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Superfood: वज़न घटाने के लिए रोज़ खाएं 2-3 स्ट्रॉबैरी, जानिए इसके सैकड़ों फायदे

स्ट्रॉबैरी के फायदे और नुकसान. किस तरह वजन घटाने में है मददगार, जानिए

स्ट्रॉबैरी के फायदे और नुकसान. किस तरह वजन घटाने में है मददगार, जानिए

स्ट्रॉबैरी में इलाजिक एसिड, जो कि गैलिक एसिड का एक प्रकार होता है, पाया जाता है. ये इंफ्लेमेशन से लड़ता है. वजन घटाने क ...अधिक पढ़ें

    लाल गाढ़े रंग की तिकोनी दिखने वाली रसेदार स्ट्रॉबैरी, एक प्रकार का फल है. ये स्वाद में खट्टी-मीठी होती है, जिसमें एंटी-ऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये कई रोगों को बेहतर करने में मददगार है. स्ट्रॉबैरी के ऊपर दिखने वाले पीले रंग के छोटे-छोटे बीज में ज्यादातर पोषक तत्व मौजूद होते हैं.

    इसके लाल भाग में फाइबर होता है. ये एकलौता फल है जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड की मात्रा इस पर मौजूद पीले रंग के बीज में पाई जाती है. हालांकि ये मात्रा ना के बराबर होती है. और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी भी. इसमें फैट, कोलेस्ट्रॉल और सोडियम बिलकुल नहीं होता. इसे सुपरफूड कहा जाता है.

    क्यों कहते हैं इसे सुपरफूड?
    दिल के आकार में दिखने वाली स्ट्रॉबैरी बेहतर स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के लिए जानी जाती हैं. इसमें सभी जरूरतमंद पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं. जैसे विटामिन्स, मिनरल्स, पोटैशियम, कार्बोहाइड्रेट्स और डायट्री फाइबर. मौजूदा एंटी-ऑक्सीडेंट गुण, पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इसे सुपरफूड कहा जाता है.

    स्ट्रॉबैरी में होता है क्या-क्या?
    बताई गई मात्रा 100 ग्राम स्ट्रॉबैरी की है.

    कैलोरी- 33
    फैट- 0.3 ग्राम
    सोडियम- 1 मिलीग्राम
    पोटैशियम- 153 मिलीग्राम
    कार्बोहाइड्रेट्स- 8 ग्राम
    डायट्री फाइबर- 2 ग्राम
    शुगर- 4.9 ग्राम
    प्रोटीन- 0.7 ग्राम

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    कैसे हैं वजन घटाने में मददगार
    कहते हैं एक कटोरी स्ट्रॉबैरी बैली फैट कम करने में मददगार हैं. इसमें मौजूद फाइबर वजन घटाता है. पेट को लंबे समय तक भरा रखता है. मीठा और नमकीन खाने की क्रेविंग्स को खत्म करता है. ऐसा कर डायट में फैट की मात्रा कम ही रहती है. सीरियल्स या स्मूदी में ऊपर से इसे ले सकते हैं.

    जिन लोगों की पाचन क्रिया कमजोर होती है उनमें वजन बढ़ने का खतरा दोगुना हो जाता है. इससे शरीर पोषक तत्व को पूरी तरह से सोख नहीं पाता है. मल शरीर से निकल नहीं पाता. जिसके कारण मेटाबॉलिज्म भी धीमा काम करता है. कैलोरी बर्न होने में मुश्किलें आती हैं. जिससे फैट शरीर में जमता रहता है और वजन बढ़ता है. स्ट्रॉबैरी में इलाजिक एसिड, जो कि गैलिक एसिड का एक प्रकार होता है, पाया जाता है. ये इंफ्लेमेशन से लड़ता है. वजन घटाने के हॉर्मोन की क्रिया को बेहतर करता है. जो धनियां क्रोनिक इंफ्लेमेशन से चोक हुई होती हैं उन्हें खोलता है. यानी वजन घटाने वाला हॉर्मोन सही ढंग से काम कर पाता है.

    एंथोसाएनिन्स, पानी में घुलने वाला तत्व होता है. ये शरीर में एडिपोनेक्टिन नामक हॉर्मोन बनाने में मदद करता है. उन्हें मजबूत बनाता है. ये हॉर्मोन वजन घटाने में मददगार है. मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा भी देता है.

    स्ट्रॉबैरी के फायदे
    - स्ट्रॉबैरी में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी और बी पाया जाता है. ये इम्यूनिटी को बढ़ावा देती है.
    - इसके लाल रंग में एंथोसाएनिन्स नामक पदार्थ पाया जाता है. ये फैट बर्न करने में मददगार होते हैं.
    - एक कप स्ट्रॉबेरी में 33 कैलोरी होती हैं. पोषक तत्वों से भरपूर स्ट्रॉबैरी मानसिक तनाव खत्म करने में कारगर है.
    - इसमें पोटैशियम पाया जाता है जो दिल के दौरे और स्ट्रोक के खतरे को कम करता है. साथ ही इस फल में फोलेट होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है.
    - बैरीज़ में कैरसेटिन और कैम्फेरॉल नामक तत्व पाए जाते हैं. ये खून में बुरे कोलेस्ट्रॉल को पनपने से रोकते हैं. साथ ही धमनियों को टूटने और ऑक्सिडाइज होने से बचाते हैं.
    - स्ट्रॉबैरी में मौजूद इलाजिक एसिड कैंसर कैमिकल को शरीर में बनने से रोकता है. इसमें मौजूद ल्यूटीन और जिऐक्सेथिन एंटी-ऑक्सीडेंट, फ्री-रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं.
    - इसके अलावा स्ट्रॉबैरी कब्ज की समस्या को भी बेहतर करने में मददगार है. कब्ज एक ऐसी समस्या है जिसमें पेट में दर्द होता है या पेट फूलता है. इसे रोज खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है.
    - इसमें मौजूद एंजाइम आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मददगार है.
    - स्ट्रॉबैरी में मौजूद फ्लेवेनॉइड्स और एंटी-ऑक्सीडेंट्स शरीर में मौजूद बुरे कोलेस्ट्रोल को नियंत्रण में रखती हैं. स्ट्रॉबैरी में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है जिसके सेवन से हम लंबे समय तक भरा पेट महसूस करते हैं.
    - ये एक कम कार्ब वाला फल होता है. प्राकृतिक शुगर भी कम पाई जाती है. यानी डायबिटीज़ के मरीज इसका सेवन कर सकते हैं लेकिन कम मात्रा में.
    - रोज 2-3 स्ट्रॉबैरी जरूर खाएं. ये शरीर में विटामिन-सी की मात्रा को बनाए रखती है. इसे आप किसी भी वक्त ले सकते हैं.
    - स्ट्रॉबैरी धमनियों में प्लाक जमने नहीं देती. गर्भवती महिलाएं स्ट्रॉबैरी का सेवन कर सकती है लेकिन ज्यादा नहीं. 2-3 स्ट्रॉबैरी पूरे दिन में उनके लिए काफी हैं.

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    स्ट्रॉबैरी के नुकसान
    - स्ट्रॉबैरी में प्रोटीन से ज्यादा कार्बोहाइड्रेट्स होते हैं. मसल मांस बनाने के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है जो इसमें कम होता है. ऐसे में आपको अधिक मात्रा में स्ट्रॉबैरी लेनी होगी. लेकिन वहीं दूसरी ओर कार्बोहाइड्रेट्स में ज्यादा होने के कारण ये सेहत को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे फैट बढ़ सकता है.
    - हमें डायट्री फाइबर की इसलिए जरूरत होती है जिससे शरीर विटामिन्स को सोख सके. स्ट्रॉबैरी में शुगर काफी होती है. हो सकता है इसके ज्यादा सेवन से आपके शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ जाए. जो घबराहट का एक कारण बन सकता है.
    - इसके ज्यादा सेवन से ब्लड शुगर भी बढ़ सकता है.
    - स्ट्रॉबैरी में हिस्टमिन नामक तत्व होता है जो स्किन एलर्जी की समस्या उत्पन्न कर सकता है.

