बारिश के मौसम में फ्लू से बचने के लिए अपनाएं आयुष मंत्रालय के ये सुझाव

बारिश के मौसम में फ्लू से बचने के लिए अपनाएं आयुष मंत्रालय के ये सुझाव
फ्लू से बचने के घरेलू नुस्खे (फोटो साभार- pexels/Andrea Piacquadio)

बारिश में मौसम (Monsoon Season) में शरीर का इम्यून सिस्टम (बीमारियों से लड़ने की ताकत) भी कमजोर हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया के हमले की आशंका बढ़ जाती है.

  • Last Updated: July 21, 2020, 5:40 PM IST
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दुनियाभर में कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते इन दिनों हर कोई खौफ में जी रहा है. ऐसे में यदि किसी को थोड़े से भी बीमारी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो कोरोना संक्रमण समझकर चिंतित हो जाता हैं. इस बीच भारत में जुलाई-अगस्त के दौरान मानसूनी बारिश चरम पर रहती है, जिससे अन्य संक्रामक बीमारियां भी पैर पसारने लगती हैं. इन बीमारियों के लक्षण भी कुछ-कुछ कोविड-19 से मिलते-जुलते हैं. myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. नबी वली के अनुसार, जुकाम भी 100 से अधिक अलग-अलग तरह के वायरस से हो सकता है. इन तमाम परिस्थितियों के दौरान यदि देश के आयुष मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझावों को सावधानीपूर्वक पालन करें तो मौसमी बीमारियों से भी आसानी से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं मौसमी बीमारियों के प्रमुख लक्षण क्या हैं और आयुष विभाग उनसे बचने के लिए क्या सुझाव देता है -

बारिश में मौसमी बीमारियों के लक्षण



बारिश के मौसम में नमी के कारण बैक्टीरिया और वायरस का संक्रमण बढ़ जाता है. वहीं घर के आसपास इकट्ठा गंदा पानी भी इन वायरस व बैक्टीरिया को पनपने का मौका देता है. बारिश में मौसम में शरीर का इम्यून सिस्टम (बीमारियों से लड़ने की ताकत) भी कमजोर हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया के हमले की आशंका बढ़ जाती है. जब बैक्टीरिया शरीर पर आक्रमण करते हैं तो सबसे पहले हमारे श्वसन तंत्र पर असर डालते हैं. चूंकि ये वायरस नाक, मुंह या आंख के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं, ऐसे में श्वसन तंत्र संक्रमित हो जाता है और सांस लेने में दिक्कत, नाक बंद हो जाना, खांसी, सर्दी, थकान और मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होने के सामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं. इन्हीं में से कुछ मिलते-जुलते लक्षण कोविड-19 बीमारी में भी होते हैं.
फ्लू से बचना हो तो आयुष मंत्रालय का ये है सुझाव

सिर्फ गुनगुने पानी का ही करें सेवन : आयुष मंत्रालय के मुताबिक मौसमी बीमारियों या फ्लू से बचना है तो दिन में कई बार गुनगुने पानी का ही सेवन करें क्योंकि इससे गले में मौजूद बैक्टीरिया या वायरस के खत्म होने की संभावना बढ़ जाती है.

घर में बना आयुर्वेदिक काढ़ा जरूर पीएं : आयुर्वेदिक काढ़ा कई तरह की औषधियों से मिलाकर तैयार किया जाता है. यह शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. शरीर अपने ऊपर होने वाले बाहरी आक्रमण से लड़ने के लिए मजबूत होता है. ऐसे में आयुष मंत्रालय के यह भी सुझाव हैं कि फ्लू से बचने के लिए अजवाइऩ, पुदीना, अदरक, काली मिर्च आदि घरेलू औषधियों से तैयार किया गया काढ़ा जरूर पीएं. यदि आप घर पर काढ़ा तैयार नहीं कर सकते तो इन दिनों बाजार में भी तैयार काढ़ा मसाला पैकेट मिलने लगे हैं, जिन्हें गर्म करके पीया जा सकता है.

रात में सोते समय जरूर पीएं हल्दी वाला दूध :
myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, हल्दी कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है. यह एक अच्छी एंटीऑक्सीडेंट भी है. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. मौसमी बीमारियों से बचने के लिए रात में सोते समय हल्दी का दूध जरूर पीना चाहिए. विशेषकर बच्चों को जरूर पिलाना चाहिए, क्योंकि मौसमी बीमारियों का प्रकोप बच्चों पर ज्यादा होता है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम बड़ों की तुलना में ज्यादा कमजोर होता है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, फ्लू के लक्षण, कारण, इलाज, जोखिम और दवा पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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