कोरोना के लक्षण होने पर भी टेस्ट रिपोर्ट आ रही है नेगेटिव? तुरंत करें ये काम

आरटी पीसीआर परीक्षण कोरोना में विश्वसनीय परिणाम देता है लेकिन कभी-कभी ये 'फ़ॉल्स नेगेटिव' भी दे सकता है. Image Credit : Pexels/Polina Tankilevitch

आरटी पीसीआर परीक्षण कोरोना में विश्वसनीय परिणाम देता है लेकिन कभी-कभी ये 'फ़ॉल्स नेगेटिव' भी दे सकता है. Image Credit : Pexels/Polina Tankilevitch

कोरोना के सभी लक्षण (Coronavirus Symptoms) होते हुए भी कई लोगों का फॉल्‍स नेगेटिव (False Negative) रिजल्‍ट आ रहा है जिसे बिल्कुल भी इग्‍नोर नहीं करना चाहिए और अपने डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 12:27 PM IST
  • Share this:
Coronavirus Symptoms In Covid Negative Person : कोरोना (Coronavirus) के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं. नए वरिएंट में लोग तमाम प्रिकोर्शन फॉलो करने के बाद भी खुद को बचा नहीं पा रहे हैं. कई लोगों में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं लेकिन टेस्‍ट रिपोर्ट निगेटिव (Tested Negative) आ रही है. बुखार, सर्दी, बदन दर्द, अत्‍यधिक थकान, दस्‍त आदि कोरोना के लक्षण (Coronavirus Symptoms) है लेकिन डॉक्‍टर की सलाह पर जब टेस्‍ट कराया जा रहा है तो सब कुछ नॉर्मल दिख रहा है. अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है तो इसे इग्‍नोर मत की‍जिए और जहां तक हो सके खुद को घर पर सेल्‍फ आइसोलेशन में रखिए. दरअसल इन दिनों कई कोरोना के मरीज हैं जिनके रिपोर्ट फॉल्‍स आ रहे हैं जिसे मेडिकल टर्म में ‘फॉल्‍स निगेटिव’ कहा जा रहा है. TOI  के अनुसार, हालांकि टीआर-पीसीआर को कोरोना टेस्‍ट के लिए गोल्‍ड स्‍टैंडर का माना जा रहा है इसके बावजूद भी फॉल्‍स निगेटिव पॉसिबल है जो कई केसों में देखने को मिल रही है.

कैसे होता है कोरोना टेस्‍ट

बता दें कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए दो प्रकार के टेस्ट होते हैं: आरटी-पीसीआर और एंटीजन टेस्ट. दुनिया भर के डॉक्टर आरटी-पीसीआर को सबसे अच्छा टेस्ट मानते हैं. आरटी-पीसीआर का मतलब है रियल टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पॉलीमरेज़ चेन रिएक्शन. इस टेस्ट में नाक या गले से एक नमूना (स्वाब) लिया जाता है. मरीज़ की नाक या गले से स्वाब लेने के बाद उसे एक तरल पदार्थ में डाला जाता है. रूई पर लगा वायरस उस पदार्थ के साथ मिल जाता है और उसमें एक्टिव रहता है. फिर इस नमूने को टेस्ट के लिए लैब में भेजा जाता है.

इसे भी पढ़ें : ऑक्‍सीजन लेवल कम होगा तो शरीर में दिखेंगे ऐसे लक्षण, जानें कब है अस्‍पताल जाने की जरूरत




क्‍या है फॉल्स नेगेटिव



कई केस में लोगों को कोरोना के पूरे लक्षण दिख रहे हैं लेकिन आरटी-पीसीआर टेस्ट में रिजल्ट निगेटिव रहा है. जबकि कुछ दिनों बाद दुबारा टेस्ट में रिजल्‍ट पॉजिटिव आया है. विशेषज्ञों का कहना है कि आरटी पीसीआर परीक्षण कोरोना-संक्रमण के बारे में विश्वसनीय परिणाम देता है लेकिन कभी-कभी ये 'फ़ॉल्स निगेटिव' भी देता है जो दरअसल खतरनाक हो सकता है.  इस हाल में रोगी यहां वहां घूमता है और लोगों के संपर्क में आता है. ऐसे में संक्रमण फैलाने की संभावना बहुत ज्‍यादा हो जाती है.

क्‍यों आती है नेगेटिव रिपोर्ट

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, स्वाब लेने के दौरान चूक, स्वाब लेने का ग़लत तरीक़ा ,वायरस को सक्रिय रखने के लिए तरल पदार्थ की आवश्यक मात्रा में कमी होना, स्वाब के नमूनों का अनुचित ट्रांसपोर्टेशन फ़ॉल्स निगेटिव का कारण हो सकते हैं. इसके अलावा कभी-कभी मरीज़ के शरीर में वायरल लोड बहुत कम होता है जिस वजह से भी कई बार निगेटिव रिपोर्ट आ जाती है.

परीक्षण से पहले खाने या पीने से पड़ता है कोई असर?

बीबीसी से बातचीत के दौरान फोर्टिस-हीरानंदानी अस्पताल, मुंबई में इंटरनल मेडिसिन विभाग की निदेशक डॉ फराह इंगले ने बताया कि अगर मरीज़ ने कोविड -19 परीक्षण से पहले पानी पीया है या कुछ खाया है तो यह आरटी-पीसीआर के परिणाम को प्रभावित कर सकता है. इसके अलावा भी शरीर के कई तत्व टेस्ट पर असर डालते हैं.

इसे भी पढ़ें : कोरोना काल में बदल दें अपनी ये 6 बुरी आदतें, तभी संक्रमण से होगा बचाव

किन लक्षणों को इग्‍नोर नहीं करना चाहिए

अगर आपका कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई है इसके बावजूद आपमें कोविड के लक्षण दिख रहे हैं तो इसे बिलकुल इग्‍नोर ना करें. ये लक्षण होने पर तुरंत डॉक्‍टर से बात करें.

-स्‍वाद और स्‍मेल ना मिलना. इसे श्‍योर शॉट लक्षण माना जा रहा है.

-बुखार और ठंड लगना. मेडिसिन खाने के बाद भी अगर ये लक्षण है तो सतर्क हो जाएं.

-अत्‍यधिक थकान महसूस होना.

-गले में खराश रहना.

-दस्‍त होना या लगातार पेट में दर्द रहना.

लक्षण होने पर भी रिपोर्ट नेगेटिव हो तो क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आरटी-पीसीआर रिजल्ट निगेटिव है और फिर भी सभी लक्षण हैं तो मरीज़ को तुरंत आइसोलेट हो जाना चाहिए. घर पर भी मास्‍क लगाकर अलग रहिए. लगातार सभी लक्षणों पर नजर रखिए और ऑक्‍सीमीटर से ऑक्‍सीजन लेवल चेक करते रहिए. दो से तीन दिन बाद दुबारा से टेस्‍ट कराइए. डॉक्‍टर के संपर्क में रहिए और अगर फिर भी रिपोर्ट निगेटिव आए तो डॉक्‍टर की सलाह पर सीटी-स्कैन करा सकते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज