ऑफिस के तनाव को इस तरह करें कम

सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि अवसाद या तनाव को बहुत से लोग कोई समस्या ही नहीं मानते या प्रत्यक्ष रूप से इसका कोई लक्षण सामने नहीं दिखाई पड़ता है. लेकिन धीरे धीरे लोगों के काम, स्वास्थ्य और जीवन में नकारात्मकता घर करने लगती है जिसका आगे जाकर लोगों पर काफी बुरा असर पड़ता है.

News18Hindi
Updated: August 16, 2019, 9:28 AM IST
ऑफिस के तनाव को इस तरह करें कम
सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि अवसाद या तनाव को बहुत से लोग कोई समस्या ही नहीं मानते या प्रत्यक्ष रूप से इसका कोई लक्षण सामने नहीं दिखाई पड़ता है. लेकिन धीरे धीरे लोगों के काम, स्वास्थ्य और जीवन में नकारात्मकता घर करने लगती है जिसका आगे जाकर लोगों पर काफी बुरा असर पड़ता है.
News18Hindi
Updated: August 16, 2019, 9:28 AM IST
कई बार बढ़ते वर्कलोड और कई दिनों तक बिना छुट्टी के लगातार काम करने की वजह से लोग ऑफिस स्ट्रेस का शिकार हो जाते हैं. ऑफिस में 9 घंटे सिस्टम पर आंखें जमाये रखने के बाद कई संस्थानों में कर्मचारियों से उम्मीद की जाती है कि वो वर्क फ्रॉम होम भी करें. इस स्थिति में लोग खुद और अपने करीबियों के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं. लिहाजा लगातार तनाव, चिंता उन्हें घेरे रहती है और धीरे धीरे वो अवसादग्रस्त होने लगते हैं. इन सबमें सबसे बड़ी प्रॉब्लम यह है कि अवसाद या तनाव को बहुत से लोग कोई समस्या ही नहीं मानते या प्रत्यक्ष रूप से इसका कोई लक्षण सामने नहीं दिखाई पड़ता है. लेकिन धीरे धीरे लोगों के काम, स्वास्थ्य और जीवन में नकारात्मकता घर करने लगती है जिसका आगे जाकर लोगों पर काफी बुरा असर पड़ता है. आइए जानते हैं ऑफिस स्ट्रेस के कारण और निदान...

ऑफिस स्ट्रेस के कारण:
ऑफिस स्ट्रेस के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं जैसे कि ज्यादा वर्क प्रेशर, शिफ्ट के बार भी काम करना, बॉस का हर काम में मीन-मेख निकालना और सपॉर्टिव न होना, सहकर्मियों का बुरा व्यवहार और एक ही काम लगातार करना.

इस तरह ठीक होगा ऑफिस स्ट्रेस:

कई बार लोग समझ ही नहीं पाते कि वो तनाव में हैं और बेवजह बात बात पर खीजते रहते हैं. इसे समझने के लिए रोजाना डायरी लिखने की आदत डालें. डायरी में दिन भर में हुई सकारात्मक और नकारात्मक चीजों का लेखा जोखा रखें. इससे आप यह समझ पाएंगे कि आपको कब अच्छा महसूस हुआ और किस बात को लेकर आप अभी भी चिंतित हैं. इसे समझने के बाद आप इसे ठीक करने के तरीके के बारे में विचार करें. उदाहरण स्वरुप, आज आपके बॉस ने किसी काम को लेकर आपको लताड़ लगाई या किसी सहकर्मी से आपकी लड़ाई हुई, इस स्थिति में तनाव लेने से बेहतर है कि ठंडे दिमाग से इसपर काम करें. बॉस से या सहकर्मी से बातचीत करें ताकि मुद्दे को सुलझा सकें. बेवजह मन में कोई मैल न रखें, इससे आपके मन में ही नकारात्मकता और तनाव बढ़ेगा.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: August 16, 2019, 9:28 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...