शराब के ज्यादा सेवन से बढ़ता है स्ट्रोक और पीएडी का जोखिम: स्टडी

अत्यधिक शराब पीने से हेल्थ को बहुत नुकसान पहुंचता है.
अत्यधिक शराब पीने से हेल्थ को बहुत नुकसान पहुंचता है.

नए शोध में अधिक शराब के सेवन का स्ट्रोक और पेरिफेरल आर्टरी डिसीज (Peripheral Artery Disease) के बढ़ते जोखिम के बीच संबंध पाया गया है. जबकि अन्य कई अध्ययनों से लगातार पता चला है कि अत्यधिक शराब की खपत कुछ हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से जुड़ी है.

  • Last Updated: July 23, 2020, 1:44 PM IST
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शराब (Alcohol) पीना सेहत के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन ज्यादा शराब पीने वालों के लिए एक नए अध्ययन में खुलासा हुआ है कि इससे स्ट्रोक (Stroke) का खतरा बढ़ सकता है. यही नहीं अत्यधिक शराब का सेवन पेरिफेरल आर्टरी डिसीज (पीएडी) रोग भी दे सकता है. नए शोध में अधिक शराब के सेवन का स्ट्रोक और पेरिफेरल आर्टरी डिसीज (Peripheral Artery Disease) के बढ़ते जोखिम के बीच संबंध पाया गया है. जबकि अन्य कई अध्ययनों से लगातार पता चला है कि अत्यधिक शराब की खपत कुछ हृदय रोगों के बढ़ते जोखिम से जुड़ी है.

जीनोमिक एंड प्रिसिजन मेडिसीन जर्नल रिपोर्ट में प्रकाशित वर्तमान निष्कर्षों के लिए शोधकर्ताओं ने मेंडेलियन रैंडमाइजेशन नाम की एक अलग तकनीक का इस्तेमाल किया. यह तकनीक रोग के जोखिम की संभावित डिग्री निर्धारित करने के लिए जेनेटिक वेरिएंट की पहचान करती है. स्वीडन में करोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने कहा, 'चूंकि जेनेटिक वेरिएंट गर्भधारण पर निर्धारित होते हैं और बाद के पर्यावरणीय कारकों से प्रभावित नहीं हो सकते हैं तो यह तकनीक हमें बेहतर तरीके से यह निर्धारित करने में मदद करती है कि क्या कोई जोखिम कारक जो एक बीमारी का कारण है, या यदि यह सिर्फ इससे जुड़ा हुआ है. यहां इस मामले में अत्यधिक शराब की खपत के बारे में देखा गया है.'



शोधकर्ताओं के मुताबिक, 'अत्यधिक शराब की खपत मृत्यु और विकलांगता का जाना-माना कारण भी है, फिर भी यह पहले से स्पष्ट नहीं था कि क्या शराब का सेवन हृदय रोग का भी कारण है.' शोध दल ने कई बड़े पैमाने के कंसोर्टिया और यूके बायोबैंक से जेनेटिक डेटा का विश्लेषण किया, जो यूके के 5 लाख रहवासियों के स्वास्थ्य के बारे में था. नतीजे बताते हैं कि ज्यादा शराब की खपत के साथ, पेरिफेरल आर्टरी डिसीज की तीन गुना वृद्धि होती है. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली का कहना है कि पेरिफेरल आर्टरी डिसीज यानी परिधीय धमनी रोग ब्लड सर्कुलेशन से संबंधी एक विकार है, जिसमें हृदय और मस्तिष्क के अलावा शरीर के अन्य किसी हिस्से की नसें संकुचित होने लग जाती हैं.
इसके अलावा इस विकार में नसें पूरी तरह से ब्लॉक यानी बंद भी हो सकती हैं या उनमें गांठ बन सकती है. यह स्थिति सिर्फ धमनियों और नसों में ही होती है. आमतौर पर ज्यादातर मामलों में टांगों में होता है. स्ट्रोक अपंगता और मौत की प्रमुख वजह है. इस अध्ययन से यह जाहिर होता है कि शराब से स्ट्रोक की दर बढ़ जाती है. स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के हिस्से में रक्त की आपूर्ति ब्लॉक हो जाती है या जब मस्तिष्क की रक्त वाहिका फट जाती है. इससे मस्तिष्क के ऊतकों में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और कुछ मिनट के अंदर मस्तिष्क की कोशिकाएं मरना शुरू हो जाती है. स्ट्रोक से स्थाई मस्तिष्क की क्षति, दीर्घकालिक विकलांगता या यहां तक कि मौत भी हो सकती है.

अध्ययन ने उस मैकेनिज्म के बारे में बताया जिससे अत्यधिक शराब की खपत स्ट्रोक और पीएडी के जोखिम से जुड़ी थी और ब्लड प्रेशर हो सकता है. शोधकर्ताओं ने कहा कि स्ट्रोक और पेरिफेरल आर्टरी डिसीज के अलावा अन्य हृदय रोगों पर शराब के सेवन की भूमिका पर और शोध की आवश्यकता है. अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, शराब की लत के चरण, कारण, लक्षण, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं.सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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