Ejaculation में देरी: कहीं आप अवसाद से पीड़ित तो नहीं? घबराइए नहीं, इलाज है

Ejaculation में देरी: कहीं आप अवसाद से पीड़ित तो नहीं? घबराइए नहीं, इलाज है
सामान्य स्थिति में यदि 30 मिनट सेक्स करने के बाद भी चरमोत्कर्ष की प्राप्ति नहीं हो पाती है तो इसे डिलेड इजेकुलेशन माना जा सकता है.

डिलेड इजेकुलेशन (Ejaculation) यानी स्खलन में देरी, पुरुषों में होने वाली ऐसी एक सामान्य समस्या है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सेक्स के दौरान पुरुषों को यौन उत्तेजना पर पहुंचने में अधिक समय लगता है.

  • Last Updated: June 4, 2020, 10:47 AM IST
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सेक्स (Sex) के दौरान पुरुषों और महिलाओं दोनों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. शर्मिंदगी की वजह से वह इन समस्याओं को खुलकर अपने डॉक्टर से भी नहीं बता पाते हैं. डिलेड इजेकुलेशन (Ejaculation) यानी स्खलन में देरी, पुरुषों में होने वाली ऐसी एक सामान्य समस्या है. यह एक ऐसी स्थिति है, जिसमें सेक्स के दौरान पुरुषों को यौन उत्तेजना पर पहुंचने में अधिक समय लगता है. इतना ही नहीं काफी देर सेक्स के बाद भी कुछ लोगों को चरमसुख मिलता ही नहीं है, इसका मतलब वह काफी प्रयास के बाद भी वीर्य (Sperm) का त्याग नहीं कर पाते हैं. वैसे तो वीर्य निकलने की कोई नियत अवधि निर्धारित नहीं होती है. हालांकि, सामान्य स्थिति में यदि 30 मिनट सेक्स करने के बाद भी चरमोत्कर्ष की प्राप्ति नहीं हो पाती है तो इसे डिलेड इजेकुलेशन माना जा सकता है.

ज्यादातर लोगों में इस समस्या का प्रमुख कारण मनोवैज्ञानिक विकार होता है. हालांकि, इसके पीछे कुछ शारीरिक कारण भी हो सकते हैं. माना जाता है कि दुनियाभर में करीब एक से चार फीसदी पुरुषों में डिलेड इजेकुलेशन की समस्या हो सकती है. यदि स्खलन में देरी की समस्या लगातार बनी रहती है या फिर यह आपके या आपके साथी की चिंता का कारण बन रही है तो इसको गंभीर समस्या माना जाता है. ऐसे में आपको शीघ्र ही अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. आइए इस समस्या के बारे में विस्तार से जानते हैं.

डिलेड इजेकुलेशन का कारण क्या है?



स्खलन में देरी की समस्या के पीछे कई प्रकार की शारीरिक व मानसिक समस्याएं हो सकती हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार पुरुषों में यह एक प्रकार का यौन रोग है. हर व्यक्ति में इस समस्या के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं. स्खलन में देरी के पीछे सामान्य रूप से निम्न कारण होते हैं.



शारीरिक कारण

  • चरमोत्कर्ष को नियंत्रित करने वाली पेल्विक नस का प्रभावित होना.

  • कई शोधों से पता चला है कि मधुमेह और मल्टीपल स्केलेरोसिस जैसी पुरानी बीमारियों के चलते भी यह समस्या उत्पन्न हो सकती है.

  • प्रोस्टेट या मूत्रमार्ग के संक्रमण जैसी स्थितियां भी डिलेड इजेकुलेशन का कारण बन सकती हैं.

  • हृदय रोग को भी स्खलन में देरी के पीछे के कारक के रूप में जाना जाता है. माना जाता है कि हृदय रोग से ग्रसित लोगों के पेल्विक क्षेत्र में रक्त का संचार सही से नहीं हो पाने के कारण यह समस्या देखने को मिलती है.

  • स्ट्रोक या न्यूरोपैथी.

  • हार्मोन के स्तर का कम होना जैसे लो थायराइड (हाइपोथायरायडिज्म) या लो टेस्टोस्टेरोन.

  • जन्म के समय से किसी प्रकार का विकार।


मनोवैज्ञानिक कारण

  • बहुत अधिक हस्तमैथुन करने से। कुछ पुरुष विशेष फैंटसी या कल्पना करके हस्तमैथुन करते हैं, जिसे सामान्य रूप से यौन संबंधों के दौरान अनुभव नहीं किया जा सकता है. ऐसे में यौन संबंधों के दौरान चरमोत्कर्ष पर पहुंचने में बहुत अधिक वक्त लग जाता है.

  • देरी से होने वाले स्खलन के पीछे चिंता, अवसाद और अन्य मानसिक स्थितियां भी हो सकती हैं.

  • पूर्व में कभी यौन या शारीरिक शोषण के चलते मन में बैठ चुके भय के कारण भी इस प्रकार की समस्या देखने को मिल सकती है.

  • लंबे समय तक नशीली दवाओं या अल्कोहल का सेवन.

  • एंटीडिप्रेसेंट, ब्लड प्रेशर आदि की दवाओं का लंबे समय तक सेवन करने से भी कुछ लोगों में डिलेड इजेकुलेशन की समस्या हो सकती है.


स्खलन में देरी की समस्या हेतु रोकथाम

  • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें

  • तनाव न लें

  • पर्याप्त नींद लें

  • डिप्रेशन या चिंता आदि से छुटकारा पाने के लिए डॉक्टर या विशेषज्ञों की मदद लें

  • शराब, तम्बाकू का सेवन बंद या कम कर दें

  • यदि आप किसी पुरानी बीमारी से ग्रसित हैं तो उसका इलाज कराएं


स्खलन में देरी की समस्या का उपचार

स्खलन में देरी की समस्या कभी-कभी गंभीर भी हो सकती है. ऐसे में डॉक्टर से यथाशीघ्र संपर्क करना चाहिए. समस्या के अंतर्निहित कारणों के आधार पर चिकित्‍सक सही उपचार पद्धति को प्रयोग में लाने की सलाह देते हैं.

  • परीक्षण के आधार पर डॉक्टर आपको कुछ दवाएं दे सकते हैं, जिससे आपको आसानी से स्खलन में मदद मिल सकती है.

  • देरी से स्खलन के उपचार में चिंता दूर करने वाली दवाओं का भी उपयोग किया जाता है। किसी भी दवा के प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें.

  • यदि स्खलन में देरी के पीछे अन्य कारक जैसे शराब या नशीली दवाओं का उपयोग है तो डॉक्टर आपको ऐसे परामर्शदाताओं के पास भेजेंगे जो इन्हें छोड़ने में आपकी मदद कर सकते हैं.

  • कई परिस्थितियों में सेक्स थेरेपी और काउंसलिंग के माध्यम से भी डिलेड इजेकुलेशन से परेशान लोगों का उपचार किया जाता है.

  • साइकोथेरेपी की मदद से उन अंदरूनी मानसिक कारकों का पता लगाया जाता है जो स्खलन में देरी जैसी समस्याएं पैदा करती हैं. इस थेरेपी में आसानी से चरमोत्कर्ष प्राप्त करने के तरीकों के बारे में भी बताया जाता है.

  • विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आप नियमित व्यायाम करते हैं और जीवनशैली को संयमित रखते हैं तो स्खलन में देरी सहित कई अन्य प्रकार की यौन समस्याओं से आसानी से छुटकारा मिल सकता है.


अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, स्खलन में देरी के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज पढ़ें.

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First published: June 4, 2020, 10:19 AM IST
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