फाइब्रॉयड की वजह से मां बनने में आती है दिक्कत, जानें इसके बारे में

फाइब्रॉयड किस आकार का है और बॉडी में कहां है इससे यह बात निर्धारित होती है कि महिला मां बन पाएगी या नहीं.

News18Hindi
Updated: July 31, 2019, 8:47 AM IST
फाइब्रॉयड की वजह से मां बनने में आती है दिक्कत, जानें इसके बारे में
फाइब्रॉयड की वजह से मां बनने में आती है दिक्कत, जानें इसके बारे में
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Updated: July 31, 2019, 8:47 AM IST
फाइब्रॉयड यूट्रस की भीतरी परत में होने वाला एक कैंसर रहित ट्यूमर है. इसका साइज मटर के दाने के बराबर से लेकर तरबूज के आकार तक का हो सकता है. करीब 20 से 50 फीसदी महिलाएं इस समस्या का शिकार होती हैं. फाइब्रौयड की वजह से यूट्रस प्रभावित होता है और मां बनने में दिक्कत आती है. फाइब्रौयड के इलाज के बाद कई महिलाओं ने गर्भधारण किया है. आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से.

फाइब्रॉयड किस आकार का है और बॉडी में कहां है इससे यह बात निर्धारित होती है कि महिला मां बन पाएगी या नहीं. कई बार फाइब्रॉयड की वजह से प्रेग्नेंसी और डिलीवरी में भी दिक्कत आती है. कुछ केस में ऐसा भी होता है जब फाइब्रॉयड की वजह से fertilize eggs गर्भाशय की अंदुरुनी परत से नहीं जुड़ पाते हैं. ठीक इसी तरह जब फाइब्रॉयड यूट्रस की बाहरी परत की तरफ होता है तो यूट्रस के आकार में परिवर्तन आ जाता है और प्रेंग्नेंसी में दिक्कत आती है.

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जैसे जैसे फाइब्रॉयड का आकार बढ़ता जाता है उसके साथ ही यूट्रस में अंदुरुनी तौर पर कई बड़े बदलाव आते जाते हैं और पूरी प्रक्रिया में भी बड़ा परिवर्तन आता है और फाइब्रॉयड का आकार इससे ज्यादा तेजी से बढ़ने लगता है. इससे प्रेग्नेंट होने में दिक्कत आती है.

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फाइब्रॉयड का इलाज:

डॉक्टर जांच में फाइब्रॉयड का पता चलने पर पहले मरीज को दवाएं देता है. बहुत महिलाएं ऐसी होती हैं जिन्हें दवा खाने से ही फाइब्रॉयड से मुक्ति मिल जाती है. लेकिन कुछ महिलाएं इसके बावजूद भी ठीक नहीं होती है. तब डॉक्टर उन्हें ऑपरेशन की सलाह देते हैं.
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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: July 31, 2019, 8:47 AM IST
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