बच्‍चों को कभी न खिलाएं ये 7 फूड्स, मेंटल और फिजिकल ग्रोथ‍ हो सकती है प्रभावित

छह महीने से छोटे बच्‍चों को अंडे नहीं देना चाहिए. Image Credit : Pexels/Andrea Piacquadio

छह महीने से छोटे बच्‍चों को अंडे नहीं देना चाहिए. Image Credit : Pexels/Andrea Piacquadio

बच्‍चे जो भी खाते हैं उनके फिजिकल-मेंटल ग्रोथ (Physical-Mental Growth) पर इसका सीधा असर पड़ता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 6:24 AM IST
  • Share this:
छोटे बच्‍चों (Young Children) की सेहत (Health) का हमें खास ख्‍याल रखने की जरूरत होती है. वे नाजुक होते हैं और थोड़ी भी लापरवाही से बीमार हो सकते हैं. ऐसे में उनके खाने पीने (Foods) पर भी विशेष ध्‍यान देने की जरूरत पड़ती है. दरअसल बच्‍चे जो भी खाते हैं उनके फिजिकल और मेंटल ग्रोथ (Physical And Mental Growth) पर इसका सीधा असर पड़ता है. कई बार अनजाने में हम उन चीजों को भी उनके भोजन में शामिल कर देते हैं जो शायद बड़ों के लिए तो हेल्‍दी हैं लेकिन बच्‍चों के लिए ठीक नहीं. ये खाद्य पदार्थ उनके शारीरिक और मानसिक विकास को तो प्रभावित करते ही हैं, उनके डायजेशन सिस्‍टम को भी बिगाड़ सकते हैं. तो आइए जानते हैं कि हमें किन खाद्य पदार्थों को छोटे बच्‍चों से दूर (Foods Not To Give Children) रखना चाहिए.

1.नमक

एनएचएस यूके के मुताबिक, बच्‍चों को अतिरिक्‍त नमक की जरूरत नहीं होती. नमक उनके किडनी को प्रभावित करते हैं. ऐसे में जहां तक हो सके उनके भोजन में नमक का कम से कम प्रयोग करें. बढ़ते बच्‍चों को भी चिप्‍स, क्रैकर्स, रेडीमेड फूड आदि से दूर रखें क्‍योंकि इनमें नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है.

2.चीनी
चीनी की भी आपके बच्‍चों को जरूरत नहीं होती. जहां तक हो सके अपने बच्‍चों को मीठी चीजों से बचाएं. यहां तक कि मिठाई, मार्केट में मिलने वाले जूस आदि से भी उन्‍हें दूर रखें.

3.सैचुरेटेड फैट

केक, बिस्‍कुट जैसे फूड्स में सैचुरेटेड फैट की मात्रा बहुत अधिक होती है. ऐसे में अगर आपको ये खरीदना ही पड़े तो पैकेट पर लेबल चेक करें और लो सैचुरेटेड फैट ही अपने बच्‍चों के लिए खरीदें.



इसे भी पढ़ें : इन 5 टिप्‍स की मदद से बच्‍चों को सिखाएं बचत करना



4.शहद

एक साल से छोटे बच्‍चों को तो शहद बिलकुल भी न दें. कई बार इसमें मौजूद बैक्‍टीरिया उनके इंटेस्‍टाइन में जमा होते हैं और डायजेशन में प्रॉब्‍लम करते हैं. यही नहीं, कई बार शहद में मौजूद टॉक्सिक बैक्टीरिया गंभीर बीमारियों का कारण भी बन जाते हैं.

5.ड्राईफ्रूट्स

बच्‍चों को अगर आप समूचा ड्राइफ्रूट्स दे रहे हैं तो यह उनके गले में अटक सकता है. अगर बच्‍चे के माता पिता को फूड एलर्जी की शिकायत रही है तो डॉक्‍टर की सलाह के बाद ही अपने बच्‍चे को ड्राइफ्रूट्स दें. आप ड्राइफ्रूट्स को पीसकर या पीनट बटर के रूप में उन्हें दे सकते हैं.

6.कच्‍चे अंडे

छह महीने से छोटे बच्‍चों को अंडे नहीं देना चाहिए. यही नहीं, थोड़े बड़े बच्‍चों को भी कच्‍चा अंडा ना खिलाएं. जहां तक हो सके उन्‍हें अच्‍छी तरह उबालकर या पकाकर ही अंडे खिलाएं.

ये भी पढ़ें - गर्मियों में बच्‍चों की डाइट में जरूर शामिल करें ये चीजें, नहीं पड़ेंगे बीमार

7.शार्क, सोर्डफिश, मर्लिन, ऑयस्‍टर से रखें दूर

छोटे बच्‍चों को इस तरह की मछलियों से दूर रखें. इनमें मौजूद हाई मर्करी नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं और फूड पॉयजनिंग की भी शिकायत हो सकती है.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज