जानें आंखों की सेहत के लिए जरूरी पोषक तत्वों के बारे में

जिंक आंखों में मौजूद एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. यह मेलानिन के उत्पादन में मदद करता है जो कि आंखों का एक पिगमेंट है.
जिंक आंखों में मौजूद एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. यह मेलानिन के उत्पादन में मदद करता है जो कि आंखों का एक पिगमेंट है.

एक स्वस्थ जीवन शैली (Lifestyle) और कुछ पोषक तत्व (Nutrients) आंखों (Eyes) की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकती है. इससे हानिकारक प्रकाश से आंखों को होने वाली क्षति और उम्र संबंधी रोगों को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है.

  • Last Updated: November 4, 2020, 6:40 PM IST
  • Share this:


मनुष्य की पांच इंद्रियों में से एक आंख (Eyes) है, जो कि सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि आंखों के जरिए ही जीवन के हर पहलू को देखा जा सकता है. आंखों की समस्याएं उम्र बढ़ने, किसी बीमारी या चोट की वजह से होती हैं. एक स्वस्थ जीवन शैली और कुछ पोषक तत्व आंखों की समस्याओं के जोखिम को कम कर सकती है. इससे हानिकारक प्रकाश से आंखों को होने वाली क्षति और उम्र संबंधी रोगों को बढ़ने से रोकने में मदद मिलती है. यहां ऐसे 5 पोषक तत्वों (Nutrients) के बारे में बताया है, जो आंखों की सेहत को बनाए रखने और उन्हें कई प्रकार के जोखिमों से बचाए रखने में जरूरी है.

विटामिन ई : myUpchar के अनुसार, विटामिन ई की कमी से आंखों में धुंधलापन, अंधापन या मोतियाबिंद जैसी समस्याएं हो सकती हैं. आंखों को नुकसान से बचाने के लिए विटामिन ई से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने आहार में शामिल करें. बादाम, अखरोट, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, अलसी के तेल, पालक, ब्रोकोली और जैतून का तेल विटामिन ई के कुछ शानदार स्रोत हैं.






विटामिन सी : विटामिन सी एक एंटीऑक्सिडेंट है, जो आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है. पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी का सेवन करने से मोतियाबिंद के जोखिम को कम कर सकता है. विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थों में ब्रोकोली, स्प्राउट्स, काली मिर्च, पत्तेदार हरी सब्जियां, खट्टे फल और अमरूद शामिल हैं.

ओमेगा-3 फैटी एसिड : myUpchar के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड की पर्याप्त मात्रा होने से वयस्कों को मैक्यूलर डीजनरेशन और ड्राई आई सिंड्रोम से बचाने में मदद मिल सकती है. मैक्यूलर डीजनरेशन आंखों की समस्याओं में से एक है जिसमें व्यक्ति को धुंधला या कम दिखाई देता है. वहीं, ड्राय आई सिंड्रोम यानी आंखों में सूखापन एक ऐसी स्थिती है, जिसमें किसी व्यक्ति की आंखों में पर्याप्त मात्रा में आंसू नहीं बन पाते हैं, जिस कारण आंखों की चिकनाहट या नमी चली जाती है. मछली, टूना, नट्स और बीज, पौधे के तेल जैसे अलसी के तेल, कैनोला तेल आदि में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है.




विटामिन ए : विटामिन ए वसा में घुलनशील विटामिन है, जो कुछ खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है. ये प्रोविटामिन से मिलता है और आंखों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. विटामिन ए को रेटिनोल भी कहते हैं क्योंकि ये आंखों में रेटिना बनाने वाले पिगमेंट के निर्माण में मदद करता है. अंधेपन का सबसे सामान्य और बड़ा कारण विटामिन ए की कमी है. यह गाजर, चुकंदर, शलजम, शकरकंद, मटर, टमाटर, हरी पत्तेदार सब्जियां, आम, तरबूज, पपीता, पनीर, राजमा, बींस, अंडा आदि में पाया जाता है.

जिंक : जिंक आंखों में मौजूद एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है. यह मेलानिन के उत्पादन में मदद करता है जो कि आंखों का एक पिगमेंट है. जिंक की कमी से रतौंधी हो सकती है. पोल्ट्री जिंक के कुछ बेहतरीन स्रोतों में रेड मीट शामिल है. जिंक के प्राकृतिक और अच्छे स्रोत मूंगफली, लहसुन, तिल, फलियां, राजमा, दालें, सोयाबीन, अलसी, बादाम, मदर, गेहूं, अंडे की जर्दी है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, आंखों की बीमारी पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज