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Diabetes control: डायबिटीज पर लगाम सिर्फ लो कार्बोहाइड्रेट डाइट से नहीं, रिसर्च में सामने आई ये बात

ध्ययन में पाया है कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ कम मीठा खाने से काम नहीं चलेगा. Image: Canva

ध्ययन में पाया है कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ कम मीठा खाने से काम नहीं चलेगा. Image: Canva

Diabetes prevention: डायबिटीज की बीमारी में अक्सर कहा जाता है कि मीठा कम खाने यानी लो कार्बोहाइड्रेट डाइट से इसे नियंत् ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

लो कार्बोहाइड्रेट डाइट के कारण टोटल और सैचुरेटेड फैट लेने की मात्रा बढ़ जाती है
रिफाइंड आटा, व्हाइट राइस, स्वीटेंड ड्रिंक आदि से ब्लड शुगर बढ़ता है.

Low carbohydrate diet and blood sugar: डायबिटीज की बीमारी में खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है. अक्सर माना जाता है कि डाइट में शुगर की मात्रा कम करने या लो कार्बोहाइड्रैट डाइट की मदद से टाइप 2 डायबिटीज की बीमारी नहीं होती है लेकिन अब एक नई रिसर्च में कहा जा रहा है कि लो कार्बोहाइड्रैट डाइट हमेशा टाइप 2 डायबिटीज के होने से नहीं बचा सकता. हार्वर्ड टीएच चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के आधार पर यह दावा किया है. अध्ययन में पाया है कि डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए सिर्फ कम मीठा खाने से काम नहीं चलेगा बल्कि इसके लिए प्रोटीन और अन्य पोषक तत्वों की भी समान जरूरत होती है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर में फोर्टिस अस्पताल मुलंद में कंस्लटेंट डॉ श्वेता बुंदियाल ने इसे विस्तार से बताते हुए कहा कि यह समस्या इसलिए होती है क्योंकि लो कार्बोहाइड्रेट डाइट के कारण टोटल और सैचुरेटेड फैट लेने की मात्रा बढ़ जाती है और साबुत अनाज, फाइबर फ्रूट और सब्जी लेने की मात्रा घट जाती है.

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क्या होती है लो कार्बोहाइड्रेट डाइट
हमें भोजन से मुख्य रूप से तीन तरह के पोषक तत्व प्राप्त होते हैं. प्रोटीन, फैट और कार्बोहाइड्रेट. कार्बोहाइड्रेट हमारे भोजन का सबसे प्रमुख हिस्सा है और शरीर में एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत है. जब हम अपने भोजन में 25 प्रतिशत से कम कार्बोहाइड्रेट प्राप्त करते हैं तो इसका मतलब है कि हम लो कार्बोहाइड्रैट ले रहे हैं. इसका सीधा सा मतलब है कि जब हमारे भोजन से प्राप्त होने वाले कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होगी तो स्वभाविक रूप से भोजन में फैट और प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होगी. लेकिन लो कार्बोहाइड्रेट डाइट में हम थोड़ी चीनी, व्हाइट राइस, रिफाइंट आटा आदि का सेवन भी करेंगे ही, लेकिन कई अध्ययनों में यह साबित हो चुका है कि रिफाइंड आटा, व्हाइट राइस, स्वीटेंड ड्रिंक आदि से ब्लड शुगर बढ़ता है. दूसरी ओर अगर हम इन चीजों का सेवन कम करते हैं तो स्वतः ही हमारे भोजन में फैट की मात्रा बढ़ जाएगी, फिर डायबिटीज से छुटकारा नहीं मिल सकती.

तो फिर किस तरह का भोजन करना चाहिए
टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों को हेल्दी डाइट लेनी चाहिए. हेल्दी डाइट का मतलब कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट का संतुलन हो. निश्चचित तौर पर कम कार्बोहाइड्रेट से ब्लड शुगर तत्काल कम होता है लेकिन इसे डाइट से अधिक मात्रा में हटाना कोई बुद्धिमानी नहीं है, न ही यह हार्ट की हेल्थ के लिए सही. इसलिए भोजन में हरी सब्जियां, फल आदि का समावेश होना जरूरी है.

Tags: Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle

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