यह पैरासाइट आपके लिए जानलेवा बना देता है मलेरिया, ऐसे बचें

पैरासाइट आपके ब्लड में पहुंच जाता है और बॉडी की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है.

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Updated: July 19, 2019, 1:33 PM IST
यह पैरासाइट आपके लिए जानलेवा बना देता है मलेरिया, ऐसे बचें
मलेरिया: मच्छर इस तरह फैलाते हैं मलेरिया, ये पैरासाइट है जानलेवा, जानिए बचाव के तरीके
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Updated: July 19, 2019, 1:33 PM IST
हर साल मलेरिया के कई मामले सामने आते हैं. यह बीमारी मच्छर के काटने से होती है. मलेरिया का वाहक फीमेल एनोफेलीज मच्छर है. जब यह मच्छर लोगों को काटता है तो इसमें मौजूद प्लासमोडियम नामक पैरासाइट आपके ब्लड में पहुंच जाता है और बॉडी की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट करने लगता है. यह मच्छर ज्यादातर नम और पानी वाली जगहों पर पाया जाता है. इसलिए मच्छर से बचाव के लिए घर के आसपास सफाई और पानी जमा न होने देने की बात कही जाती है. मलेरिया चार प्रकार के पैरासाइट से फैलता है जो इस प्रकार है.

मलेरिया के पैरासाइट:
1. प्लासमोडियम वाइवेक्स (P.v.): हमारे देश में लगभग 60% मलेरिया के मामले प्लासमोडियम वाइवेक्स की वजह से सामने आते हैं. इसमें शरीर में बुखार, जुकाम, थकान और डायरिया जैसी दिक्कतें सामने आती हैं.

2. प्लासमोडियम ओवाले (P.o.) : यह पैरासाइट ज्यादातर पश्चिमी अफ्रीका में पाए जाते हैं. यह पैरासाइट इंसान को काटने के बाद भी काफी लंबे समय तक उसके शरीर में ज़िंदा बना रहता है.

3. प्लासमोडियम मलेरिया (P.m.): इस पैरासाइट से पीड़ित मरीज में तेज ठण्ड के साथ तेज बुखार आने के लक्षण दिखाई देते हैं. हालांकि इसे जानलेवा नहीं कहा जा सकता है.

4. प्लासमोडियम फेल्किपेराम (P.f.): मलेरिया का यह पैरासाइट सबसे ज्यादा जानलेवा होता है. इसमें उल्टी होना, बुखार आना, पीठ दर्द, कमर दर्द, सिर दर्द, चक्कर, मसल्स पेन, थकान लगना और पेट दर्द होना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं.

मलेरिया से बचाव के तरीके:
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1. इलाज से बेहतर होता है बचाव करना. इसलिए मच्छरों से बचने के लिए घर के बाहरी दरवाजों और खिड़कियों में लोहे की जाली लगवाएं. कोशिश करें कि फुल पैंट और फुल स्लीव वाले कपड़े पहनें ताकि आपका शरीर पूरी तरह ढक जाए और मच्छर आपको काट न पाए.

2. मच्छर हमेशा घर के दरवाजे और खिडकियों के पास और कोनों में छिपे रहते हैं. इन जगहों पर मच्छर मारने वाले स्प्रे डालें या मच्छरों वाली रिफिल ऑन करें ताकि सारे मच्छर भाग जाएं.

3. घर के आसपास हमेशा सफाई रखें. कूलर की टंकी, आसपास के गड्ढों या कहीं भी पानी एकत्र न होने दें. मच्छर पानी में ही अंडे देते हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: July 19, 2019, 1:02 PM IST
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