    स्ट्रॉबैरी खरीदते समय इन बातों का रखें ख्याल
    - स्ट्रॉबैरी को सीजन में ही खरीदें. हालांकि ये पूरे साल बाजार में उपलब्ध रहती हैं लेकिन सर्दियों का समय इन्हें खरीदने के लिए अच्छा है.
    - अच्छी स्ट्रबैरी खरीदते समय उन्हें सूंघकर देखें. जिन स्ट्रॉबैरी में से पुरानी, बेस्वाद और हल्की नीरस महक आ रही हो उन्हें ही खरीदें.
    - छूने में मुलायम, रंग में गाढ़े लाल और बिना दाग-धब्बे, कांटे की स्ट्रॉबैरी ही खरीदें. ऊपर से हल्की हरे रंग की स्ट्रॉबैरी न खरीदें. वे बेस्वाद होती हैं.
    - ताजा स्ट्रॉबैरी में ऊपर से हरी पत्तियों की टोपी पूरी बनी होती है. और फल से पूरी तरह से जुड़ी होती हैं. पत्तियां गाढ़े हरे रंग की होती हैं.
    - हमेशा मीडियम साइज की स्ट्रॉबैरी ही खरीदें. बड़े साइज की स्ट्रॉबैरी में अंदर पानी ज्यादा होता है और खोखली होती हैं. जो स्वाद में खराब हो सकती हैं. छोटी स्ट्रॉबैरी अंदर से ठोस होती हैं और बीज भी उनमें काफी रहते हैं.
    - जब खाएं तभी इन्हें पानी से साफ करें.
    - फ्रिजर में इन्हें स्टोर करके रखें. साधारण तापमान पर ये जल्दी खराब हो सकती हैं.
    - फ्रिज में रख रहे हैं तो इन्हें गीले तौलिए में लपेटकर रखें.
    - इनके ऊपर की पत्तियां न निकालें. खाते समय ही इन्हें निकालकर खाने में शामिल करें.

    क्या आप जानते हैं?
    - एक साधारण स्ट्रैबरी में 200 से भी अधिक बीज होते हैं.
    - बसंत के मौसम में स्ट्रॉबैरी एक ऐसा फल है जिसकी पैदावर सबसे पहले होती है.
    - स्ट्रॉबैरी करीब 103 प्रकार की होती हैं.
    - यूएस में 94 प्रतिशत लोग स्ट्रॉबैरी का सेवन करते हैं.
    - बेल्जियम में एक स्ट्रॉबैरी म्यूजियम है.

    त्वचा के लिए स्ट्रॉबैरी
    - स्ट्रॉबैरी प्यूरी, आधा छोटा चम्मच शहद, क्रीम या दही में इसे मिलाकर चेहरे पर 10 मिनट के लिए लगाएं. साधारण पानी से निकाल दें. मुंहासों की समस्या से परेशान लोगों के लिए ये काफी लाभकारी है.
    - स्ट्रॉबैरी प्यूरी और नींबू के रस को मिलाकर चेहरे पर लगाएं. इससे दाग-धब्बे साफ होंगे. 15 मिनट के लिए इसे इस्तेमाल करें और गुनगुने पानी से निकाल दें.
    - चेहरे पर चमक पाना चाहते हैं तो स्ट्रॉबैरी, कोको पाउडर और शहद मिलाकर 15 मिनट के लिए स्किन पर लगाएं. गुनगुने पानी से इसे निकाल दें. त्वचा में निखार आएगा.

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