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धूम्रपान की आदत आंखों को भयंकर नुकसान पहुंचाती है, ये 5 बीमारियां होने का होता है बड़ा खतरा

स्मोकिंग का धुंआ रेटिना को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है.

स्मोकिंग का धुंआ रेटिना को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है.

Eyes Problems due to Smoking: एक्सपर्ट के अनुसार आंखों की रोशनी कम होने का एक सबसे बड़ा कारण मोतियाबिंद की बीमारी थी. प ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

यूवाइटिस आंख की एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंख के मध्य परत में सूजन आ जाती है.
धूम्रपान से कलर ब्लाइंडनेस जैसी आंखों की गंभीर समस्या भी हो सकती है.

Smoking Eyes Effect: धूम्रपान हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक होता है. ज्यादातर लोग मानते हैं कि धूम्रपान से कैंसर, सांस की बीमारी और फेफड़े की समस्याएं होती हैं लेकिन ऐसा नहीं है. धूम्रपान हमारी आंखों को भी बुरी तरह से प्रभावित करता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि यदि आप स्मोकिंग नहीं करते और सिर्फ धूम्रपान करने वाले से संपर्क में रहते हैं तो भी यह आपको नुकसान पहुंचा सकता है. लंबे समय तक धूम्रपान करने से आंखे लाल हो जाती हैं और धुंधलापन छाने की भी संभावना बढ़ जाती है.

ओनली माय हेल्थ की खबर के अनुसार स्मोकिंग करने वाले सभी लोगों को सिर्फ कैंसर और फेफड़े की ही बीमारी नहीं होती बल्कि इससे हमारा पूरा शरीर प्रभावित होता है. एक्सपर्ट के अनुसार आंखों की रोशनी कम होने का एक सबसे बड़ा कारण मोतियाबिंद की बीमारी थी. पहले इसकी वजह बढ़ती उम्र थी लेकिन अब यह दूसरे कई कारणों से भी हो जाता है. मोतियाबिंद होने के कारणों में धूम्रपान भी एक सबसे बड़ा कारण है. यदि आप स्मोकिंग करते हैं तो आप अपनी आंखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. आइए जानते हैं कि स्मोकिंग की वजह से आंख से संबंधित कौन कौन सी बीमारी हो सकती है….

मोतियाबिंद का खतरा: आप जितना अधिक धूम्रपान करेंगे मोतियाबिंद होने या फिर मोतियाबिंद के बढ़ने की संभावना उतनी ही अधिक होगी. मोतियाबिंद एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंख का लेंस कमजोर हो जाता है और देखने की क्षमता कम होने लगती है. धूम्रपान से होने वाला धुंआ आंखों को सीधे प्रभावित करता है.

यूवाइटिस: यूवाइटिस आंख की एक ऐसी बीमारी है जिसमें आंख के मध्य परत में सूजन आ जाती है. 2015 की एक रिपोर्ट के अनुसार यूवाइटिस होने की बड़ी वजहों में धूम्रपान को भी शामिल किया गया है. सिगरेट में पाए जाने वाले तत्व रक्त कोशिकाओं पर असर डालते हैं जिससे आंख में सूजन की समस्या होने लगती है.

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ड्राई आई सिंड्रोम: सामान्यतौर पर ड्राई आई की समस्या तब होती है जब आंखे आंसू बनाना बंद कर देती हैं. इस स्थिति में आंखों में सूखापन, जलन और आंख लाल होने लगती हैं. सिगरेट का धुंआ इसे और अधिक बढ़ा देता है जिससे ड्राई आई सिंड्रोम का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

कलर ब्लाइंडनेस के हो सकते हैं शिकार: धूम्रपान से कलर ब्लाइंडनेस जैसी आंखों की गंभीर समस्या भी हो सकती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि धूम्रपान का धुंआ हमारे रेटीना को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इससे हमारी आंख का वो हिस्सा प्रभावित होता है जो द्रश्य को देखकर मस्तिष्क को संदेश भेजता है. इसकी वजह से चीज का रंग अलग अलग दिखने लगता है.

ऑप्टिक न्यूरोपैथी की समस्या: एक्सपर्ट के अनुसार आंखों से किसी चीज को ठीक प्रकार से देखने के लिए ऑप्टिक और रेटिना दोनों का ठीक से काम करना जरूरी है. स्मोकिंग की वजह से होने वाला धुंए में मौजूद निकोटिन आंखों के ऑप्टिक नर्व की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं जिससे चीजें धूंधली दिखने लगती हैं.

Tags: Health, Lifestyle, Smoking

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