डाइट ड्रिंक और सोडा प्रजनन क्षमता को पहुंचा सकता है नुकसान, जानें कैसे

सोडा का अधिक सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी की क्षमता को कम करता है. Image-shutterstock.com

सोडा का अधिक सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी की क्षमता को कम करता है. Image-shutterstock.com

क्या आप जानते हैं कि सॉफ्ट ड्रिंक्स (Soft Drinks) का रोजाना सेवन बच्चे होने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है. प्रेग्नेंसी (Pregnancy) की प्लानिंग करने वाले कपल्स को इन पेय पदार्थों को पीने से बचना चाहिए. ये पेय पदार्थ हेल्थ को बिगाड़ने का काम करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 2:46 PM IST
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क्या आपको फिजी ड्रिंक्स (Fizzy Drinks) या डाइट कोला (Diet Cola) पसंद है? क्या आप मीठेपन के लिए चाय या कॉफी में चीनी लेना पसंद करते हैं? यदि ऐसा है, तो ये 'पेय' डाइट आपकी प्रेग्नेंसी प्लानिंग को बिगाड़ सकता है. क्या आपको पता हैं कि कृत्रिम मिठास या स्वीटनर (Sweetner) केमिकल आधारित होते हैं और सभी कृत्रिम मिठास से बने होते हैं. प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करते समय आपको कई तरह की बातों पर ध्यान देना पड़ता है लेकिन क्या आप जानते हैं या कभी आपने सोचा है कि आपके सॉफ्ट ड्रिंक्स का रोजाना सेवन बच्चे होने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है. प्रेग्नेंसी की प्लानिंग करने वाले कपल्स को इन पेय पदार्थों को पीने से बचना चाहिए. ये पेय पदार्थ हेल्थ को बिगाड़ने का काम करते हैं. एक रिसर्च के अनुसार फर्टिलिटी ट्रीटमेंट से गुजर रही महिलाओं ने पाया कि इन पेय पदार्थों में आमतौर पर पाए जाने वाले कृत्रिम मिठास या आर्टिफिशियल स्वीटनर के लगातार सेवन से बच्चे के गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है.

सोडा और प्रजनन क्षमता

सोडा और डाइट ड्रिंक प्रजनन योग्य पुरुषों और महिलाओं द्वारा सेवन किया जाने वाला सबसे लोकप्रिय पेय पदार्थों में से हैं. रिसर्च में पता चला है कि हर रोज एक सोडा पीने से पुरुषों और महिलाओं दोनों के फर्टिलिटी पावर में मासिक रूप से लगभग 20 से 25 प्रतिशत की कमी नजर आती है. इसका असर केवल नैचुरल प्रेग्नेंसी तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह IUI और IVF जैसे प्रजनन उपचार में भी बाधा बनती है. स्टडीज में पाया गया है कि सोडा का अधिक सेवन पुरुषों और महिलाओं दोनों में फर्टिलिटी की क्षमता को कम करता है. नियमित रूप से सोडा का सेवन करने वाले पुरुषों में स्पर्म काउंट कम होने लगता है जो कि फर्टिलिटी को प्रभावित करती है.

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इसके अलावा सोडा एक अम्लीय (एसिडिक) पेय है जो शरीर के पीएच लेवल को बदल देता है जो आगे चलकर प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है. आपको बता दें कि एस्पार्टेम एक आर्टिफिशियल सॉफ्टनर है जिसका इस्तेमाल अधिकतर सॉफ्ट ड्रिंक्स में किया जाता है. यह शरीर में मौजूद ग्लैंड्स के कामकाज को बदल सकता है और हॉर्मोनल असंतुलन के लिए जिम्मेदार होता है. अधिक सोडा के सेवन से फ्री रेडिकल्स की उत्पत्ति हो सकती है जिसके चलते कई शुक्राणु और अंडे खराब हो जाते हैं. इसके अलावा अधिकतर सॉफ्ट ड्रिंक्स कैफीन से भरपूर होते हैं जो पीरियड्स में होने वाले रक्तस्राव को कम करता है. ऐसे में महिलाओं की फर्टिलिटी की क्षमता कमजोर हो जाती है.

सोडा पीने के नुकसान

-सोडा में शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है, जिसके कारण अत्यधिक वजन बढ़ना, मोटापा, खराब पाचन की समस्या हो सकती है, जो प्रजनन क्षमता के लिए बेहद खराब है.



-सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक्स एडिटिव्स, प्रिजर्वेटिव्स, कोलोरेंट्स जैसे केमिकल्स से भरपूर होते हैं, जो फर्टिलिटी के लिए खराब हैं.

-सोडा के सेवन से महिलाओं में इनफर्टिलिटी और कम शुक्राणु एकाग्रता, वहीं पुरुषों में स्पर्म काउंड को कम करता है.

-अत्यधिक सोडा का सेवन शरीर में शुगर लेवल को बढ़ाता है और टाइप -2 डायबिटीज के जिम्मेदार हो सकता है. जो न केवल प्रजनन क्षमता के लिए खराब है, बल्कि गर्भावस्था के दौरान कई मुसीबतें खड़ी कर सकता है.

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-सोडा का सेवन एस्ट्रोजेन सहित शरीर में हॉर्मोनल लेवल को बाधित करता है, जो प्रेग्नेंसी की प्लानिंग को बिगाड़ सकता है.

-सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक पीना एक नशे की तरह है. यह पेट के स्वास्थ्य, हड्डी की ताकत और शरीर के विभिन्न अंगों पर नकारात्मक प्रभाव डालता है.
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