Home /News /lifestyle /

health news according to ayurveda in which direction it is beneficial to get better sleep nav

आयुर्वेद के अनुसार जानें, अच्छी नींद लने के लिए किस दिशा में सोना है फायदेमंद

 7-8 घंटे की सुकून भरी नींद हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. (फोटो-canva.com)

7-8 घंटे की सुकून भरी नींद हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. (फोटो-canva.com)

Ayurveda for Better Sleep: आयुर्वेद के अनुसार, सोने से पहले कैफीन (चाय-कॉफी) और स्क्रीन टाइम (मोबाइल-लैपटॉप) से दूर रहने, गहरी सांस लेने और दिन के अन्य कामों के बीच एक झपकी को सीमित करने जैसी आदतों के अलावा, सोने की दिशा और पोजिशन पर विशेष ध्यान देना भी जरूरी है.

अधिक पढ़ें ...

रोजमर्रा के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए अच्छी नींद जरूरी है. बेहतर नींद प्रोडक्टिविटी, मूड, एनर्जी लेवल और कंसन्ट्रेशन को बढ़ाने से लेकर, मेंटल और फिजिकल हेल्थ को भी कंट्रोल में रखने तक में अहम भूमिका निभाती है. हम ये कह सकते  हैं कि अच्छी नींद ओवरऑल हेल्थ को बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है. और अगर कहीं आप कम नींद लेते हैं या फिर आपकी नींद की गुणवत्ता खराब है तो इसके नतीजे गंभीर और लंबे समय तक दिखने वाले हो सकते हैं. आयुर्वेद के अनुसार, सोने से पहले कैफीन (चाय-कॉफी) और स्क्रीन टाइम (मोबाइल-लैपटॉप) से दूर रहने, गहरी सांस लेने और दिन के अन्य कामों के बीच एक झपकी को सीमित करने जैसी आदतों के अलावा,  सोने की दिशा और पोजिशन पर विशेष ध्यान देना भी जरूरी है.

आयुर्वेदिक (Ayurvedic) एक्सपर्ट डॉ. दीक्षा भावसार (Dr. Dixa Bhavsar) ने नींद की दिशा के आयुर्वेदिक विज्ञान को साझा किया और कहा, “आपको कभी भी उत्तर की ओर सिर करके नहीं सोना चाहिए.” इसके अलावा, उन्होंने अलग-अलग दिशाओं में सोने के प्रभाव के बारे में विस्तार से बताया.

उत्तर में सोना है मुश्किल

डॉ. भावसार ने समझाया कि यदि कोई उत्तर (नॉर्थ) की ओर सिर करके सोता है, तो उसे एक रात की चैन की नींद नहीं आएगी और उसके रात भर अपने मन में चल रहे अचेतन युद्ध से थक कर जागने की संभावना है. ऐसा इसलिए है क्योंकि पृथ्वी के उत्तर में मनुष्य के सिर की तरह ही धनात्मक आवेश (Positive Charge) होता है. ऐसे दो धन आवेशित चुम्बक मन में कहर ढा सकते हैं. आयुर्वेदिक रूप से ये चुंबकत्व, ब्लड सर्कुलेशन, स्ट्रेस को प्रभावित करने और मन में अशांति पैदा करने के लिए जाना जाता है.

यह भी पढ़ें-

फिट रहने के लिए जरूरी नहीं महंगे फूड, जानें बजट में आने वाली ये 5 न्यूट्रिशियस चीजें

पूर्व में सोने के फायदे

अगर आप कुछ सीखने की एक्टिविटी में लगे हुए हैं और अपनी याददाश्त बढ़ाना चाहते हैं, तो आपको पूर्व दिशा में सिर करके सोना चाहिए. एक्सपर्ट का कहना है इस दिशा में सोने से आपका ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है. इसके अलावा इस दिशा में सोना कन्संट्रेशन में सुधार, ध्यानपूर्ण नींद और बहुत अच्छी सेहत को बढ़ावा देता है.

वेस्ट में सोने से आते बुरे सपने 

वास्तुशास्त्र के अनुसार, पश्चिम दिशा को प्रयास करने वाली दिशा माना जाता है, इस दिशा में सोने से आपको नींद तो आ सकती है, लेकिन परेशान करने वाले सपने भी आएंगे. तो ये मानकर चलें कि आप अगर आरामदायक नींद लेना चाहते हैं, तो इस दिशा में वो संभव नहीं है.

यह भी पढ़ेंं-

किचन में काम करते हुए जल जाए स्किन, तो न करें ये गलतियां

गहरी नींद के लिए साउथ है बेस्ट

दक्षिण यानी साउथ डायरेक्शन में सिर करके सोने से गहरी नींद आती है. जैसा कि साथ नेगेटिव चार्ज है और आपका सिर पॉजीटिव चार्ज है, आपके सिर और दिशा के बीच एक सामंजस्यपूर्ण आकर्षण है. उत्तर दिशा में सिर करके सोने से, अपने शरीर की ऊर्जा को बाहर निकालने की बजाय, शरीर में स्वास्थ्य, सुख और समृद्धि को बढ़ावा देने वाली एनर्जी वाली दिशा में सोएं, मतलब है कि आपको दक्षिण दिशा में सिर करके तनकर सोना चाहिए.

Tags: Health, Health News, Lifestyle

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर