न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर क्या है, जानें कारण और इलाज

न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर क्या है, जानें कारण और इलाज

न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर (Neuroendocrine Tumor) के उपचार में रेडिएशन थेरेपी दी जाती है, जिसे विकिरण थेरेपी भी कहा जाता है. मरीज को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जब भी उन्हें शरीर के किसी हिस्से में ट्यूमर उभरने की आशंका दिख रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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    अव्यवस्थित दिनचर्या के कारण तेजी से कैंसर मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है. ऐसे में लोग समझ नहीं पाते हैं कि आखिर कैंसर होने का सबसे बड़ा कारण क्या हो सकता है. लेकिन वैज्ञानिक भी इसे लेकर कोई खास दावा नहीं कर पाए हैं कि कैंसर का असल कारण क्या है. कुछ वैज्ञानिकों का यह मानना है कि कैंसर किसी केमिकल के संपर्क में आने के कारण हो सकता है, जो कैंसर कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करते हैं, लेकिन इसका एक कारण वंशानुगत भी माना जाता है. फिलहाज, बात करेंगे न्यूरो-एंडोक्राइन ट्यूमर के बारे में, जो कैंसर रहित भी हो सकता है और कैंसर ग्रस्त भी-

    क्या होता है न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर?

    myUpchar के अनुसार, यह एक ट्यूमर है, जो स्वस्थ कोशिकाओं में परिवर्तन होने के कारण इतना बढ़ जाता है कि यह एक आंतरिक फोड़े की तरह दिखने लगता है. यह ट्यूमर कैंसरकारी भी हो सकते हैं और बिना कैंसर वाले ट्यूमर के भी हो सकते हैं. इनमे कैंसर युक्त ट्यूमर अधिक घातक हो सकता है. इस प्रकार के ट्यूमर का यदि समय पर इलाज नहीं कराया गया तो यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैलने लगता है. वहीं, कैंसर रहित ट्यूमर खुद बढ़ता है लेकिन यह शरीर में फैलता नहीं है. इसलिए यह अधिक नुकसानदायक नहीं होता है. यह ट्यूमर ज्यादातर शरीर के हार्मोन रिलीज करने वाले हिस्सों में होता है.

    न्यूरोएंडोक्राइन के कारण

    इस ट्यूमर के कई कारण हो सकते हैं, वैसे यह 40 -60 वर्ष के लोगों को अधिक प्रभावित करता है. इसके अतिरिक्त यह महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है. कुछ लोगों में प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होने के कारण भी इस ट्यूमर का जोखिम बढ़ जाता है. इसके अलावा जो लोग धूप के संपर्क में आते हैं, उन लोगों में भी न्यूरोएंड्रिक ट्यूमर को जोखिम होता है.

    न्यूरोएंडोक्राइन का उपचार

    न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के लिए ज्यादातर सर्जरी की सलाह दी जाती है. इस सर्जरी में डॉक्टर ट्यूमर के आसपास मौजूद ऐसे लिम्फ नोड्स जिन्हें नुकसान हुआ है, उन्हें निकालते हैं. इसके बाद मरीज को कुछ दवाइयां भी दी जाती हैं. इसमें ज्यादा चिंता वाली बात नहीं होती है क्योंकि न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर को ठीक किया जा सकता है. उपचार के बाद ट्यूमर के ठीक होने को रेमिशन कहा जाता है, जिसमें ट्यूमर के किसी भी प्रकार के लक्षण नहीं होते हैं. लेकिन इस बात का जोखिम रहता है कि उपचार के बाद ट्यूमर दोबारा भी हो सकता है या यह भी हो सकता है कि इलाज के दौरान यह पूरी तरह से ठीक न हो पाए. हालांकि जब ट्यूमर बिल्कुल छोटा हो या जब ट्यूमर के उभरने की शुरुआत हो, तब डॉक्टर इसका सही इलाज कर इसे पूरी तरह ठीक कर सकते हैं.

    रेडिएशन थेरेपी से भी होता है इलाज

    myUpchar के अनुसार, न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर के उपचार में रेडिएशन थेरेपी दी जाती है, जिसे विकिरण थेरेपी भी कहा जाता है. मरीज को इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि जब भी उन्हें शरीर के किसी हिस्से में ट्यूमर उभरने की आशंका दिख रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अधिकतर लोग अपनी इस परेशानी की ओर ध्यान नहीं देते हैं, जिससे भविष्य में उन्हें अन्य कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल,  न्यूरोएंडोक्राइन ट्यूमर पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

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