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Covid ही नहीं साल 2020 में इन वायरस और बीमारियों ने भी लोगों को डराया

Covid ही नहीं साल 2020 में इन वायरस और बीमारियों ने भी लोगों को डराया

साल 2020 में ये वायरस रहे चर्चा में (photo credit: pexels/cotonbro)

साल 2020 में ये वायरस रहे चर्चा में (photo credit: pexels/cotonbro)

साल 2020 में कोरोना (Covid 19) के अलावा भी कई अलग-अलग तरह के नए वायरस और बीमायां आईं जिनमें हंटा वायरस (Hantavirus), कैट क्यू वायरस (Cat Que virus), चैपर वायरस (Chapare virus), सैल्मोनेला आउटब्रेक (Salmonella Outbreak)और अब आंध्र प्रदेश में सामने आयी रहस्यमयी बीमारी इलुरू आउटब्रेक (Eluru outbreak) शामिल है...

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    साल 2020 भले ही खत्म होने वाला हो लेकिन बीमारियों का डर अब भी लोगों के मन में बना हुआ है. सार्स-सीओवी-2 यानी नए कोरोना वायरस से होने वाली बीमारी कोविड-19 की वजह से अब तक दुनियाभर के 7 करोड़ 7 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 15 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. भले ही कोविड-19 से संक्रमित होने वाले 80 प्रतिशत से ज्यादा लोगों में बीमारी के हल्के लक्षण ही नजर आते हों और ज्यादातर लोग बीमारी से रिकवर भी हो जाते हों, बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोगों में कोरोना वायरस इंफेक्शन से रिकवर होने के बाद भी हृदय, फेफड़े, ब्रेन, स्किन और शरीर के कई और अंगों में कई तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं.

    बेहद संक्रामक और जानलेवा वायरस, कोरोना वायरस के अलावा भी कई और वायरस रहे जिन्होंने साल 2020 में लोगों को काफी डराया. इस साल भारत समेत दुनियाभर में कई अलग-अलग तरह के नए वायरस और बीमारियों के आउटब्रेक की खबरें सामने आयीं जिनमें हंटा वायरस, कैट क्यू वायरस, चैपर वायरस, सैल्मोनेला आउटब्रेक और अब आंध्र प्रदेश में सामने आयी रहस्यमयी बीमारी इलुरू आउटब्रेक शामिल है. इनमें से ज्यादातर ऐसे वायरस थे जिनका उत्पत्ति जानवरों में हुई और फिर वे इंसानों में फैलने लगे.

    हंटा वायरस
    सबसे पहले बात हंटा वायरस की. कोरोना वायरस के डर के बीच 24 मार्च 2020 को चीन के यूनान प्रांत में हंटा वायरस से एक व्यक्ति की मौत की बात सामने आयी जिसके बाद दुनियाभर में हंटा वायरस टॉप ट्रेंड करने लगा और लोगों के मन में एक और वायरस को लेकर डर की स्थिति उत्पन्न हो गई. अमेरिका के सीडीसी (सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन) की मानें तो हंटा वायरस चूहों से फैलता है. अगर कोई व्यक्ति संक्रमित चूहों के मल-मूत्र या लार को छूने के बाद अपने चेहरे पर हाथ लगाता है तो उस व्यक्ति के हंटा वायरस से संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है. इसका पूरा नाम हंटावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम (एचपीएस) है और इसके लक्षण फ्लू की तरह होते हैं. ठंड लगना, बदन दर्द, उल्टी, पेट दर्द, सांस फूलना, फेफड़ों में पानी भर जाना आदि इस बीमारी के लक्षण हैं. अगर समय पर इसका इलाज न हो तो यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है. हालांकि अब तक इस बीमारी का कोई विशिष्ट इलाज मौजूद नहीं है.



