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कैंसर समेत कई रोगों के जोखिम को बढ़ा सकता है आर्टिफिशियल फूड कलर, जानें इससे बचाव के तरीके

आर्टिफिशियल कलर हमारी हेल्थ को ई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं.

आर्टिफिशियल कलर हमारी हेल्थ को ई तरह से नुकसान पहुंचाते हैं.

आर्टिफिशियल फूड कलर को फूड डाई भी कहा जाता है. ये सिंथेटिक रंग होते हैं जो प्रोसेस्ड फूड के रंग और स्वाद को बढ़ावा देते ...अधिक पढ़ें

Impact Of Artificial Food Color: आजकल की लाइफस्टाइल में हमारे खानपान में बहुत बदलाव आ चुका है. हम बिना सोचे समझे कि हमारी हेल्थ के लिए क्या फायदेमंद है और क्या नुकसानदायक है किसी भी चीज का सेवन कर लेते हैं. हम डेली रूटीन में कई रंग बिरंगे खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं लेकिन, क्या आपको पता है कि इन फूड्स में कई तरह के आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं. कई बार इन कृत्रिम कलर की वजह से फूड एलर्जी की भी समस्या होने लगती है, इसे फूड कलरिंग एलर्जी भी कहते हैं.

आर्टिफिशियल फूड कलर को फूड डाई भी कहा जाता है. गो डिजिट के अनुसार ये सिंथेटिक रंग होते हैं जो प्रोसेस्ड फूड के रंग और स्वाद को बढ़ावा देते हैं. पिछले कुछ समय में फूड डाई का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है. कई शोध में यह सामने आ चुका है कि अगर लंबे समय तक फूड डाई का इस्तेमाल किया जाए तो इससे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

आर्टिफिशियल फूड से होने वाली बीमारी
कैंसर:
कई प्रकार के खाद्य पदार्थों वाले रंगों में बेंजीन पाया जाता है, जिसे सामान्यतौर पर कार्सिनोजेन के रूप में जाना जाता है. इसके अतिरिक्त भी फूड डाई में कई तरह के हानिकारक रासायनिक तत्व पाए जाते हैं. कई अधय्यनों से यह पता चलता है कि फूड डाई वाले पदार्थों के इस्तेमाल से कैंसर और ट्यूमर का कारण बन जाता है.

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अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी ): फूड कलर के इस्तेमाल से अटेंशन डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर की समस्या भी हो सकती है. फिलहाल अभी इसकी पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो सकी है. अधिकांश अध्ययनों का कहना है कि सिंथेटिक खाद्य रंगों में ADHD होने की संभावना अधिक होती है.

एलर्जी: कई उदाहरणों ने साबित किया है कि कृत्रिम खाद्य रंगों से एलर्जी होती है. उदाहरण के लिए, कई अध्ययन टार्ट्राज़िन, एक पीले रंग की डाई को अस्थमा और पित्ती का कारण साबित करते हैं.

सिंथेटिक खाद्य रंग: बाजार में खाद्य पदार्थों में कई तरह के फूड डाई का इस्तेमाल किया जाता है. कुछ आर्टिफिशियल फूड कलर निम्न लिखित है.
– सनसेट यलो
– क्विनोलोन पीला
– टट्राइजिन
– डार्क लाइट नीला
– इंडिगो आर्मीन
– अल्लारा लाल

आर्टिफिशियल फूड कलर से बचने के तरीके
पूरा खाना खाएं:
फूड कलरिंग से बचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि प्रोस्सेस्ड फूड से जितना संभव हो उतना बचा जाए. रंग बिरंगे फूड खाने से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप घर में संतुलित आहार का सेवन करें.

हेल्दी फूड का चुनाव करें: कई प्रकार के पेय पदार्थ और कैंडी में अलग अलग रंग का प्रयोग किया जाता है. इसके अलावा बाजार मे मिलने वाले केक में भी इसका जमकर इस्तेमाल होता है इसलिए जरूरी है कि अच्छी हेल्थ के लिए हेल्दी फूडा का चुनाव करें.

फूड लेबल पढ़ें: पैकेज्ड फूड खरीदने से पहले उस पर लगे लेबल को जरूर पढ़ें और जानें कि उसमें किस प्रकार के फूड कलर का प्रयोग किया गया है. सिंथेटिक फूड डाई का इस्तेमाल होने पर उन्हें न लें.

घर पर खाना पकाएं: घर पर खाना बनाना सबसे अच्छा उपाय है सिंथेटिक फूड कलर से बचने का. अगर आप खुद से खाना तैयार करते हैं तो आप रंग के उपयोग को नियंत्रित कर सकते हैं या इसका उपयोग करने से भी रोक सकते हैं.

Tags: Health, Lifestyle

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