्तों ने बेहद सटीकता के साथ स्ट्रेस वाले सैंपल को अलग कर दिया. सटीकता का स्तर 93 प्रतिशत था.

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