    कैट क्यू वायरस
    कोविड-19 संक्रमण जैसे-जैसे तेजी से बढ़ रहा था उस दौरान जुलाई 2020 में एक और वायरस ने लोगों को डराया जब इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने इस बात की जानकारी दी कि लोगों के शरीर में एक और वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज का पता चलता है और वह है- कैट क्यू वायरस. कैट क्यू वायरस एक अर्बोवायरस है जो मच्छरों के काटने से फैलता है. इस बीमारी के बारे में साल 2004 में पहली बार पता चला था. सिरदर्द, बुखार, उल्टी आना, सुस्ती, स्किन पर रैशेज होना, भूख न लगना, बेहोश होना आदि कैट क्यू वायरस के लक्षण हैं. ऐसा माना जा रहा है कि सूअर इस वायरस के प्राइमरी होस्ट हैं. कैट क्यू वायरस के इलाज के लिए अब तक कोई शोध मौजूद नहीं है लेकिन यह बच्चों में होने वाली बीमारी इन्सेफेलाइटिस जैसा होता है.

    चैपर वायरस
    नवंबर महीने में अमेरिका के सीडीसी ने बोलिविया में सामने आए चैपर वायरस के बारे में दुनिया को आगाह किया जो इंसान से इंसान में फैल सकता है. चैपर वायरस की वजह से चैपर वायरल हेमोरेजिक फीवर बीमारी होती है और जिस तरह कोविड-19 कोरोनाविरिडे फैमिली का हिस्सा है उसी तरह से चैपर वायरस, वायरस की एरिनाविरिडे फैमिली से आता है. हंटा वायरस की ही तरह चैपर वायरस भी संक्रमित चूहों के मल-मूत्र के सीधे संपर्क में आने के बाद इंसानों में फैल सकता है. साल 2003 में पहली बार चैपर वायरस के बारे में पता चला था. बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द महसूस होना, पेट में दर्द, उल्टी आना, डायरिया, स्किन रैशेज आदि चैपर वायरस के सामान्य लक्षण हैं. मौजूदा समय में इस बीमारी का कोई इलाज मौजूद नहीं है.

    सैल्मोनेला आउटब्रेक
    जुलाई 2020 में अमेरिका के 23 से ज्यादा स्टेट्स में सैल्मोनेला आउटब्रेक के सैंकड़ों मामले सामने आए, हालांकि किसी की मौत नहीं हुई. इस दौरान फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने कहा कि एक खास तरह के लाल प्याज की वजह से यह बीमारी फैली थी. सैल्मोनेला कोई वायरस नहीं बल्कि बैक्टीरिया है जो फूड यानी खाद्य पदार्थों के कारण होने वाली बीमारी का सबसे कॉमन कारण माना जाता है. सैल्मोनेला इंफेक्शन के लक्षणों में डायरिया, पेट में दर्द और ऐंठन और दूषित भोजन खाने के 12 से 72 घंटे के अंदर बुखार आने जैसे लक्षण शामिल हैं. बीमारी के लक्षण 4 से 7 दिन तक बने रहते हैं, लेकिन 5 साल से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए यह संक्रमण बेहद गंभीर और जानलेवा साबित हो सकता है.

    इलुरू आउटब्रेक
    आंध्र प्रदेश के इलुरू जिले में एक अज्ञात बीमारी सामने आयी है जिसकी वजह से अब तक 500 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं. 6 दिसंबर को पहली बार इस रहस्यमय बीमारी के बारे में पता चला था. पीड़ित मरीजों में चक्कर आना, बदन में ऐंठन, सिरदर्द, जी मिचलाना, बेहोशी और मिर्गी जैसे लक्षण देखने को मिले थे. बीमार हुए लोगों में बच्चों की संख्या सबसे अधिक है. हालांकि अभी तक इस बीमारी के सही कारणों का पता नहीं चल पाया है लेकिन मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की जा रही है. इलुरू में एम्स की जो मेडिकल टीम भेजी गई थी उसने संभावना जताई है कि बीमार पड़े लोग पानी में मौजूद वायरस या पेस्टिसाइड की वजह से भी बीमार हो सकते हैं. (अधिक जानकारी के लिए पढ़ें हमारा आर्टिकल कैट क्यू वायरस क्या है, कारण, लक्षण, इलाज।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)undefined

    Tags: Bye Bye 2020, Corona Health and Fitness, Health, Health News, Lifestyle, News18-MyUpchar

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