कालाजार से उबरने के बाद भी है संक्रमण का खतरा, हो सकता है त्वचा का कालाजार

लिशुमैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण कालाजार रोग होता है और इसका संक्रमण बालू मक्खी के काटने से फैलता है

News18Hindi
Updated: July 27, 2019, 2:29 PM IST
कालाजार से उबरने के बाद भी है संक्रमण का खतरा, हो सकता है त्वचा का कालाजार
लिशुमैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण कालाजार रोग होता है और इसका संक्रमण बालू मक्खी के काटने से फैलता है
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Updated: July 27, 2019, 2:29 PM IST
शोध पत्रिका 'क्लीनिकल इंफेक्शियस डिजीजेज' में छपे एक नये रिसर्च में पता चला है कि कालाजार से ठीक होने वाले मरीजों को त्वचा संबंधी लीश्मेनियेसिस रोग होने की आंशका बनी रहती है. इसे चमड़ी का कालाजार भी कहते हैं. ड्रग्स फॉर नेग्लेक्टेड डिजीजेज इनिशिएटिव और बांग्लादेश स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर डायरियल डिजीज रिसर्च के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में पाया है कि कालाजार का इलाज पूरा होने के बाद भी चमड़ी के कालाजार से मरीज ग्रस्त हो सकते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि चमड़ी का कालाजार इस बीमारी के उन्मूलन में एक प्रमुख बाधा हो सकता है.

इस शोध में बालू मक्खियों से चमड़ी के कालाजार से ग्रस्त रोगियों को कटवाया गया और उन मक्खियों में कालाजार के परजीवी लिशुमैनिया डोनोवानी की मौजूदगी का परीक्षण किया गया. इस परीक्षण के दौरान रोगियों के हाथों को 15 मिनट तक ऐसे पिंजरे में रखवाया गया, जिसमें संक्रमण मुक्त नर और मादा बालू मक्खियां मौजूद थीं. इसके बाद उन बालू मक्खियों का परीक्षण लिशुमैनिया डोनोवानी परजीवी को पहचानने के लिए किया गया, जिसके कारण कालाजार होता है.

रिसर्च के बाद शोधकर्ताओं ने बताया कि 47 रोगियों में से 60 फीसदी ने बालू मक्खियों में परजीवी को संचारित किया. यानी की साफ है कि ये बालू मक्खियां बाद में किसी अन्य व्यक्ति को भी संक्रिमत कर सकती हैं.

शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि चमड़ी के कालाजार से ग्रस्त मरीजों के घावों पर भी कालाजार फैलाने वाला परजीवी होता है. चमड़ी के कालाजार से ग्रस्त लोगों का कई बार लंबे समय तक उपचार नहीं हो पाता. ऐसी स्थिति बीमारी के संक्रमण का खतरा रहता है.

कालाजार कैसे फैलता है -

लिशुमैनिया डोनोवानी परजीवी के कारण कालाजार रोग होता है और इसका संक्रमण बालू मक्खी के काटने से फैलता है. कालाजार से उबरने के बाद चमड़ी का कालाजार त्वचा पर घाव चकत्ते के रूप में विकसित होने लगता है. ये सामान्यत: कालाजार का इलाज पूरा होने के छह महीने से एक साल के भीतर हो सकता है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: July 27, 2019, 2:27 PM IST
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