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हॉट और कोल्ड थेरेपी दिला सकती है अर्थराइटिस में राहत, ऐसे मिलेगा आराम

अर्थराइटिस में राहत दे सकती है हॉट और कोल्‍ड थेरेपी-(Image Canva)

अर्थराइटिस में राहत दे सकती है हॉट और कोल्‍ड थेरेपी-(Image Canva)

Hot And Cold Therapy Can Provide Relief In Arthritis-यह एक प्राकृतिक उपचार है जो मांसपेशियों को रिलेक्‍स कर दर्द से राह ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

हॉट थेरेपी के लिए सोना बाथ और हॉट टब का चुनाव किया जा सकता है.
अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में सहायक हॉट और कोल्‍ड थेरेपी.
कोल्‍ड थेरेपी में आईस मसाज से मिलता है आराम.

Hot And Cold Therapy Can Provide Relief In Arthritis- अर्थराइटिस एक ऐसी स्थि‍ति है जो जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न का कारण बन सकती है. हालांकि इस बीमारी का कोई खास इलाज नहीं है लेकिन इससे होने वाले दर्द और लक्षणों को कम करने में हॉट और कोल्‍ड थेरेपी काम आ सकती है. ये एक प्राकृतिक उपचार है जो मांसपेशियों को रिलेक्‍स कर दर्द से राहत दिला सकता है. हॉट और कोल्‍ड थेरेपी फ्लेक्जिबिलिटी को बढ़ाने और ब्‍लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद कर सकती है. ये दोनों ही थेरेपी अलग-अलग की जाती है लेकिन यदि इसका एक साथ प्रयोग किया जाए तो जल्‍दी फायदा मिल सकता है. हॉट और कोल्‍ड थेरेपी को लक्षण और ट्रीटमेंट के अनुसार प्रयोग किया जा सकता है. चलिए जानते हैं कैसे हॉट और कोल्‍ड थेरेपी का प्रयोग करने से अर्थराइटिस में राहत मिल सकती है.

क्‍या है कोल्‍ड थेरेपी
कोल्‍ड थेरेपी प्रभावित क्षेत्र में ब्‍लड फ्लो को कम कर सकती है. हेल्‍थलाइन के अनुसार कोल्‍ड थेरेपी के प्रयोग से दर्द और सूजन को कम करने में मदद मिलती है. इस थेरेपी के माध्‍यम से ज्‍वाइंट्स को थोड़ी देर के लिए सुन्‍न किया जा सकता है जिससे दर्द का अहसास कम होता है. जो लोग मांसपेशियों के दर्द के कारण एक्‍सरसाइज नहीं कर पाते उनके लिए ये थेरेपी वरदान साबित हो सकती है. इस थेरेपी के कई प्रकार है जिनका सुविधानुसार चुनाव किया जा सकता है. कोल्‍ड थेरेपी से कई लोगों को मांसपेशियों में दबाव होने से परेशानी भी हो सकती है.

कोल्‍ड थेरेपी के प्रकार
–  आईस पैक
–   आईस मसाज
–  आईस बाथ
–  कोल्‍ड बाथ और शॉवर

क्‍या है हॉट थेरेपी
हॉट थेरेपी को थर्मोथेरेपी भी कहा जाता है. हॉट थेरेपी ब्‍लड सर्कुलेशन में सुधार करती है और ब्‍लड वेसल्‍स को खोलती है. जिस वजह से प्रभावित क्षेत्र में अधिक ब्लड, ऑक्‍सीजन और पोषक तत्‍व पहुंचने में मदद मिलती है. हॉट थेरेपी से सूजन, जकड़न और दर्द को कम किया जा सकता है. इस थेरेपी से बॉडी की मांसपेशियों को ढीला और एक्टिव रखने में मदद मिलती है. हालांकि हॉट थेरेपी से स्किन में सूजन और लालपन की समस्‍या बढ़ सकती है. हार्ट, हाई कोलेस्‍ट्रॉल, डायबिटीज और मल्‍टीपल स्‍केलेरोसिस वाले लोगों को इसका प्रयोग करने से पहले डॉक्‍टर की सलाह लेना जरूरी है.

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हॉट थेरेपी के प्रकार
–  हॉट शॉवर
–  वॉर्म कम्‍प्रेस
–  हॉट वाटर में स्विम और एक्‍सरारइज करना
–  बाथ
–  सोना बाथ
–  पैराफिन वैक्‍स ट्रीटमेंट

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ऐसे करें प्रयोग मिलेगी दर्द में राहत
बहुत से अर्थराइटिस के मरीजों को हॉट और कोल्‍ड थेरेपी को अल्‍टरनेट उपयोग करने से आराम मिलता है. इस ट्रीटमेंट के दौरान ठंडे और गर्म ट्रीटमेंट के बीच स्‍विच कर सकते हैं. कुछ देर ठंडा तो कुछ देर गर्म थेरेपी का उपयोग कर सकते हैं. दोनों थेरेपी के बीच 20 मिनट का अंतर रखना जरूरी है. इस ट्रीटमेंट में हमेशा कोल्‍ड थेरेपी के साथ शुरुआत और अंत किया जाना चाहिए. इसके लिए आइस बाथ, सोना बाथ या हॉट टब जैसे ऑप्‍शन का चुनाव किया जा सकता है.

Tags: Health, Joint pain, Lifestyle

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