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Abdominal Breathing Benefits: लंग्स की कैपेसिटी बढ़ाने में सहायक है एब्डॉमिनल ब्रीदिंग, जानिए इसके फायदे



एब्डॉमिनल ब्रीदिंग के फायदे (image- canva)

एब्डॉमिनल ब्रीदिंग के फायदे (image- canva)

Abdominal breathing - एब्डॉमिनल ब्रीदिंग लंग्स और मांसपेशियों में सुधार के लिए सबसे उपयोगी एक्सरसाइज है, यदि इसकी सही प ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

एब्डॉमिनल ब्रीदिंग को बैली ब्रीदिंग भी कहा जाता है
एब्डॉमिनल ब्रीदिंग लंग्स के लिए बहुत फायदेमंद होती है.
एब्डॉमिनल ब्रीदिंग में इनहेलेशन की प्रक्रिया मांसपेशियों को स्वस्थ करती हैं.

Benefits of Abdominal Breathing : एब्डॉमिनल ब्रीदिंग लंग्स से संबंधित परेशानियों को दूर करने के लिए बेहद कारगर एक्सरसाइज है. जो आज के समय में सभी लोगों को करनी चाहिए क्योंकि यह बॉडी के डायफ्राग्म को मजबूत करता है. इसलिए इसे डायफ्राग्मेटिक ब्रीदिंग भी कहा जाता है. डायफ्राग्म बॉडी की वो मसल है जो सांस लेने की क्षमता के साथ साथ पूरे शरीर में एनर्जी बढ़ाने के लिए मददगार मानी जाती है, लेकिन खासतौर पर लंग्स की परेशानियों से जूझ रहे लोगों के लिए एब्डॉमिनल ब्रीदिंग सबसे उपयोगी और बेहतर एक्सरसाइज है, अगर इस एक्सरसाइज को सही तरीके से किया जाए तो यह तनाव और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को कम करने के साथ-साथ पूरी बॉडी को स्वस्थ और हेल्दी बनाने में सहायक है.

एब्डॉमिनल ब्रीदिंग करने का सही तरीका :
हेल्थ लाइन के अनुसार प्लेन सतह पर लेटें
कंधों को आरामपूर्वक अपने सिर से नीचे ले जाएं.
अपने छाती और पेट पर हाथ रखें.
अपने अधिकतम क्षमता तक नाक से सांस लें.
अपने होठों को एक दूसरे पर दबाएं और पेट सिकोड़ते हुए 5 सेकंड तक धीरे धीरे सांस छोड़ें.
इसी प्रक्रिया को कम से कम 5 बार दोहराएं.

एब्डॉमिनल ब्रीदिंग करने का इंटेस्टाइन की समस्या से राहत, डिप्रेशन, एंक्साइटी और नींद की कमी जैसी परेशानियों से छुटकारा पाने के साथ साथ कई और फायदे हैं, आइए जानते हैं-

तनाव में कमी –
एब्डॉमिनल ब्रीदिंग से तनाव, चिंता और मानसिक स्थिति में सुधार आता है, क्योंकि यह आपके बॉडी में मौजूद स्ट्रेस हार्मोन ‘कोर्टिसोल’ को कम करता है.

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तेज हार्ट रेट से राहत –
यह ब्रीदिंग प्रक्रिया किसी विशेष परिस्थिति में होने वाले तेज हार्ट रेट को कम करता है.

ब्लड प्रेशर में सहायक –
हाई ब्लड प्रेशर जैसी खतरनाक बीमारियों से राहत के लिए इस एक्सरसाइज को प्रतिदिन के रूटीन में शामिल करना लाभदायक साबित हो सकता है.

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घबराहट के लाभदायक –
तनाव में अक्सर सांसों की गति तेज हो जाती है और सांसे फूलने लगती है, इस स्थिति से राहत के लिए भी यह एक्सरसाइज बहुत उपयोगी साबित हो सकता है.

स्वस्थ मांसपेशियां –
इस प्रक्रिया में जब सांस लेते और छोड़ते हैं तो स्केलेनस और पेक्टोर्लिस माइनर जैसी मांसपेशियां सिकुड़ कर फेफड़ों को फैलने की जगह देते हैं ताकि पर्याप्त हवा अंदर आ सके जो की मांसपेशियों को स्वस्थ करने का काम करते हैं.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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