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Superfood: मोटापे से लेकर कैंसर का इलाज करता है देसी घी, जानें, कितना खाना है सही

क्यों कहा जाता है देसी घी को सुपरफूड

क्यों कहा जाता है देसी घी को सुपरफूड

बेहतर स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के लिए इसमें सभी जरूरतमंद पौष्टिक तत्व मौजूद हैं. ये हड्डियों को चिकना बनाता है. दिल को स् ...अधिक पढ़ें

    देसी घी, रंग में मक्खन की तरह दिखता है, मक्खन से बनता है और महक में मक्खन की ही तरह होता है. घर पर इसे बनाया जा सकता है. विधि नीचे साझा की गई है. घी को अंग्रेजी में क्लारिफाइड बटर कहते हैं. फैट का डायट्री सोर्स माने जाने वाला घी भारतीय व्यंजनों में खास है. मानकर चलिए ये स्वास्थ्य के लिए सुपरफूड है.

    कैसे है? बेहतर स्वास्थ्य और तंदरुस्ती के लिए इसमें सभी जरूरतमंद पौष्टिक तत्व मौजूद हैं. ये हड्डियों को चिकना बनाता है. दिल को स्वस्थ रखता है. इसलिए इसे सुपरफूड कहा जाता है. 

    बचपन में मम्मी दाल और सब्जी पर ऊपर से एक चम्मच घी जब तक नहीं डालकर खाना परोसती थीं स्वाद नहीं आता था. देसी घी के तड़के की महक पूरे घर में रम जाती थी. आज भी घर में ऐसा ही होता है. लेकिन, समय के साथ चीजें बदली हैं. कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने, दिल से जुड़ी समस्या के होने के डर से बस लोगों ने इससे थोड़ी दूरी बना ली है. यूं कहिए उन्होंने देसी घी को थाली से बाहर कर दिया है.

    अति हर चीज की बुरी होती है. देसी घी, सही मात्रा में लिया जाए तो सेहत के लिए फायदेमंद होता है. जानते हैं उम्र के पड़ाव में देसी घी कितनी मात्रा में लेना चाहिए, बता रही हैं डायटीशियन अनीता लांबा...

    बच्चे (4-5 साल) और टीनेज (18 साल तक) की उम्र के लोगों को 2-3 चम्मच (15-20 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए.
    युवा (18-45 साल) की उम्र के लोगों को 1-2 चम्मच (10-12 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए.
    बूढ़े (45-60+) की उम्र के लोगों को 1 चम्मच (8-10 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए. इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और उनमें चिकनाहट बनी रहती है.
    प्रेग्नेंट महिलाओं को और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को 2-3 चम्मच (15-20 ग्राम) देसी घी लेना चाहिए. इससे मां के दूध की क्वॉलिटी अच्छी होती है.

    देसी घी घर पर बनाने की विधि
    दूध पर आई मलाई को एक अलग पतीले में इकट्ठा कर लें. उसे तब तक फेंटे जब तक सफेद मक्खन के रूप में न दिखने लगे. इस मक्खन को एक एल्यूमीनियम की कढ़ाई में पलटें. हल्की आंच पर इसे पकने दें. बीच-बीच में चलाते रहें. आप देखेंगे घी ऊपर और मक्खन का चूरा पककर कढ़ाई में नीचे रह जाएगा. एक अलग साफ डिब्बे में इसे छान लें. देसी घी तैयार है.

    देसी घी में क्या-क्या होता है?
    बताई गई मात्रा खाने वाले एक छोटे चम्मच देसी घी की है.

    कैलोरी- 45
    फैट- 5 ग्राम
    सैच्यूरेटेड फैट- तकरीबन 3 ग्राम
    प्रोटीन- .2 ग्राम
    पोटैशियम- एक मिलीग्राम
    कोलेस्ट्रॉल- 15 मिलीग्राम

    देसी घी के फायदे
    - इसमें कम होती है फैट की मात्रा. सैच्यूरेटेड फैट्स पाए जाते हैं जो शरीर के लिए अच्छे होते हैं. ये मक्खन से ज्यादा बेहतर है.
    - देसी घी में ओमेगी-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं.
    - आसानी से पच जाता है. कोलेस्ट्रॉल संबंधित परेशानियों को खत्म करता है.
    - इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं. इम्यूनिटी को बढ़ावा देता है. पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है.
    - देसी घी में मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स शरीर आसानी से सोखता है.
    - दिमाग के फंक्शन को बेहतर करता है.
    - कब्ज में आराम देता है. वजन घटाने में भी मदद करता है.
    - जिन लोगों को दूध वाली चीजें नहीं पचती हैं वे इसे डायट में बेझिझक शामिल कर सकते हैं. लैक्टोज इनटॉलरेंट यानी दूध और दूध से बनी चीजों से एलर्जी वाले लोग इसे दाल और सब्जी में ले सकते हैं.
    - एंटी-कैंसर और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण रखता है.
    - देसी घी बाल और त्वचा के लिए काफी लाभकारी होता है.

