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गाउट फ्लेरअप्स से बढ़ता है हार्ट अटैक का खतरा, इन तरीकों से करें बचाव

गाउट फ्लेरअप्‍स खतरनाक हो सकता है. (Image Canva)

गाउट फ्लेरअप्‍स खतरनाक हो सकता है. (Image Canva)

गाउट फ्लेरअप्‍स जोड़ों से संबंधित एक बीमारी है जिसमें असहनीय दर्द होता है. कई अध्‍ययनों में भी पाया गया है कि गाउट समस् ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

गाउट फ्लेरअप्‍स एक प्रकार का आर्थराइटिस ही होता है.
इसका खतरा कम करने के लिए यूरिक एसिड कंट्रोल करें.

Heart Attack Risk Due To Gout Flare-Ups: जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न की समस्‍या आम नहीं है, यह परेशानी आर्थराइटिस या सर्वाइकल के अलावा गाउट फ्लेरअप्‍स भी हो सकती है. गाउट फ्लेरअप्‍स जोड़ों से संबंधित एक बीमारी है, जिसमें असहनीय दर्द होता है. कई अध्‍ययनों में भी पाया गया है कि गाउट समस्‍या के बढ़ जाने पर स्‍ट्रोक और हार्ट डिजीज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. यह बीमारी जोड़ों के दर्द से शुरू होती है. इसमें पैर के अंगूठे में अधिक दर्द रहता है. गाउट हड्डियों से लेकर किडनी तक को नुकसान पहुंचा सकती है. इससे बचने के लिए हेल्‍थ और लाइफस्‍टाइल पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए. चलिए जानते हैं गाउट से बचने के लिए क्‍या कर सकते हैं.

क्‍या है गाउट फ्लेरअप्‍स?
गाउट फ्लेरअप्‍स एक प्रकार का आर्थराइटिस है जिसमें जोड़ों के अंदर सोडियम यूरेट के क्रिस्‍टल फॉर्म हो जाते हैं. हेल्‍थलाइन के मुताबिक गाउट से जोड़ों में दर्द, सूजन और स्किन में रेडनेस आ जाती है. ये आमतौर पर पैर के अंगूठे को प्रभावित करता है. वैसे ये दर्द किसी भी जोड़ में हो सकता है. इसका दर्द तेजी से बढ़ता है और 3-7 दिनों में कम होता है. महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों को ये दर्द अधिक परेशान करता है. गाउट के लक्षण पुरुषों में 30 साल की उम्र के बाद और महिलाओं में 60 वर्ष की उम्र के बाद दिखाई देते हैं. इसके बढ़ जाने पर हार्ट अटैक का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.



डाइट पर दें ध्‍यान

गाउट के खतरे को कम करने के लिए जरूरी है कि डाइट पर ध्‍यान दें. डाइट में उन चीजों को शामिल करना चाहिए जिसमें अधिक मात्रा में कैलशियम, प्रोटीन और फाइबर हो. अंकुरित दालों के अलावा फल और सब्जियों का सेवन बढ़ाया जा सकता है. कार्ब के सेवन से बचें.

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यूरिक एसिड को करें कम
शराब और कैफीन का सेवन कम करें ये ब्‍लड में यूरिक एसिड को बढ़ने में मदद कर सकते हैं. नींबू और संतरे जैसे सिट्रस फ्रूट्स का सेवन अधिक करें ये फल यूरिक एसिड को कम करने में सहायक भूमिका निभाते हैं.

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मोटापा कम करें
मोटापा कई बीमारियों के लिए जिम्‍मेदार होता है. गाउट उन लोगों को अधिक हो सकता है जो मोटे होने के साथ फिजिकल एक्टिविटी कम करते हैं. फिजिकल एक्टिविटी कम करने से जोड़ों का दर्द बढ़ता है और शरीर में फैट भी जमा होने लगता है. गाउट की समस्‍या से बचने के लिए जरूरी है कि फिजिकल एक्टिविटी की जाए जिससे मोटापे को भी कंट्रोल किया जा सकता है.

Tags: Health, Heart Disease, Joint pain, Lifestyle

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