नाम सत्यानाशी लेकिन है गुणों की खान, अस्थमा, डायबिटीज, अल्सर, पीलिया और आंखों के लिए है बेहद फायदेमंद

सत्यानाशी के फायदे (pic courtesy- wikipedia)
सत्यानाशी के फायदे (pic courtesy- wikipedia)

सत्यानाशी (Satyanashi)के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits) इसके एंटीमाइक्रोबियल, एंटीडायबिटी, एनाल्जेसिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीस्पास्मोडिक, एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण हैं.

  • Last Updated: September 30, 2020, 5:29 PM IST
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'सत्यानाशी' (Satyanashi) नाम सुनकर कहीं से कहीं तक कोई सोच नहीं सकता कि ये पौधा कितने काम का है. सत्यानाशी नाम का पौधा और इसके बीज में औषधीय गुण हैं जो कि सेहत के लिए फायदेमंद हैं. सत्यानाशी सड़क के किनारे की एक खरपतवार की तुलना में बहुत अधिक है जो कि अपनी बीमारियों के इलाज की क्षमता के कारण सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है. सत्यानाशी (Satyanashi)के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits) इसके एंटीमाइक्रोबियल, एंटीडायबिटी, एनाल्जेसिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटीस्पास्मोडिक, एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला का कहना है कि इसके बीज में रेचक के गुण होते हैं जो कब्ज के इलाज में मदद करते हैं. साथ ही सत्यानाशी त्वचा, आंखों से लेकर खांसी, पीलिया जैसी बीमारियां दूर करने में भी काम आता है.

त्वचा के लिए



त्वचा संबंधी समस्याओं के लिए सत्यानाशी एक प्रभावी उपाय है. सत्यानाशी पाउडर में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जिनका उपयोग विभिन्न त्वचा रोगों के इलाज के लिए किया जा सकता है.
मूत्र संबंधी परेशानियों के लिए

सत्यानाशी के पौधे के रस में मूत्रवर्धक गुण होते हैं जो मूत्र में होने वाली परेशानियों से राहत देने में मदद करते हैं. मूत्र पथ में होने वाली जलन और दर्द से भी राहत देते हैं.

अस्थमा में फायदेमंद

सत्यानाशी जड़ को सांस लेने की समस्याओं के लिए एक शानदार उपाय माना जाता है. यह फेफड़ों में जमा कफ को हटाने में मदद करता है और अस्थमा व सांस लेने में परेशानी से राहत देता है. यह खांसी में भी फायदेमंद है.

डायबिटीज रोगियों के लिए

सत्यानाशी के पत्तों से निकाले गए रस में रक्त शर्करा के स्तर को कम करके डायबिटीज से लड़ने की क्षमता होती है. इसका रोजाना सेवन करने से शरीर में शुगर लेवल को नियंत्रित किया जा सकता है.

अल्सर से राहत

सत्यानाशी पाउडर अल्सर और फाइब्रॉएड के उपचार में मदद करता है. इसे अपने आहार में शामिल करने से अल्सर और पेट दर्द से राहत मिलती है.

पेट में पानी भरने की समस्या

myUpchar के अनुसार पेट में दूषित पानी जमा होने की वजह से जलोदर होता है. यह दो झिल्लीदार परतों के बीच बनता है जो एक साथ मिलकर पेरिटोनियम बनाते हैं. पेरिटोनियम एक चिकनी थैली है, जिसमें शरीर के अंग होते हैं. इसमें थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ होने सामान्य हैं. लेकिन दूषित पानी जमा होने से सूजन हो जाती है. पेट में खराब पानी जमा होने की समस्या से छुटकारा दिलाने में सत्यानाशी मददगार है. इस जड़ी-बूटी से ज्यादा पेशाब आता है और पेट में जमा पानी कम होने लगता है.

पीलिया दूर करने में

सत्यानाशी में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो कि पीलिया से निजात दिलाने में मदद करते हैं. इसके पौधे का इस्तेमाल पीलिया मरीजों के लिए किया जाता है. सत्यानाशी तेल की 8-10 बूंदों को गिलोय के रस में मिलाएं और पी लें.

आंखों के लिए

आंखों से संबंधित समस्याओं में सत्यानाशी लाभकारी है. यह आंखों के सूखेपन, ग्लूकोमा को ठीक करने में मदद करता है. गुलाब जल, सत्यानाशी के अर्क का घोल बनाकर इसकी 2 बूंदें आंखों में डालें. यह उपाय दिन में दो बार करें. इससे आंखों के लाल होने, दृष्टि की समस्या से छुटकारा मिलेगा. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, शत्यानाशी के फायदे और नुकसान पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।

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