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कोरोना के बाद देश में दिल संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े– एक्सपर्ट

अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है. (सांकेतिक फोटो)

अधिकारियों ने बताया कि निगरानी की वजह से पिछले साल की तुलना में इस साल टीबी के मामलों की पहचान करने में मदद मिली है. (सांकेतिक फोटो)

Heart complication after covid-19: कोरोना के बाद हो रही समस्याएं और नियमित जांच नहीं करा पाने के कारण देश में दिल से संबंधित जटिलताएं बढ़ रही हैं.

  • News18Hindi
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    Heart complication after covid-19: देश में कोरोना के मामले में कमी आने लगी है, लेकिन कोरोना का खौफ अब तक लोगों के दिलो-दिमाग में छाया हुआ है. जो लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं, वे ठीक होने के बावजूद अब भी किसी न किसी तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं. जिन्हें अब तक कोरोना नहीं हुआ है, उनकी भी मुश्किलें कम नहीं हो रही. कोरोना के खौफ ने लोगों को कई तरह की परेशानियां दे दी है. आउटलुक की खबर के मुताबिक दिल्ली में इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने अपनी स्टडी के आधार पर बताया है, कोरोना के बाद देश में दिल से संबंधित जटिलताओं के मामले में काफी वृद्धि हुई है. अस्पताल ने कहा है कि उसके यहां कोविड-19 के बाद हार्ट डिजीज (Heart Problems) वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है. अस्पताल के डॉक्टरों ने दावा किया है कि आने वाले महीनों में दिल से संबंधित बीमारियों का बोझ बढ़ सकता है.

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    गतिहीन जीवनशैली बड़ा कारण
    इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन के चलते गतिहीन जीवन शैली ने कई लोगों में डायबिटीज, हाईपरटेंशन, स्मोकिंग और स्ट्रेस में वृद्धि की है, जिससे कार्डियो वैस्कुलर डिजीज (cardiovascular diseases) यानी दिल से संबंधित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. अस्पताल ने कहा कि महामारी ने लोगों को हेल्थ चेकअप के लिए बाहर जाने में झिझक पैदा कर दी है. कोरोनो वायरस संक्रमण की चपेट में आने के डर से अनेक लोग नियमित स्वास्थ्य जांच भी नहीं करा पा रहे हैं. ऐसे में जो लोग पहले से ही हार्ट डिजीज से पीड़ित हैं,  उन्होंने अब डॉक्टरों के पास जाना शुरू किया है.

    अपोलो अस्पताल के कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ मुकेश गोयल ने कहा, महामारी से पहले के समय की तुलना में, ओपीडी में आने वाले रोगियों की संख्या में तेज गिरावट आई है. इनमें वे मरीज भी शामिल हैं जो महामारी से पहले हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे. उन्होंने कहा, अब जाकर धीरे-धीरे लोग अस्पताल आ रहे हैं, इसलिए आने वाले समय में दिल से संबंधित बीमारियों का बोझ देश पर बढ़ जाएगा.

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    शरीर में सूजन के चलते जटिलताएं आ रही हैं
    अस्पताल ने एक बयान में कहा, कोविड के बाद होने वाली मायोकार्डिटिस (myocarditis ) जैसी दिल से संबंधित जटिलताओं के बारे में अस्पताल आने वालों की संख्या में वृद्धि हो रही है. बयान में कहा गया है कि संक्रमण से उबरने के बाद भी वायरस के कारण शरीर में होने वाली सूजन और क्षति के चलते लोगों को इस तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ रहा है. शरीर का कोई भी हिस्सा कमजोर होने पर इस तरह के नुकसान सामने आते है. अस्पताल के डॉक्टरों ने यह भी दावा किया कि आने वाले महीनों में हृदय रोग का बोझ कई गुना बढ़ सकता है.

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