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हेल्थ बजट में तवज्जो मिलने पर AIIMS सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों की ये रही प्रतिक्रिया

हेल्थ बजट में तवज्जो मिलने पर AIIMS सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों की ये रही प्रतिक्रिया

जाने-माने डॉक्टरों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़े हुए बजट से पूरे देश के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा. (फाइल फोटो)

जाने-माने डॉक्टरों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़े हुए बजट से पूरे देश के स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा. (फाइल फोटो)

Health Budget: केंद्र सरकार ने बजट 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2 लाख 23 हजार 846 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. पिछले बजट यानी 2020-21 के लिए मोदी सरकार ने 94 हजार 452 करोड़ रुपये दिए थे. बता दें कि 2017 के राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट का 2.5 से 3 प्रतिशत आवंटन का लक्ष्य रखा गया था.

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नई दिल्ली. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने भविष्य में स्वास्थ्य आपदा से निपटने के लिए बजट में कई तरह के प्रावधान किए हैं. मोदी सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sectors) के लिए इस बजट में पहले की तुलना में 137 फीसदी ज्यादा का इजाफा किया है. केंद्र सरकार ने बजट 2021-22 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 2 लाख 23 हजार 846 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. पिछले बजट यानी 2020-21 के लिए मोदी सरकार ने 94 हजार 452 करोड़ रुपये दिए थे. बता दें कि 2017 के राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट का 2.5 से 3 प्रतिशत आवंटन का लक्ष्य रखा गया था. पिछले आर्थिक सर्वेक्षण में भी इसको तत्काल ही लागू करने की जरूरत बताई गई थी. स्वास्थ्य बजट में इतना प्रावधान कोरोना महामारी के बाद किया गया है. देश के जाने-माने डॉक्टरों और विशेषज्ञों का भी मानना है कि बढ़े हुए बजट से पूरे देश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा. इस बजट में दिल्ली-एनसीआर के एम्स जैसे बड़े अस्पातलों का भी सुधार होगा. साथ ही कोरोना महामारी जैसे और कई तरह की बीमारियों की पहचान और जांच के लिए अत्याधुनिक ढांचा तैयार किया जाएगा.

बजट के 6 स्तंभों में स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे ऊपर रखा गया
मोदी सरकार साल 2021-22 के बजट के छह स्तंभों में स्वास्थ्य क्षेत्र को सबसे ऊपर रखा है. वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि अब आम लोगों को क्वालिटी के साथ सस्ते इलाज के लिए सरकार गंभीर है. कोरोना काल में निजी क्षेत्रों ने काफी अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन केंद्र सरकार अब निजी क्षेत्रों के भरोसे ही स्वास्थ्य सेक्टर को नहीं छोड़ सकती है. अब केंद्र सरकार ने बजट में दिखा दिया है कि सरकार भी इसकी जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार है.

Health कोरोना महामारी ने हेल्थ सेक्टर (Health Sector) को मजबूती प्रदान करने को लेकर पूरी दुनिया का सरकारों का ध्यान आकर्षित किया है. विश्व बैंक की तरफ से भी सार्वजनिक स्वास्थ्य में ज्यादा इनवेस्टमेंट करने की अपील की गई है. इसकी झलक 2021-2022 के स्वास्थ्य बजट (Health Budget 2021) में दिखी है.
कोरोना महामारी ने हेल्थ सेक्टर को मजबूती प्रदान करने को लेकर पूरी दुनिया का सरकारों का ध्यान आकर्षित किया है.


क्या कहते हैं विशेषज्ञ
देश की जानी-मानी रूमेटोलॉजिस्ट और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) के रूमेटोलॉजी डिपार्टमेंट की एचओडी प्रोफेसर डॉ. उमा कुमार कहती हैं, 'प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के संदेश को सही तरीके से लिया और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट में कई तरह के प्रवाधान किए. बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए राशि भी बढ़ाई गई है. अब सरकार को समझ में आ गया है कि सिर्फ बीमारियों के बेहतर इलाज का ढांचा तैयार करना नहीं है, बल्कि बीमारियों को होने के पहले से रोकने के उपायों पर भी जोर दिया जाना चाहिए. बजट में संक्रामक बीमारियों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए सर्विलांस सिस्टम और मजबूत ढांचा तैयार करने की बात कही गई है. अब सरकार ने सोचा है कि बीमारियों की टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और मॉनीटरिंग प्रखंड से लेकर जिला स्तर पर किया जाए. देश में कई लेबोरेटरी भी खोलने की बात कही गई है.'

बजट इसलिए है शानदार
उमा कुमार कहती हैं, 'देश में पहली बार बजट में इतने तरह का प्रावधान किया गया है. इससे हेल्थ इंफ्रास्टक्चर में परिवर्तन आएगा साथ ही स्वास्थ्य सेवा भी डेवेलप होगी. एम्स के लिए इस बजट में 310 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. कोरोना महामारी में उम्मीदों के मुताबिक हेल्थ बजट को तवज्जो दी गई है.'

Health Budget 2021
वित्‍त मंत्री ने कहा कि स्‍वस्‍थ भारत और सबका कल्‍याण हमारी सरकार का पहला लक्ष्‍य है.


जिला अस्पतालों में भी बेहतर इंफ्रास्टक्चर होगा मुहैया
एम्स के पूर्व निदेशक और वर्तमान में शारदा यूनिवर्सिटी में कार्यरत डॉ. एमसी मिश्रा कहते हैं, 'बजट में कई तरह के प्रावधान किए गए हैं, जो स्वागतयोग्य है. अब जिला अस्पतालों को भी मेडिकल कॉलेज में तब्दील करने की सरकार की कोशिश सराहनीय है. अब देखना है कि इसमें केंद्र सरकार कितना खर्च करती है और राज्य सरकार कितना करेगी. अमूमन 70 प्रतिशत केंद्र सरकार और 30 प्रतिशत राज्य सरकार हेल्थ सेक्टर में खर्च करती है. इसके साथ ही कोरोना के लिए बजट में 35 हजार करोड़ रुपये देना स्वागतयोग्य कदम है. कोरोना काल में निजी क्षेत्र के अस्पतालों ने अच्छा काम किया, हालांकि निजी क्षेत्र के भरोसे स्वास्थ्य सेवा को नहीं छोड़ सकते हैं, लेकिन सरकार ने डॉक्टरों और नर्स के रिक्त पदों को भरने की दिशा में बजट में कोई प्रावधान नहीं किया. मेरे ख्याल से स्वास्थ्य बजट में यह बात भी होनी चाहिए थी.'



ये भी पढ़ें: आम बजट 2021: भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल को इस बजट में मिले लगभग 40 करोड़ रुपये

गौरतलब है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांच के निर्माण के लिए 'पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ्य भारत' के नाम से नई योजना का भी ऐलान किया गया है. अगले छह सालों में इस योजना पर तकरीबन 64 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है. इसके साथ ही देश में 75 हजार ग्रामीण हेल्थ सेंटर भी खोलने की बात बजट की गई है. देश के सभी जिलों में जांच केंद्र के साथ क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल और इंटिग्रेटेड हेल्थ इंफो पोर्टल को और मजबूत करने की बात कही गई है.

Tags: AIIMS, Covid 19 vaccination, Health Budget, Hospitals, Modi Government Budget, PM Modi

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