मेनोपॉज में महिलाएं न लें टेंशन, इन खास फूड्स को खाने से रहेंगी हेल्दी

मेनोपॉज वाली महिलाओं की डाइट में साबुत अनाज भी जरूर होना चाहिए.

मेनोपॉज वाली महिलाओं की डाइट में साबुत अनाज भी जरूर होना चाहिए.

Food For Menopause: मेनोपॉज (Menopause) से गुजरने के दौरान शारीरिक और मानसिक सेहत की देखभाल जरूरी हो जाती है. ऐसे में एंटी इंफ्लैमेटरी फूड (Anti-Inflammatory-Food) आपको राहत देगा.

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मेनोपॉज (Menopause) यानी रजोनिवृत्ति वैसे तो मासिक धर्म (Menstruating) बंद होने के बाद महिलाओं में होने वाली सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, लेकिन इस दौरान महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और मानसिक बदलावों का सामना करना पड़ता है. अक्सर पीरियड्स अनियंत्रित हो जाते हैं,मसलन पूरी तरह बंद होने से पहले पीरियड्स कुछ महीनों या साल में एक बार आने लगते हैं. मेनोपॉज आमतौर पर 45 और 55 की उम्र के बीच होता है, लेकिन यह इस उम्र से पहले और बाद में भी हो सकता है. इस दौरान रात में पसीना आना, बेहद गर्मी महसूस होना, खराब एकाग्रता, चिंता, योनि का सूखना और मूड स्विंग्स होना आम है, लेकिन इस दौर में स्वस्थ आहार और नियमित व्यायाम  बेहतर महसूस करने में ही मदद नहीं देता बल्कि लंबे वक्त तक इसके फायदे सेहत पर दिखते हैं. ऐसे में अगर आप अपने खाने में एंटी इंफ्लैमेटरी फूड (Anti-Inflammatory-Food) शामिल कर लें तो आपका आधा काम ऐसे ही आसान हो जाता है. आज हम आपको ऐसे ही फूड के बारे में बताने जा रहे हैं.

बेरियांः

ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी और रैसबेरी प्राकृतिक पोषक तत्वों का एंटी इंफ्लैमेटरी पावरहाउस होती हैं. यह दिमाग को सेहतमंद रखने में मदद करती हैं. ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं.मेनोपॉज के दौरान एस्ट्रोजेन के कम हुए कार्डियोप्रोटेक्टिव फायदों को सलामत रखने में मदद करती है और हार्ट को सेहतमंद रखती हैं. इन बेरियों में एंटीऑक्सिडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं जो तनाव से निपटने में मदद करते हैं. इनसे मेनोपॉ़ज के दौरान नींद न आने की बीमारी से भी राहत मिलती है.



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सब्जियां और पत्तेदार सागः  

मेनोपॉज के दौरान फल और सब्जी खाना भी सेहत को फायदा देता है. विशेषकर पत्तेदार साग, गोभी, कैल, ब्रसेल्स स्प्राउट्स, और फूलगोभी जैसी सब्जियों का सेवन अधिक  करना चाहिए. ये हरी सब्जियां एस्ट्रोजन के लेवल को हेल्दी रखने में मददगार है जिससे पोस्टमेनोपॉज़ल महिलाओं में स्तन कैंसर के खतरे को कम करने में मदद मिलती है.

फलियां:

सोया जैसी फलियों में फाइटोएस्ट्रोजेन (Phytoestrogens) पाया जाता है. जो शरीर में  एस्ट्रोजन लेने वाले टिश्यूज की ऊतकों की प्रतिक्रिया को उत्तेजित कर मेनोपॉज से गुजर रही महिलाओं में हार्मोन के उतार-चढ़ाव को सही रखने में मददगार है. सोया हड्डियों की सेहत के लिए भी फायदेमंद है. काली बीन्स और किडनी बीन जैसी फलियां रक्त में शर्करा को कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाने में मदद करते हैं. कैल्शियम और विटामिन डी के भी अच्छे सोर्स हैं.

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साबुत अनाज:  

मेनोपॉज वाली महिलाओं की डाइट में साबुत अनाज भी जरूर होना चाहिए. साबुत अनाजों में कूटू और क्विन्वा जैसे अनाज जिनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन बी और मैग्नीशियम पाया जाता है. ये अनाज भी ग्लूटन फ्री होते हैं जिनमें अधिकांश पारंपरिक अनाज की तुलना में अधिक पोषण वैल्यू होती है.

सैमन:

ओमेगा -3 फैटी एसिड एंटी इंफ्लैमेटरी गुणों के लिए जाने जाते हैं और ऑयली फिश सैमन इनका बेहतरीन सोर्स है. ओमेगा -3 और फैटी एसिड ट्राइग्लिसराइड (Triglyceride) को सुधारने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है और महिलाओं का हार्ट भी स्वस्थ रखता है. रिसर्च में भी पाया गया है कि एंग्जाइटी और डिप्रेशन से उबारने के साथ ही ओमेगा -3 फैटी एसिड मिडलाइफ महिलाओं की मानसिक सेहत को बेहतर बनाने में मददगार है. शाकाहारी महिलाएं विकल्प के तौर पर ओमेगा -3 का सप्लीमेंट्स चुन सकती हैं.

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डार्क चॉकलेटः  

डार्क चॉकलेट मैग्नीशियम का एक बेहतरीन सोर्स है. यह तत्व महिलाओं को उनकी डाइट में पर्याप्त नहीं मिल पाता है. मैग्नीशियम मूड, नींद, हड्डियों की सेहत, नियमित रूप से मल त्याग और भी कई चीजों को सही रखने में मददगार होता है.

न करें ये काम:

मसालेदार भोजन, उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थ और फ़िज़ी ड्रिंक्स से परहेज करें.

संतृप्त वसा में कटौती करें. इन्हें असंतृप्त वसा से बदलें. मसलन खाना बनाते के लिए मक्खन की जगह जैतून के तेल का इस्तेमाल में लाएं.

शराब न पीएं और स्मोकिंग न करें.

ध्यान और सांस लेने के व्यायाम करें. ये शरीर और दिमाग को आराम देने में मदद कर सकते हैं.

जब भी संभव हो, साबुत अनाज,फलों और सब्जियों का ही सेवन करें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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