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Massage Therapy: मसाज थेरेपी से कम हो सकती है सूजन, ज्वाइंट्स पेन में भी मिलेगी राहत

मसाज थेरेपी से मिल सकती है दर्द में रा‍हत-(Image Canva)

मसाज थेरेपी से मिल सकती है दर्द में रा‍हत-(Image Canva)

Massage Therapy Can Reduce Pain-कई अध्‍ययनों में भी ये बात सामने आई है कि मसाज शरीर की मांसपेशियों को रिलेक्‍स करने और ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

मसाज थेरेपी से दर्द में राहत मिलती है.
अर्थराइटिस में मसाज थेरेपी से मिल सकता है दर्द से छुटकारा.
मसाज करने के लिए ऑयल और लोशन का प्रयोग किया जा सकता है.

Massage Therapy Can Reduce Pain- प्राचीन काल से ही दर्द और सूजन को कम करने के लिए मसाज का सहारा लिया जा रहा है. मसाज अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में भी सहायक होती है. कई अध्‍ययनों में भी ये बात सामने आई है कि मसाज शरीर की मांसपेशियों को रिलेक्‍स करने और उन्‍हें रिकवर करने का काम करती है. नियमित मसाज करने से मूड में सुधार होता है और बेहतर नींद आ सकती है.

प्राचीन काल से अभी तक मसाज के तरीके और मायने काफी बदल गए हैं लेकिन इससे होने वाले फायदे एक समान है. मसाज कई प्रकार की होती हैं. ज्‍वाइंट्स पेन और सूजन को कम करने के लिए हॉट एंड कोल्‍ड मसाज,  स्‍टोन मसाज और डीप टिशू मसाज का चुनाव कर सकते हैं.

मायोफेशियल रिलीज
ये ट्रीटमेंट का एक स्‍टाइल है जिसमें शरीर के सिलेक्‍टेड पार्ट पर अधिक दबाव के साथ मसाज की जाती है. एवरीडे हेल्‍थ के अनुसार इस स्‍टाइल को हफ्ते में दो बार किया जा सकता है. मायोफेशियल रिलीज के जरिए ज्‍वाइंट्स पेन,  अर्थराइटिस और सूजन को कम करने में मदद मिलती है. इसमें स्‍पेसिफिक ज्‍वाइंट्स पर प्रेशर डाला जाता है जो मांसपेशियों को रिलेक्‍स करने का काम करता है.

स्‍वीडिश मसाज
स्‍वीडिश मसाज सबसे प्रसिद्ध मसाज टेक्‍नीक है. स्‍वीडिश मसाज मांसपेशियों को आराम देने और खोलने के लिए अलग-अलग प्रेशर प्‍वाइंट पर दबाव डालती है. इस मसाज को करने के लिए खास लोशन और तेल का उपयोग किया जाता है. मिंट ऑयल से मसाज करने से मांसपेशियों को स्थिर करने में मदद मिलती है.

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डीप टिशू मसाज
दर्द और जकड़न को कम करने के लिए डीप टिशू मसाज का सहारा लिया जाता है. इसमें सूजन को कम करने के लिए प्रेशर के साथ मसाज की जाती है जो ब्‍लड सर्कुलेशन को बढ़ाने का काम भी करती है. लेकिन डीप टिशू मसाज को लंबे समय तक करने से नुकसान भी हो सकता है.

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हॉट स्‍टोन मसाज
हॉट स्‍टोन मसाज को मसल्‍स में बन गई गांठों को खोलने के लिए यूज किया जाता है. ये मसाज गर्म पत्‍थरों के साथ की जाती है जो मांसपेशियों को आराम देने में मदद कर सकते हैं. इससे दर्द भी काफी हद तक कम हो सकता है. हॉट स्‍टोन मसाज का अधिक प्रयोग जोड़ों के दर्द को बढ़ावा भी दे सकता है.

Tags: Health, Joint pain, Lifestyle

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