भारत में बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले, जानें इसके लक्षण

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Updated: August 19, 2019, 12:43 PM IST
भारत में बढ़ रहे हैं स्ट्रोक के मामले, जानें इसके लक्षण
शहरी क्षेत्रों में प्रति 1 लाख की आबादी में 334 और 424 स्ट्रोक के केसेज सामने आए हैं

शहरी क्षेत्रों में प्रति 1 लाख की आबादी में 334 और 424 स्ट्रोक के केसेज सामने आए हैं

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  • Last Updated: August 19, 2019, 12:43 PM IST
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गैर-संक्रामक रोगों से होने वाली मौतों के सबसे प्रमुख तीन कारणों में से एक ब्रेन स्ट्रोक है. ब्रेन स्ट्रोक दिल की बीमारियों और कैंसर के बाद तीसरी सबसे बड़ी बीमारी बन गई है, जो सीधे तौर पर घातक होती है. एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि भारत में हर एक लाख व्यक्तियों में 130 लोग ब्रेन स्ट्रोक के शिकार होते हैं. इंडियन स्ट्रोक एसोसिएशन (आईएसए) के अनुसार, दुनिया भर में हर साल 17 मिलियन के करीब लोग स्ट्रोक से पीड़ित होते हैं, जिनमें से 6.2 मिलियन लोग मरते हैं और 5 मिलियन विकलांग हो जाते हैं.

कई अन्य अध्ययनों में भी स्ट्रोक की बढ़ रही घटनाओं के ऊपर ध्यान खींची गई है. जर्नल ऑफ स्ट्रोक मेडिसिन में, 'एक्यूट इस्केमिक स्ट्रोक के शुरुआती प्रबंधन के लिए सिफारिश' शीर्षक से छपे एक अध्ययन में यह आंकड़े सामने आए कि स्ट्रोक की व्यापकता दर ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति लाख लोगों में 84 और 262 स्ट्रोक के बीच है. वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रति 1 लाख की आबादी में 334 और 424 स्ट्रोक के केसेज सामने आए हैं.

पिछले 15 वर्षों में भारत में स्ट्रोक के मामलों में 17.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. स्ट्रोक और विकलांगता के इतने सारे मामलों का कारण स्ट्रोक के खिलाफ निवारक रणनीतियों की कमी और स्ट्रोक प्रबंधन सुविधाओं के खराब व्यवस्थाओं के कारण है.  ग्रामीण और अर्ध-शहरी आबादी में स्ट्रोक प्रबंधन के लिए सुविधाओं की बेहद कमी है.

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण


  • सिर में तेज दर्द होना

  • हाथों और पैरों में कमजोरी महसूस होना

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  • याद्दाश्त कमजोर होना

  • देखने में परेशानी होना

  • मांसपेशियों का विकृत हो जाना


Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: August 19, 2019, 11:17 AM IST
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