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क्या पसंदीदा गाने सुनने का शौक बना सकता है बहरा? म्यूजिक सुनते वक्त रखें इन बातों का ध्यान

तेज म्‍यूजिक सुनने से कानों पर पड़ता है प्रभाव, Image Canva

तेज म्‍यूजिक सुनने से कानों पर पड़ता है प्रभाव, Image Canva

तेज म्‍यूजिक सुनना और कानों में हमेशा ईयरफोन लगाए रहना भले ही युवाओं का फैशन ट्रेंड है लेकिन ये आदत हियरिंग लॉस को बढ़ा ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कानों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है कि हेडफोन का कम इस्‍तेमाल करें.
तेज म्‍यूजिक सुनने और अधिक शोरगुल वाली जगहों पर जाने से बचें.

How To Prevent Hearing Loss–  म्‍यूजिक सुनना किसे अच्‍छा नहीं लगता. म्‍यूजिक तनाव और दुख को कम करने में भी मदद कर सकता है. लेकिन पिछले कुछ सालों में म्‍यूजिक ने ही लोगों की सुनने की क्षमता पर प्रभाव डाला है.  दुनियाभर में लगभग 1 अरब से अधिक युवा हियरिंग लॉस की समस्‍या से जूझ रहे हैं. बीएमजे ग्‍लोबल हेल्‍थ के अध्‍ययन के मुताबिक दुनियाभर में करीब 135 करोड़ लोगों को असुरक्षित तरीके से सुनने, जैसे म्‍यूजिक पॉडकास्‍ट और तेज म्‍यूजिक, शोरगुल वाली जगहों में जाना और कानों में हमेशा ईयरफोन लगाए रहने की आदत है. इसमें 12-34 वर्ष की उम्र के करीब 67 करोड़ लोग शामिल हैं. हियरिंग लॉस की समस्‍या पहले 40 की उम्र के बाद होती थी लेकिन अब ये समस्‍या बच्‍चों में भी सामने आने लगी है. तेज म्‍यूजिक की वजह से कानों में दर्द, कान के पर्दे का कमजोर होना और सुनने में परेशानी का अनुभव हो सकता है.

म्‍यूजिक सुनना अच्‍छी आदत है लेकिन तेज आवाज में सुनने से कानों को नुकसान हो सकता है. हियरिंग लॉस से बचने के लिए जरूरी है कि कानों की विशेष देखभाल की जाए. चलिए जानते हैं म्‍यूजिक सुनते समय किन बातों का रखें ध्यान.

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समय सीमा करें निर्धारित
म्‍यूजिक सुनने से ब्रेन की मसल्‍स को रिलेक्‍स करने में आसानी होती है. हेल्‍थ डॉट कॉम के अनुसार हियरिंग लॉस से बचने के लिए जरूरी नहीं कि म्‍यूजिक सुनना छोड़ दें लेकिन ईयरबड्स या ईयरफोन के प्रयोग को कम किया जा सकता हे. म्‍यूजिक सुनने के लिए समय सीमा निर्धारित करें. सारा दिन कानों में ईयरबड का प्रयोग करने से बचें. इसके अलावा कोशिश करें कि कम वॉल्‍यूम में म्‍यूजिक सुनें.

वॉल्‍यूम का रखें ध्‍यान
हियरिंग लॉस की समस्‍या तेज म्‍यूजिक सुनने से हो सकती है, इसलिए डिवाइस की वॉल्‍यूम 60 प्रतिशत से अधिक नहीं करनी चाहिए. हमारे कानों के सुनने की क्षमता 80 डेसिबल है लेकिन ईयरफोन का प्रयोग करने से से 90 से 100 डेसिबल हो जाती है जो लॉन्‍ग टर्म में कानों को नुकसान पहुंचा सकती है.

नॉइस कैंसलिंग हेडफोन का प्रयोग
म्‍यूजिक सुनने और फोन पर बात करने के लिए नॉइस कैंसलिंग हेडफोन का प्रयोग कर सकते हैं. इस प्रकार के हेडफोन का प्रयोग कर बैकग्राउंड की आवाजों को रोका जा सकता है जिससे हेडफोन के वॉल्‍यूम को तेज करने की आवश्‍यकता नहीं पड़ेगी.

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कानों को रखें सुरक्षित
अधिक शोरगुल वाली जगहों पर कानों में ईयरप्‍लग लगाकर और स्‍पीकर के पास न बैठकर अपने कानों को सुरक्षित रखा जा सकता है. इसके अलावा म्‍यूजिक सुनने के लिए हेडफोन की बजाए स्‍पीकर का प्रयोग करें ताकि म्‍यूजिक डायरेक्‍ट कान में न जाए. हियरिंग प्रॉब्‍लम से बचने के लिए जरूरी है कि तेज म्‍यूजिक और हेडफोन का प्रयोग कम करें. कान में किसी भी तरह की समस्‍या होने पर चिकित्सक की सलाह लें.

Tags: Health, Lifestyle

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