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रात के वक्त लाइट में नहीं, अंधेरे में सोना फायदेमंद, वजह जानने के बाद भूलकर भी नहीं करेंगे यह काम

रात के वक्त लाइट ऑफ करके सोना चाहिए.

रात के वक्त लाइट ऑफ करके सोना चाहिए.

Sleep And Light Connection: आपने कई बार महसूस किया होगा कि अंधेरे में आपको अच्छी नींद आती होगी. लाइट जलने पर नींद अक्सर ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

अधिकतर लोगों को रात में बेडरूम में अंधेरा होने पर अच्छी नींद आती है.
लाइट की वजह से हमारे शरीर की इंटरनल क्लॉक प्रभावित हो जाती है.

Light in Bedroom Harmful: अधिकतर लोगों को रात के वक्त लाइट ऑफ करके सोना पसंद होता है. कुछ लोग लाइट ऑन करके सोते हैं. आपने शायद ही कभी सोचा होगा कि इसका भी हमारी हेल्थ पर असर पड़ता है. सोते वक्त लाइट ऑफ करना हेल्थ के लिए फायदेमंद होता है, जबकि लाइट ऑन रहने से स्वास्थ्य पर नेगेटिव असर पड़ता है. लाइट जलाकर सोने से कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. यह सभी बातें आपने आज से पहले शायद ही सुनी होंगी. आपको बताएंगे कि  बेडरूम में रात के वक्त लाइट्स ऑन रहने से हमारा स्वास्थ्य किस तरह प्रभावित होता है.

स्टडी में हुआ खुलासा
कुछ महीने पहले एक स्टडी सामने आई थी, जिसमें खुलासा हुआ था कि सोते वक्त लाइट ऑन रहने से अनजाने में हमारा नर्वस सिस्टम जगा हुआ रहता है, जो हेल्थ के लिए नुकसानदायक होता है. वेब एमडी की रिपोर्ट के मुताबिक इस स्टडी में पता चला कि लाइट की वजह से सोते वक्त लोगों का हार्ट रेट अपेक्षाकृत ज्यादा था. लाइट जलाकर सोने वाले लोगों में अगले दिन इंसुलिन लेवल में भी बदलाव देखने को मिला. इंसुलिन हमारे शरीर में बनने वाला एक जरूरी हार्मोन है, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है. इसकी कमी होने पर लोग डायबिटीज का शिकार हो जाते हैं. इसके अलावा भी हमारी बॉडी की फंक्शनिंग लाइट से प्रभावित होती है.

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ऐसे शरीर पर होता है असर
रात के वक्त बेडरूम में अंधेरा होने पर बेहतर नींद आती है, जबकि थोड़ी बहुत लाइट भी हेल्थ को प्रभावित करती है. जो बुजुर्ग सोने के दौरान नाइट लाइट, स्मार्टफोन, टेबलेट या टीवी ऑन करके सो जाते हैं, उनमें मोटापा, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का खतरा वयस्कों की अपेक्षा ज्यादा होता है. स्टडी में वयस्कों पर इसका असर कम देखने को मिला. लाइट की वजह से हमारी सरकेडियन रिदम पर असर पड़ता है. दिन में सूरज की रोशनी और रात में अंधेरा शरीर की सरकेडियन रिदम को मेंटेन करने के लिए जरूरी होता है. यह हमारे शरीर की इंटरनल क्लॉक कही जाती है. इसका नींद, मेटाबॉलिज्म और हार्मोन रिलीज करने में अहम योगदान होता है.

नींद भी होती है डिस्टर्ब
आज के दौर में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का खूब इस्तेमाल किया जा रहा है. इन सभी में ब्लू या अन्य तरह की लाइट होती है. ब्लू लाइट हमारी आंखों से लेकर पूरे शरीर के लिए खतरनाक मानी जाती है. ब्लू लाइट की वजह से हमारे शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन रिलीज होता है, जो हमारी नींद को प्रभावित करता है. हार्मोन की वजह से नींद आने के बावजूद हमारा शरीर जगा हुआ रहता है. ऐसा होने से इम्यून सिस्टम पर भी असर पड़ता है.

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Tags: Better sleep, Health, Lifestyle, Trending news

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