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emotional baggage may cause negativity in hindi

क्या आप भी हर जगह इमोशनल बैगेज लेकर चलते हैं, ये हो सकती है मानसिक तनाव की बड़ी वजह

इमोशनल बैगेज धोते हुए आप हमेशा परेशान हो सकते हैं.

इमोशनल बैगेज धोते हुए आप हमेशा परेशान हो सकते हैं.

Emotional Stress: अतीत की घटनाओं को सोच कर उसके अनुभवों से परेशान होना या पछतावा होना आम हो सकता है, लेकिन अगर यह भावना है आप पर हावी हो रही हैं, तो यह आपके जीवन में आगे बढ़ने में परेशानी खड़ी कर सकती है. इसे इमोशनल बैगेज कहते हैं.

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Emotional Baggage: एक इंसान के जीवन में बहुत सारे रिश्ते होते हैं, जिनसे उनकी भावनाएं या फिलिंग्स जुड़ी होती हैं. कई बार यह भावनाएं इंसान के जीवन का मकसद बनती है और उसकी खुशियों का कारण भी. सुख में खुश होने वाला व्यक्ति दुख आते ही टूट पड़ता है.

सभी के जीवन में कई ऐसी बुरी घटनाएं होती है, जिन से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है, ऐसी घटनाएं हमें लंबे अरसे तक परेशान कर सकती है, जिसकी वजह से हमारे जीवन और स्वभाव में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं. कई बार बीते समय की घटनाओं का पछतावा करना और उन घटनाओं से बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है. जिसे मनोविज्ञान की भाषा में इमोशनल बैगेज कहते हैं.

हेल्थशाॅटस के अनुसार आप अपने साथ बीते हुए कल का इमोशनल बैगेज लेकर चलते हैं, तो यह वर्तमान के साथ आपके आने वाले कल को भी प्रभावित कर सकता है. अतीत की चीजें स्वाभाविक रूप से कई बार परेशान कर सकती है, लेकिन अगर आप उन चीजों को लगातार सोच कर आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं, तो यह इमोशनल बैगेज हो सकता है, जिसे समय रहते निकालना बेहद ज़रूरी है.

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इमोशनल बैगेज के लक्षण –
– बीती घटनाओं और अनुभवों को सोचकर होने वाली परेशानियां दुख की स्थिति को याद करना.
-अतीत की घटनाओं को सोच कर खुद को उसके लिए दोषी मानना.
– बीती हुई घटनाओं की वजह से गुस्सा करना और हर समय परेशान रहना.
-पास्ट की चीजों को सोचकर हर समय चिंता और पछतावा करना.
– वर्तमान की स्थितियों को बीते हुए घटनाओं के साथ जोड़ना और परेशान होना.
-हर बार उन घटनाओं को याद कर रोना.
-हर समय असहाय और दबा हुआ महसूस करना.
-पुरानी बातों के अनुभवों और घटनाओं की वजह से नकारात्मक दृष्टिकोण बना लेना और हर वक्त नेगेटिव सोचना.

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इमोशनल बैगेज से छुटकारा कैसे पाएं-
किसी भी प्रकार का इमोशनल बैगिट साथ लेकर चलने से इंसान के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है, जो आगे चलकर गंभीर समस्याएं भी खड़ी कर सकता है.
-अपने दिमाग को नियंत्रित कर अपने पसंदीदा कामों में खुद को व्यस्त रखने की कोशिश करें.
-नियमित रूप से योगा और ध्यान करने से फायदा मिलेगा.
-बीती हुई घटनाओं को स्वीकार कर आगे बढ़ने की कोशिश करें.
-अपने दोस्तों और परिवार के साथ वक्त बिताएं अकेले समय बिताने से बचें.
-अपनी परेशानी के बारे में अपनों से बात करें अगर वह मदद ना कर पाए, तो डॉक्टर से संपर्क करें.
इमोशनल बैगेज लेकर चलने से आपके लिए जीवन में आगे बढ़कर परिवर्तन को स्वीकार करना कठिन हो सकता है.

Tags: Health, Health benefit, Mental health

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