होम /न्यूज /जीवन शैली /

दोनों हाथों में अलग-अलग ब्लड प्रेशर की माप हो सकती है घातक: एक्सपर्ट

दोनों हाथों में अलग-अलग ब्लड प्रेशर की माप हो सकती है घातक: एक्सपर्ट

दोनों हाथों में बीपी की अलग-अलग माप किडनी और हार्ट के लिए सही नहीं है. (Image: shutterstock)

दोनों हाथों में बीपी की अलग-अलग माप किडनी और हार्ट के लिए सही नहीं है. (Image: shutterstock)

Different Blood Pressure Reading: दोनों हाथ में अलग-अलग बीपी की माप किडनी और हार्ट के लिए नुकसानदेह हो सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated :

    Different Blood Pressure Reading: क्या कभी आपने सोचा है कि ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) की माप दोनों हाथ में अलग-अलग हो सकती है. सुनकर थोड़ा आश्चर्य लग सकता है, लेकिन यह सच है. हालांकि दोनों हाथों के ब्लड प्रेशर की माप में मामूली अंतर हो, तो कोई खास फर्क नहीं पड़ता, लेकिन अगर अंतर बहुत ज्यादा है, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ मार्टिन स्कर (Martin Scurr ) कहते हैं, हमारे शरीर की रचना इस तरह से हुई है कि हमारे दाये हाथ के ब्लड प्रेशर की माप बाएं हाथ की तुलना में पांच प्वाइंट अधिक हो सकती है. दाये हाथ में जो खून का बहाव है, वह सीधा बायीं धमनी (Aorta) से आता है. एऑर्टा शरीर की मुख्य धमनी है, जो हार्ट से ऑक्सीजन युक्त ब्लड लेकर आती है. बाये हाथ में खून पहुंचने से पहले दो मुख्य धमनी के सहारे खून का बहाव दिमाग की ओर होता है. दिमाग में खून पहुचने के बाद ही शरीर के अन्य भागों में पहुंचता है. यही कारण है बाये हाथ तक खून के बहाव में दबाव कम हो जाता है.

    इसे भी पढ़ेंः खाने के बाद पेट में जलन और दर्द से रहते हैं परेशान, तो इन 3 घरेलू उपायों की लें मदद

    किडनी और हार्ट पर सीधा असर
    डॉ मार्टिन स्कर कहते हैं, दोनों हाथों में अगर बीपी (Blood Pressure) की माप में थोड़ा-बहुत अंतर है, तो कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन अगर ज्यादा है, तो यह कई बीमारियों की पूर्व सूचना हो सकती है. आमतौर पर दोनों हाथों के बीपी में 10 प्वाइंट का अंतर 4 प्रतिशत लोगों में हो सकता है, जबकि 11 प्रतिशत लोग हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हैं. अगर बीपी में अंतर ज्यादा है, तो यह किडनी और हार्ट खराब होने के पूर्व संकेत हो सकते हैं. किडनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करती है. दूसरी ओर ब्लड प्रेशर ज्यादा होने से खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ सकती है, जो धमनियों में खून के आवागमन को रोकता है. इससे हार्ट में खून का बहाव कम हो सकता है.

    इसे भी पढ़ेंः कोरोना खत्म होने को लेकर अगर मन में हैं सवाल, जानें क्या कहते हैं वैज्ञानिक

    कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत
    अगर बाये हाथ में बीपी बहुत ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि धमनी (artery) में कोलेस्ट्रॉल बहुत ज्यादा हो गया है और यह धमनी को ब्लॉकेज करने के लिए तैयार है. इस ब्लॉकेज के कारण बीपी की वास्तविक माप नहीं आती है. आमतौर पर बीपी की सामान्य माप 120/80 होती है, लेकिन अब 130 को भी सामान्य माने जाने लगा है. डॉ स्कर कहते हैं, आर्टिरी में किसी तरह की बाधा उत्पन्न होना हार्ट अटैक और स्ट्रोक की आशंका को कई गुना बढ़ा देती है, इसलिए हमें हर हाल में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम रखना.

    Tags: Health, Health tips, Lifestyle

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर