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क्या तनाव और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल में कोई संबंध है? जानिए ये जरूरी बातें

तनाव और कोलेस्ट्रोल के बीच में संबंध,Image-Canva

तनाव और कोलेस्ट्रोल के बीच में संबंध,Image-Canva

Link between Stress and Cholesterol - अक्सर कहा जाता है कि ज्यादा खाने पीने और व्यायाम ना करने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

तनाव लेने वाले व्यक्तियों में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है.
तनाव लेने से शरीर में कार्टीसोल नामक तत्व रिलीज होता है.

Link between Stress and Cholesterol – आजकल मोटापे से अधिकतर लोग परेशान हैं और इसकी वजह हाई कोलेस्ट्रॉल को बताया जाता है. कहते हैं कि एक्सरसाइज ना करने और खानपान में लापरवाही की वजह से कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है लेकिन कई लोग कम खाते हैं और फिर भी उनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है. ऐसे में कहा जाता है कि तनाव के चलते कोलेस्ट्रॉल बढ़ रहा है. क्या वाकई तनाव और कोलेस्ट्रॉल का आपस में कोई संबंध है, इसका जवाब है जी हां. तनाव और कोलेस्ट्रॉल आपस में कनेक्टेड हैं. ज्यादा तनाव लेने का कोलेस्ट्रॉल ही नहीं ह्रदय रोग से भी संबंध है. ज्यादा तनाव लेने  से कोलेस्ट्रॉल का लेवल भी हाई हो जाता है. ऐसे में इन दोनों दिक्कतों को कंट्रोल करने के लिए तनाव को भी नियंत्रण में रखना जरूरी हो जाता है. चलिए जानते हैं कि ज्यादा तनाव के चलते कैसे कोलेस्ट्रॉल का स्तर और उसके परिणामस्वरूप वजन बढ़ने लगता है. 

कोलेस्ट्रोल और तनाव के बीच में संबंध
वेब एम डी के अनुसार दरअसल व्यक्ति के तनाव लेने से कोर्टीसोल और एड्रेडनलाइन नामक हॉर्मोन बढ़ जाता है जिसके कारण शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ जाता है.
-ऐसे में जब फाइनेंशियल, इमोशनल या अन्य कारणों से व्यक्ति किसी तनाव में आता है तो उसके शरीर में कोर्टीसोल नामक हॉर्मोन बढ़ने लगता है और कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ जाता है.
-इन दोनों के बीच दूसरा कनेक्शन स्मोकिंग को लेकर भी है. यूं तो स्मोकिंग करना किसी भी स्थिति में सेहतमंद नहीं है लेकिन अक्सर लोग तनाव में ज्यादा स्मोकिंग करने लगते हैं. ऐसे में शरीर में ज्यादा निकोटीन और तंबाकू जाने से LDL (low-density lipoprotein) यानी बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल स्तर हाई हो जाता है.

स्मोकिंग के जरिए लिया गया निकोटिन जब फेफड़ों के जरिए रक्त में प्रवेश करता है तो बॉडी में  कैटाकोलमाइन नामक तत्व रिलीज होता है जो बेड कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ जाता है.
इन दोनों के बीच एक तीसरा कनेक्शन भी है. जब कोई इंसान ज्यादा तनाव का शिकार होने लगता है तो हेमोकॉन्सेंट्रेशन की सिचुएशन में आ जाता है, ये दरअसल ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में फ्लूइड की कमी हो जाती है, इसी वजह से रक्त में कोलेस्ट्रॉल के कंपोनेंट्स बढ़ने लगते हैं. 

क्या करें
– इसके लिए नियमित तौर पर एक्सरसाइज करें
-स्ट्रेस कंट्रोल करने के लिए गाना सुनें, किताबें पढ़ें.
-बागवानी करने से भी स्ट्रेस कम होता है.
-आउटिंग पर जाने से भी स्ट्रेस कंट्रोल रखा जा सकता है.

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Tags: Health, Lifestyle

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