बीड़ी-सिगरेट से लेकर गुटखा और सिगार तक, शरीर पर ऐसे असर डालते हैं ये तंबाकू उत्पाद

बीड़ी-सिगरेट से लेकर गुटखा और सिगार तक, शरीर पर ऐसे असर डालते हैं ये तंबाकू उत्पाद
शरीर पर कैसा असर डालते हैं तंबाकू प्रोडक्ट्स जानें

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस : तंबाकू उत्पादों को चबाने से उनसे निकोटीन और फ्लेवर निकलते हैं. चबाने वाले तंबाकू उत्पादों में गुटखा/ पान मसाला या सुपारी, तम्बाकू और चूने से लिपटी हुई सुपारी शामिल हैं.

  • Last Updated: May 30, 2020, 2:19 PM IST
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तंबाकू उत्पादों का सेवन सदियों से दुनियाभर में होता आ रहा है. समय में साथ-साथ इन उत्पादों के रूप में भी नवीनता आई, लेकिन चेतावनी वही रही- तंबाकू स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार दुनिया में लगभग 1.3 बिलियन यानी करीब 130 करोड़ लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं. इन्हीं उत्पादों के सेवन से दुनियाभर में हर साल लगभग 8 मिलियन यानी 80 लाख लोगों यानी प्रति चार सेकेंड में एक व्यक्ति की मौत हो रही है. तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए डब्ल्यूएचओ और संबंधित संगठन हर साल 31 मई को ‘वर्ल्ड टोबैको डे’ मनाते हैं.

इस वर्ष के ‘वर्ल्ड टोबैको डे’ का उद्देश्य तंबाकू उपयोग से जुड़े मिथकों को दूर कर युवाओं (अगली पीढ़ी) को जागरूक करना है। ताकि तंबाकू से होने वाले नुकसान से अगली पीढ़ी को बचाया जा सके. इस लेख में हम आपको तंबाकू के विभिन्न प्रकारों के बारे में बताएंगे जो सबसे ज्यादा प्रयोग में लाए जा रहे हैं.

स्मोकिंग टोबैको यानी धूम्रपान



तम्बाकू का इस्तेमाल मुख्य रूप से धूम्रपान के रूप में किया जाता है. धूम्रपान वाले तम्बाकू में सिगरेट, सिगार, बीड़ी जैसे उत्पाद शामिल हैं. इन उत्पादों से हृदय रोग, कोरोनरी आर्टरी और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज यानी फेफड़ो से जुड़ी बीमारियों का समूह (सीओपीडी) जैसी बीमारियों का खतरा जुड़ा हुआ है.



आइए जानते हैं धूम्रपान के सबसे प्रचलित रूप यानी सिगरेट के बारे में. सिगरेट कागज के एक रोल की तरह होता है, जिसमें तंबाकू के साथ बहुत से रसायन मिलाकर भरे जाते हैं. जब सिगरेट जलती है तो उससे 4000 से अधिक रसायन बाहर निकलते हैं. इसमें से 50 से अधिक रसायन कैंसर को बढ़ाने वाले होते हैं. अध्ययनों के मुताबिक सामान्य व्यक्ति की तुलना में धूम्रपान करने वालो में सीओपीडी विकसित होने का खतरा 10 गुना अधिक होता है.

तम्बाकू उत्पाद का दूसरा रूप है बीड़ी. इसे तेंदू के सूखे पत्तों में तंबाकू भरकर एक आकार में लपेटकर बनाया जाता है. सिगरेट की तुलना में बीड़ी से बहुत अधिक टार और कार्बन मोनोऑक्साइड निकलता है, जो फेफड़ों के लिए काफी नुकसानदायक है.

तंबाकू उत्पादों का एक अन्य रूप है सिगार. यह तंबाकू की सूखी पत्तियों में तंबाकू भरकर बनाया जाता है. यह विभिन्न आकार और रूपों में बाजार में बिकते हैं इसमें सिगारिलोस, चेरूट्स, डबल कोरोनस, स्टंपेन, छुट्टस और धूमती शामिल हैं. सिगार और सिगारिलोस विभिन्न प्रकार के फ्लेवर्स में उपलब्ध होते हैं और आमतौर पर यह सीधे फेफड़ों में नहीं जाते हैं, इसलिए सिगरेट और बीड़ी की तुलना में इसे सुरक्षित माना जा सकता है. हालांकि, इसमें विभिन्न प्रकार के रसायन और निकोटीन होते हैं जो गालों के अंदर अवशोषित होकर मुंह, गले और फेफड़ों के कैंसर का कारण बन सकते हैं.

हुक्का या पाइप भी तंबाकू उत्पादों का रूप हैं. इसमें एक बनावट में तंबाकू को रखकर उसे गर्म किया जाता है. इससे निकलने वाला धुंआ पानी के कटोरे से होकर पाइप के माध्यम से लोगों के मुंह तक पहुंचता है. अन्य उत्पादों की तुलना में यह सुरक्षित जरूर माने जाते हैं, लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स सिगरेट पीने के समान ही हैं. एफडीए के अनुसार, एक व्यक्ति 1 घंटे के हुक्का सेशन में एक सिगरेट की तुलना में 100 से 200 गुना अधिक निकोटीन शरीर में लेता है.

ई-सिगरेट/ वाइप-पेन/ ई-हुक्का, तंबा​कू उत्पादों का नवीनतम रूप हैं. इन उपकरणों में भी एक हीटिंग चेंबर होता है, जिसमें आमतौर पर निकोटीन लिक्विड होता है. गर्म करने पर यह यह तरल पदार्थ एरोसोल में परिवर्तित हो जाता है, जिसका लोग सेवन करते हैं. इन उत्पादों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को देखते हुए हाल ही में दुनिया के विभिन्न देशों (भारत सहित) ने ई-सिगरेट और संबंधित उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया है.

स्मोकलेस टोबैको

स्मोकलेस टोबैको यानी तंबाकू के ऐसे उत्पाद, जिन्हें चबाया या स्नस (नम और शुष्क दोनों) के रूप में लिया जाता है. इससे मुंह संबंधी कई प्रकार की बीमारियां जैसे गम रिसेशन (मसूड़े पीछे खिसकना), ल्यूकोप्लाकिया, ओरल कैंसर, मांसपेशियों को हानि जैसी समस्याएं हो सकती हैं.

तंबाकू उत्पादों को चबाने से उनसे निकोटीन और फ्लेवर निकलते हैं. चबाने वाले तंबाकू उत्पादों में गुटखा/ पान मसाला या सुपारी, तम्बाकू और चूने से लिपटी हुई सुपारी शामिल हैं. वहीं पान के कुछ रूप कद्दीपुड़ी, होगेसोप्पु, पत्तिवला, गुंदी, जर्दा, किवाम, कडापम आदि हैं.

वहीं चबाने वाले तंबाकू का दूसरे रूप स्नस पाउडर तंबाकू है, जिसे खाया जाता है या फिर सांस के रूप में सूंघा जाता है. मोइस्ट स्नस को गालों और मसूड़ों के बीच में रखा जाता है. खैनी, नास या नसवा और शम्मा मोइस्ट स्नस के कुछ उत्पाद हैं.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, तम्बाकू के नुकसान और इससे होने वाले रोग पढ़ें।
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