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यामी गौतम की बीमारी केरेटोसिस पिलारिस के बारे में जानते हैं आप, समझे इसका कारण और बचाव

यामी गौतम की बीमारी केरेटोसिस पिलारिस के बारे में जानते हैं आप, समझे इसका कारण और बचाव

यामी गौतम और केरेटोसिस पिलारिस की प्रतीकात्मक तस्वीर. (Image: Instagram)

यामी गौतम और केरेटोसिस पिलारिस की प्रतीकात्मक तस्वीर. (Image: Instagram)

Keratosis pilaris symptoms and prevention: हाल ही में फिल्म अभिनेत्री यामी गौतम ने इंस्टाग्राम पेज पर इस संबंध में अपने फोलॉअर्स के साथ यह जानकारी साझा की है. इस बीमारी में स्किन बेहद ड्राई हो जाती है और स्किन के फॉलिकल्स उभरे हुए दिखते हैं. कहीं-कहीं चकत्ते भी निकल आते हैं. इसके अलावा इसका रंग हल्का होने लगता है. एक तरह से कहा जाए तो स्किन देखने में नॉर्मल नहीं लगती है.

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    Keratosis pilaris symptoms and prevention: एक्ट्रेस यामी गौतम को स्किन से संबंधित बीमारी केरेटोसिस पिलारिस (Keratosis Pilaris) है. हाल ही में फिल्म अभिनेत्री यामी गौतम ने इंस्टाग्राम पेज पर इस संबंध में अपने फोलॉअर्स के साथ यह जानकारी साझा की है. यामी गौतम ने अपनी कुछ फोटो को इंस्टाग्राम पेज पर पेस्ट करते हुए लिखा है कि पहले स्किन की इस कंडीशन को लेकर मुझे शर्म महसूस होती थी लेकिन अब मुझमें इतनी हिम्मत आ गई है कि मैं इस सच्चाई को सबको बताऊं. उन्होंने लिखा है कि मुझे स्किन संबंधी केरेटोसिस पिलारस है. जब मैं टीनएज में थी, तभी से यह बीमारी मेरे साथ है. यह बीमारी जाने वाली भी नहीं है. यामी के इस साहस पर कई लोग उनकी तारीफ कर रहे हैं. दरअसल, यामी गौतम को जो बीमारी है उसमें स्किन बेहद ड्राई हो जाती है और स्किन के फॉलिकल्स उभरे हुए दिखते हैं. कहीं-कहीं चकत्ते भी निकल आते हैं. इसके अलावा इसका रंग हल्का होने लगता है. एक तरह से कहा जाए तो स्किन देखने में नॉर्मल नहीं लगती है. आइए इस बीमारी के बारे में जानते हैं.

    क्या है केरेटोसिस पिलारिस
    वेबएमडी की खबर के मुताबिक केरेटोसिस पिलारिस स्किन संबंधी एक सामान्य बीमारी है जिससे कोई नुकसान तो नहीं होता लेकिन अगर यह चेहरे पर हो जाए तो चेहरे की खूबसूरत मद्धिम पड़ सकती है. इसमें स्किन पर बहुत छोटे-छोटे फॉलिकल्स के कठोर उभार या चकत्ते निकल आते हैं. इस स्थिति में स्किन सैंडपेपर की तरह दिखने लगती है. यानी खुरदरा दिखने लगती है.

    क्यों होती है यह बीमारी
    केरेटोसिस पिलारिस तब बनता है जब स्किन के नीचे केरेटिन का निर्णाण शुरू हो जाता है. केरेटिन (keratin) वही प्रोटीन है जो स्किन को हानिकारिक चीजों और संक्रमण से रक्षा करता है. दरअसल, हेयर फॉलिकल्स के नीचे केरेटिन जमने लगता है और उपर की तरफ उठने लगता है. हालांकि डॉक्टरों को अब तक यह नहीं मालूम को केरेटिन क्यों बनने लगता है.

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    घरेलू बचाव का तरीका

    • अगर स्किन पर उभार निकल आएं तो इसे खरोंचे नहीं या इस रगड़ें नहीं.
    • नहाने के लिए या मुंह साफ करने के लिए गर्म नहीं बल्कि गुनगुने पानी का इस्तेमाल करें.
    • पानी में कम रहें.
    • ऐसे साबुन का इस्तेमाल करें जिसमें वसा या तेल मिला हो.
    • स्किन पर आराम से मॉइश्चर का इस्तेमाल करें.
    • टाइट कपड़े न पहनें.
    • एक्सोफोलिएट की मदद से स्किन के डेड सेल्स को हटाया जा सकता है.
    • मामला बिगड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें.

    Tags: Health, Lifestyle

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