कैंसर ठीक होने के बाद ये डायट रूटीन करें फॉलो, जिंदगी होगी सेहतमंद

कैंसर का इलाज करा चुके लोगों को अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करना चाहिए.
कैंसर का इलाज करा चुके लोगों को अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करना चाहिए.

कैंसर (Cancer) के मरीजों के लिए खानपान का विशेष ख्याल रखना जरूरी है. कैंसर का इलाज करा चुके लोगों को अपना वजन बनाए रखने के लिए क्या खाना (Diet) चाहिए इसके बारे में हम आपको बता रहे हैं...

  • Last Updated: July 15, 2020, 6:14 AM IST
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मनुष्य के शरीर में कई तरह की कोशिकाएं होती हैं, जो समय और शरीर की जरूरत के अनुसार बढ़ती हैं विभाजित होती हैं. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. उमर अफरोज बताते हैं कि कई बार शरीर को इन कोशिकाओं की जरूरत नहीं होती है, लेकिन इसके बाद भी इन कोशिकाओं का बढ़ना जारी रहता है. कोशिकाओं का यह असामान्य रूप से बढ़ना ही कैंसर कहलाता है.  ये कैंसर किस तरह का है और उसकी गंभीरता क्या है इसके हिसाब से सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियेशन थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, टारगेट थेरेपी, हार्मोन थेरेपी, स्टेम सेट ट्रांसप्लांट जैसे उपचारों के जरिए कैंसर पीड़ितों का इलाज किया जाता है.

कैंसर की जंग जीत चुके लोगों के लिए एक तरह से यह नई जिंदगी होती है. शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से संघर्ष कर चुके कैंसर सर्वाइवर (यह जंग जीतने वाले मरीज) के लिए नई जिंदगी उतनी आसान भी नहीं होती है. उन्हें पहले से अधिक अपना ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. कैंसर के उपचार से गुजर रहे मरीजों के लिए खानपान का भी विशेष ख्याल रखना जरूरी है. उन्हें अपना वजन बनाए रखने के लिए पर्याप्त भोजन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, अब भले ही वे अधिक वजन के हों.

उपचार के दौरान अपने वजन को स्थिर रखने के लिए आवश्यक कैलोरी की मात्रा पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय, कैंसर सर्वाइवर्स को उन कैलोरी की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो वे उपचार के बाद खा रहे हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि वंशानुगत और कुछ पर्यावरणीय कारकों को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं, लेकिन स्वस्थ आहार और जीवनशैली को अपनाकर फिर से कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं. कैंसर के बाद खानापान से जुड़ी इन बातों का ध्यान जरूर रखें...

  1. स्वस्थ वजन बहुत जरूरी है. अपने बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) को जानना जरूरी है कि क्या आपकी ऊंचाई के हिसाब से वजन ठीक है. मोटापा कई बीमारियों से जुड़ा हुआ है, जिसमें मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक और हाई ब्लडप्रेशर शामिल हैं. इसे लोगों के कैंसर के खतरे के जोखिम से भी जोड़ा गया है. यहां तक कि अगर स्वस्थ बीएमआई है, तो भी कमर का बढ़ा हुआ नाप और पेट की चर्बी भी कैंसर के जोखिम को बढ़ाती है.



  2. विभिन्न प्रकार की सब्जियां, फल, साबुत अनाज, फलियां और हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थ खाएं. रोजाना फल और सब्जियां खाने का लक्ष्य बनाएं. दो तिहाई ऐसे फूड्स लें जो पौधे आधारित हों. मीट, स्टार्च और मीठा कम खाएं.

  3. हर दिन कम से कम 30 मिनट के लिए शारीरिक रूप से सक्रिय रहें. एक साथ 30 मिनट तक व्यायाम नहीं करना है. अगर इस समय को दो या तीन हिस्सों में तोड़ते हैं तो भी समान रूप से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा. टीवी देखने, इंटरनेट पर सर्फिंग और वीडियो गेम खेलने जैसी गतिहीन गतिविधियों को सीमित करें.

  4. शक्कर युक्त खाद्य पदार्थ और पेय सीमित करें. दिनभर की कुल कैलोरी में शक्कर का हिस्सा महज 10 प्रतिशत होना चाहिए. यदि एक दिन में 2000 कैलोरी खाते हैं, तो यह लगभग 12 चम्मच शक्कर है. एक चम्मच शक्कर चार ग्राम के बराबर होती है. फास्ट फूड खाने से बचें. ऐसे खाद्य पदार्थों और पेय की खपत को सीमित करें जो कि अतिरिक्त शक्कर वाले हों.

  5. रेड मीट का सेवन कम करें. विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा मानव के लिए इसे संभवतः कैंसरकारी बताया गया है.

  6. कैंसर से बचकर निकले मरीजों को शराब का सेवन नहीं करना चाहिए.

  7. ऐसी डाइट से बचें, जिसमें सोडियम की मात्रा ज्यादा हो. लोगों को एक दिन में 2300 एमजी से अधिक नमक नहीं लेना चाहिए. नमक के विकल्प के रूप जड़ी-बूटियों और मसालों को जगह दें. कम सोडियम वाले फूड्स कहे जाने वाले में भी बहुत अधिक नमक हो सकता है.

  8. हेल्दी डाइट के लिए सप्लीमेंट्स पर निर्भर न रहें. केवल डाइट के माध्यम से अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने की पूरी कोशिश करें. अपनी डाइट में किसी भी सप्लीमेंट को शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कैंसर के कारण, लक्षण, बचाव, इलाज, जोखिम और दवा पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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