    वजन घटाने के लिए क्यों खाना चाहिए देसी घी
    डायटीशियन अनीता लांबा का कहना है कि “वैसे तो देसी घी वजन घटाने में मदद नहीं करता, लेकिन दो छोटे चम्मच देसी घी रोज खाना जरूरी है. 1 चम्मच में 45 कैलोरी होती हैं. दो चम्मच में 90 कैलोरी. देसी घी जब शरीर में जाता है तो सेल्स इसे सोख लेते हैं, जिससे हमें ताकत मिलती है. अगर इतना देसी घी नहीं खाएंगे तो मल द्वारा ये शरीर से बाहर निकल जाएगा. शरीर को ताकत नहीं मिलेगी. शरीर में विटामिन-a, d, e, k को सोखने के लिए फैट सैल्यूबल चाहिए होते हैं, जो देसी घी से मिलते हैं. बॉडी को अच्छे फैट की जरूरत होती है जो देसी घी पूरी करता है”.

    बालों के लिए कैसे फायदेमंद है देसी घी
    देसी घी से बाल काफी चमकदार और मजबूत बनते हैं. जानिए बालों के लिए कैसे फायदेमंद है देसी घी.
    - दो मुंहे बालों को ये जड़ से खत्म करने में मददगार है. घी को गुनगुना करें और उंगलियों के पोरुए से बालों के सिरों पर हल्के हाथ से देसी घी लगाएं. थोड़ी देर बाद शैंपू कर निकाल दें. बालों में चमक आएगी और दो मुहें बाल नहीं आएंगे.
    - उलझे, बेजान बालों की समस्या हल करने के लिए देसी घी और जैतून का तेल एक बराबर मात्रा में मिलाएं. मालिश करें. थोड़ी देर बाद शैंपू कर निकाल दें. बालों में चमक आएगी.
    - देसी घी को बराबर मात्रा में नारियल के तेल के साथ मिलाएं. 15-20 मिनट के लिए मालिश करें. ऐसा करने से बाल घने और लंबे होंगे.

    त्वचा के लिए कैसे लाभकारी है देसी घी
    मौसम में बदलाव त्वचा में रुखापन पैदा करता है. त्वचा के लिए देसी घी काफी फायदेमंद होता है, जानिए.
    - पानी और देसी घी को एक बराबर मात्रा में मिलाएं और इससे चेहरे की हल्के हाथ से मालिश करें. रूखापन दूर होगा.
    - त्वचा को हाइड्रेट रखने का काम भी देसी घी करता है. पूरे शरीर पर देसी घी की मालिश करें फिर गुनगुने पानी से नहाएं. त्वचा मुलायम होगी.
    - त्वचा में चमक लाने के साथ देसी घी गोरा भी बनाता है.
    - फटे होठों के लिए भी देसी घी अच्छा माना जाता है. रात में देसी घी लगाकर सोएं. सुबह मुलायम होंठ पाएं.
    - अगर होंठ काले हो गए हैं तो इसके लिए भी देसी घी अच्छा विकल्प है.

    प्रेग्नेंट महिलाओं और बच्चों के लिए किस तरह फायदेमंद है देसी घी
    ओमेगा-3 और ओमेगा-9 फैटी एसिड मां और बच्चे दोनों के लिए काफी लाभकारी होता है.
    - ये प्रेग्नेंसी में कब्ज की समस्या दूर करता है.
    - बच्चे के दिमाग के विकास के लिए काफी अच्छा होता है.
    - पाचन क्रिया को बेहतर करता है.
    - लेबर पेन में आराम देता है या यूं कहिए इसे कम करता है.
    - बच्चे को पोषण देता है.
    - नॉर्मल डिलिवरी के दौरान वजाइना को लुब्रीकेट (मुलायम या चिकना) रखता है.

    देसी घी ज्यादा खाने के नुकसान
    कोई चीज अगर सही मात्रा में डायट में शामिल की जाए तो वह नुकसानदायक नहीं होती. जरूरत से ज्यादा अगर देसी घी डायट में शामिल करते हैं तो इससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है.
    - देसी घी ज्यादा खाने से शरीर में फैट बढ़ सकता है. इससे मोटापा और कार्डियो वस्कुलर बीमारी भी हो सकती है.
    - कोलेस्ट्रॉल के बढ़ने की समस्या भी हो सकती है.
    - अगर देसी घी मिलावटी हो तो इसे खाने से बचें. ये नकली मक्खन और जानवरों के फैट से बना हो सकता है जो सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है.

    खाने के अलावा घरेलू नुस्खों में भी शुमार है देसी घी
    - आयुर्वेद के मुताबिक रोज घी खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है.
    - जलन या खुजली होने पर घी की एक बूंद आंखों में डाल सकते हैं. बशर्ते घी शुद्ध हो. साथ ही ये भी ध्यान रखें कि घी गर्म न हो.
    - स्ट्रेस में आंखें थकी-थकी लग रही हों और आंखों के नीचे काले घेरे हो गए हों, तो एक बूंद देसी घी लगाकर हल्के हाथ से गोलाई में मालिश करें.
    - त्वचा के जलने पर घी लगा सकते हैं. ये शरीर पर आई सूजन को भी खत्म करता है.
    - खांसी हो तो ऐसे में एक चम्मच गुनगुना घी पी लें या फिर इसके साथ तुलसी का रस मिक्स करके लें.

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